बैगा अंचल में रहस्यमय बीमारी का कहर : 39 बच्चे भर्ती

बालाघाट। जिले के बैगा आदिवासी अंचल में रहस्यमय बीमारी से लगातार बच्चों के बीमार होने के बाद अब प्रशासन की कार्यप्रणाली पर गंभीर सवाल खड़े हो रहे हैं। 13 अगस्त की रात 23 बच्चों को जिला अस्पताल में भर्ती कराया गया, जबकि वर्तमान में सिविल सर्जन डॉ. निलय जैन के अनुसार कुल 39 बच्चे अस्पताल में भर्ती हैं। इनमें 27 बच्चे बच्चा वार्ड और 12 बच्चे आईसीयू में बताए जा रहे हैं।
लेकिन सबसे बड़ा सवाल यह है कि अगर क्षेत्र में बीमारी लगातार फैल रही थी तो समय रहते स्वास्थ्य विभाग की निगरानी और रोकथाम की व्यवस्था क्यों नहीं की गई?
बैगा बहुल गांवों में बच्चों के लगातार बीमार होने की सूचना के बावजूद क्या स्वास्थ्य विभाग ने समय रहते घर-घर सर्वेक्षण और स्क्रीनिंग शुरू की थी?
अगर ये व्यवस्थाएं पहले से थीं तो फिर इतनी बड़ी संख्या में बच्चों को अस्पताल में भर्ती कराने की नौबत क्यों आई?
कांग्रेस जिलाध्यक्ष और क्षेत्रीय विधायक संजय उईके ने पिछले ढाई महीने में 19 बच्चों की मौत का दावा किया है, जबकि स्वास्थ्य विभाग 8 मौतों की पुष्टि कर रहा है।
पानी और स्वच्छता की व्यवस्था पहले क्यों नहीं सुधारी गई?
कलेक्टर कुमार सत्यम ने प्रभावित गांवों का दौरा कर छात्रावास की पानी की टंकी की सफाई, हैंडपंपों के आसपास स्वच्छता और पानी के क्लोरीनेशन के निर्देश दिए हैं।
लेकिन सवाल यह है कि इन व्यवस्थाओं की नियमित निगरानी पहले क्यों नहीं की गई?
अगर पानी की गुणवत्ता, टंकी की सफाई या हैंडपंपों के आसपास गंदगी बीमारी फैलने की संभावित वजह हो सकती है, तो प्रशासन ने पहले से इसकी जांच क्यों नहीं कराई?
घर-घर सर्वे अब शुरू हुआ
स्वास्थ्य विभाग की टीमें घुम्मर, कुंडेकसा, कोरका, बोंदारी, मछुरदा, धर्मशाला और गठिया सहित प्रभावित क्षेत्रों में घर-घर स्वास्थ्य सर्वेक्षण और स्क्रीनिंग कर रही हैं।







