कृषि उपज मंडी में हावी है इंस्पेक्टर राज
ऑनलाइन व्यवस्था के बावजूद प्रवेश शुल्क और अलग-अलग कटौती पर सवाल

कृषि उपज मंडी में हावी है इंस्पेक्टर राज
किसान बेहाल, पर्चियों के नाम पर वसूली के आरोप
ऑनलाइन व्यवस्था के बावजूद प्रवेश शुल्क और अलग-अलग कटौती पर सवाल

कटनी,यशभारत। कृषि उपज मंडी में व्यवस्थाओं और कथित अनधिकृत वसूली को लेकर किसानों की शिकायतें सामने आ रही हैं। किसानों का आरोप है कि ऑनलाइन पर्ची व्यवस्था के बावजूद पर्ची और वाहन प्रवेश सहित अलग-अलग मदों में राशि ली जा रही है। कुछ किसानों ने गल्ला नहीं बिकने की स्थिति में भी 5 से 10 रुपये तक लिए जाने की शिकायत की है। किसानों ने अलग-अलग कृषि उपज पर ‘मुद्दत’ के नाम से होने वाली कटौती पर भी सवाल उठाए हैं। उनका कहना है कि गेहूं, धान और सरसों में एक प्रतिशत तक तथा अन्य उपज में अलग-अलग दर से कटौती की जाती है। किसानों का सवाल है कि जब उपज की बिक्री का मूल्य निर्धारित प्रक्रिया के तहत मिलता है, तो अलग-अलग जिंसों में कटौती की दर अलग क्यों है और इसका आधार क्या है।
मंडी में उपज की सुरक्षा को लेकर भी किसानों ने शिकायत की है। किसानों का कहना है कि उनकी उपज चोरी होने की घटनाएं सामने आती रही हैं। कर्मचारियों के स्थान पर गार्डों से काम लिए जाने, किसानों के लिए पर्याप्त ठहरने, पेयजल और भोजन की व्यवस्था नहीं होने तथा मंडी परिसर में आवारा मवेशियों की समस्या को लेकर भी नाराजगी है।
किसानों ने मंडी के कुछ इंस्पेक्टरों की कार्यप्रणाली पर भी सवाल उठाते हुए अनावश्यक परेशान किए जाने और वसूली के आरोप लगाए हैं। किसानों का कहना है कि मंडी में शुल्क और कटौती की पूरी प्रक्रिया पारदर्शी हो तथा निर्धारित शुल्क से अतिरिक्त कोई राशि नहीं ली जाए।
इनका कहना है।
मंडी में इंस्पेक्टरों की भूमिका अथवा किसानों से अनधिकृत वसूली की शिकायतों को गंभीरता से लिया जाएगा। शिकायतों की जांच कर जिम्मेदारी तय की जाएगी और नियम विरुद्ध वसूली या किसानों को अनावश्यक परेशान करने की पुष्टि होने पर संबंधित के विरुद्ध कार्रवाई सुनिश्चित की जाएगी।
जितेंद्र पटेल ,एसडीएम
भार साधक अधिकारी
कृषि उपज मंडी कटनी







