बड़ी खबर : प्राचीन टेराकोटा और पत्थरों पर रहस्यमयी चरण-चिह्न: चरगाँव के पुरातात्विक महत्व का होगा वैज्ञानिक मूल्यांकन

मंडला।जिला मंडला के ग्राम चरगाँव क्षेत्र में खेतों एवं नदी तट के समीप प्राचीन एवं ऐतिहासिक महत्व की वस्तुएं मिलने की सूचना के संबंध में पुरातत्व, अभिलेखागार एवं संग्रहालय विभाग द्वारा आवश्यक कार्रवाई प्रारंभ की गई है।
प्राप्त सूचना के अनुसार क्षेत्र में लाल मिट्टी के प्राचीन मृद्भांडों के टुकड़े, टेराकोटा अवशेष तथा पत्थरों पर प्राचीन चरण-चिह्न पाए जाने की जानकारी सामने आई थी। उक्त सूचना के वैज्ञानिक परीक्षण एवं स्थल के संभावित पुरातात्विक महत्व के आकलन के लिए मध्यप्रदेश हेरिटेज डेवलपमेंट ट्रस्ट के माध्यम से मेसर्स कोलार डायनामिक्स, भोपाल को पुरातात्विक रीकॉनिसेंस सर्वे, प्रारंभिक अन्वेषण, हेरिटेज डॉक्यूमेंटेशन, वैज्ञानिक एवं तकनीकी मूल्यांकन तथा अनुशंसा प्रतिवेदन तैयार करने का कार्यादेश प्रदान किया गया है। वर्तमान में कोलार डायनामिक्स की विशेषज्ञ सर्वेक्षण टीम चरगांव क्षेत्र में पहुंचकर संभावित पुरातात्विक स्थलों एवं उपलब्ध अवशेषों का स्थल निरीक्षण और सर्वेक्षण कर रही है। टीम द्वारा क्षेत्र की भौगोलिक स्थिति, प्राप्त अवशेषों की प्रकृति, उनके विस्तार तथा वर्तमान स्थिति का वैज्ञानिक परीक्षण किया जा रहा है।
सर्वेक्षण के दौरान खेतों, नदी तट, पत्थरों पर अंकित चिह्नों तथा आसपास उपलब्ध संभावित पुरातात्विक साक्ष्यों का अध्ययन किया जा रहा है। इसके साथ ही जीपीएस सर्वे, जियो-टैगिंग, साइट मैपिंग तथा फोटोग्राफिक एवं वीडियोग्राफिक डॉक्यूमेंटेशन के माध्यम से आवश्यक तकनीकी आंकड़े संकलित किए जा रहे हैं। सर्वेक्षण एवं वैज्ञानिक मूल्यांकन के उपरांत स्थल के ऐतिहासिक एवं पुरातात्विक महत्व, संरक्षण की आवश्यकता तथा भविष्य में की जाने वाली कार्रवाई के संबंध में विस्तृत तकनीकी अनुशंसा प्रतिवेदन तैयार किया जाएगा। सर्वेक्षण कार्य में जिला प्रशासन, स्थानीय प्रशासन एवं संबंधित विभागों के समन्वय से आवश्यक जानकारी एवं सहयोग लिया जा रहा है।







