जबलपुरमध्य प्रदेश

मेडिकल कॉलेज अस्पताल में लंबी कतारें, घंटों इंतजार… सर्वर डाउन से मरीज परेशान

ओपीडी पंजीयन से जांच रिपोर्ट प्रभावित, ऑनलाइन व्यवस्था बेपटरी

जबलपुर, यशभारत। नेताजी सुभाष चंद्र बोस मेडिकल कॉलेज अस्पताल में सोमवार को तकनीकी खराबी के चलते हॉस्पिटल मैनेजमेंट इंफॉर्मेशन सिस्टम (एचएमआईएस) और ऑनलाइन पर्चा काउंटर का सर्वर ठप हो गया। सर्वर बंद रहने से अस्पताल की कई व्यवस्थाएं प्रभावित हुईं और मरीजों तथा उनके परिजनों को काफी परेशानियों का सामना करना पड़ा। ओपीडी में पंजीयन से लेकर पर्चा बनवाने और फीस जमा करने तक के लिए मरीजों को लंबी कतारों में खड़ा रहना पड़ा।

सर्वर में तकनीकी खराबी आने के बाद ऑनलाइन प्रक्रिया बाधित हो गई। इसके चलते ओपीडी में डॉक्टर को दिखाने के लिए पंजीयन कराने वाले मरीजों की संख्या बढ़ती गई। सर्वर काम नहीं करने की स्थिति में अस्पताल कर्मचारियों को मैन्युअल यानी कागजी प्रक्रिया से पर्चे तैयार करने पड़े। इस प्रक्रिया में सामान्य दिनों की तुलना में अधिक समय लगा और मरीजों को अपनी बारी के लिए लंबे समय तक इंतजार करना पड़ा।

पर्चा काउंटरों पर लगी लंबी कतारें

ऑनलाइन व्यवस्था ठप होने का सीधा असर पर्चा और फीस जमा करने वाले काउंटरों पर दिखाई दिया। मरीजों की भीड़ बढ़ने से कतारें लंबी हो गईं। कई मरीज अपने परिजनों के साथ काफी देर तक अपनी बारी का इंतजार करते रहे। दूर-दराज के ग्रामीण क्षेत्रों से इलाज के लिए पहुंचे मरीजों के लिए यह परेशानी और बढ़ गई।

जांच और रिपोर्ट की ऑनलाइन प्रक्रिया भी प्रभावित

सर्वर की तकनीकी समस्या का असर अस्पताल में होने वाली विभिन्न जांचों की ऑनलाइन एंट्री और रिपोर्टिंग पर भी पड़ा। ब्लड टेस्ट, एक्स-रे, सीटी स्कैन और एमआरआई जैसी जांचों से जुड़ी ऑनलाइन प्रक्रियाएं प्रभावित होने के कारण मरीजों को रिपोर्ट प्राप्त करने और आगे की उपचार प्रक्रिया में भी दिक्कतों का सामना करना पड़ा।

गंभीर मरीज और परिजन रहे ज्यादा परेशान

अस्पताल में इलाज के लिए दूर-दराज के गांवों से आने वाले मरीजों और उनके परिजनों को सर्वर की समस्या के कारण सबसे अधिक परेशानी झेलनी पड़ी। कई मरीजों को पर्चा बनवाने, जांच की प्रक्रिया पूरी कराने और रिपोर्ट संबंधी काम के लिए अतिरिक्त समय इंतजार करना पड़ा। अस्पताल की ऑनलाइन व्यवस्था पर निर्भर मरीजों को तकनीकी खराबी के चलते वैकल्पिक मैन्युअल व्यवस्था का सहारा लेना पड़ा।

तकनीकी व्यवस्था पर निर्भरता से बढ़ी परेशानी

मेडिकल कॉलेज अस्पताल जैसे बड़े स्वास्थ्य संस्थान में ऑनलाइन सिस्टम का महत्व लगातार बढ़ा है। ऐसे में सर्वर में तकनीकी खराबी आने पर पंजीयन, पर्चा, शुल्क जमा करने से लेकर जांच और रिपोर्टिंग तक की व्यवस्थाएं प्रभावित हो जाती हैं। मरीजों की परेशानी को देखते हुए ऐसी तकनीकी समस्याओं का जल्द समाधान और वैकल्पिक व्यवस्था को प्रभावी बनाए रखना जरूरी है।

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