मध्य प्रदेशराज्य

‘जिंदा’ को मुर्दा बताने वाली लापरवाही पड़ी भारी: अस्पताल में बड़ा प्रशासनिक फेरबदल

 

रीवा । संजय गांधी अस्पताल में लगातार इलाज में लापरवाही बरती जा रही है। डॉक्टरों के लापरवाही के कारण मरीजों को इसकी कीमत चुकानी पड़ रही है। विभागाध्यक्ष भी डॉक्टरों पर नियंत्रण नहीं रख पा रहे। नाइट ड्यूटी में भी डॉक्टर रोस्टर के हिसाब से नहीं पहुंच रहे थे। सिर्फ एसआर, जेआर और पीजी के भरोसे ही अस्पताल और मेडिसिन विभाग चल रहा था। इसी लापरवाही का नतीजा है कि संजय गांधी अस्पताल की छवि धूमिल हुई। मेडिसिन विभाग में ही भर्ती एक सीधी के मरीज को मृत घोषित कर दिया गया था। बाद में वह जिंदा निकला। बाद में फिर उसे गंभीर रोगी वार्ड में भर्ती किया गया था। इस मामले ने भी खूब तूल पकड़ा। कांग्रेस ने इस मामले पर भी हंगामा किया। एनएसयूआई ने करीब 4 घंटे संजय गाध्ंाी अस्पताल परिसर में हंगामा किया था। अधीक्षक की समझाइश और आश्वासन के बाद ही मामला शांत हुआ था।

 

इस मामले में नए डीन डॉ शशिधर गर्ग ने रविवार को ज्वाइन करते ही एक्शन लिया। एचओडी डॉ पीके बघेल को ही पद से हटा दिया। मेडिसिन विभाग में डॉ मनोज इंदूलकर वरिष्ठ हैं। उन्हें कुछ महीनों के लिए सिंगरौली मेडिकल कॉलेज भेज दिया गया था। इस दौरान एचओडी की जिम्मेदारी डॉ पीके बघेल को सौंप दी गई थी।

 

बाद में जब डॉ मनोज इंदूलकर लौटै तो वह उनके अंडर में ही काम कर रहे थे। एचओडी का प्रभार उन्हें वापस नहीं मिला था। नए डीन ने कार्रवाई करते हुए दोबारा से डॉ मनोज इंदूलकर का उनका सम्मान लौटाया। उन्हें एचओडी पद पर पदस्थ कर दिया है।

Related Articles

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

Back to top button