सेवारत शिक्षकों को टीईटी में राहत की तैयारी ऑनलाइन की जगह ऑफलाइन परीक्षा, जिला स्तर पर केंद्र बनाने पर सरकार का जोर

सेवारत शिक्षकों को टीईटी में राहत की तैयारी
ऑनलाइन की जगह ऑफलाइन परीक्षा, जिला स्तर पर केंद्र बनाने पर सरकार का जोर
भोपाल, यश भारत। मध्यप्रदेश के सेवारत शिक्षकों के लिए शिक्षक पात्रता परीक्षा टीईटी को लेकर राहत की खबर है। स्कूल शिक्षा मंत्री उदय प्रताप सिंह ने बताया कि शिक्षकों को ऑनलाइन परीक्षा में होने वाली तकनीकी परेशानियों से बचाने के लिए अब टीईटी ऑफलाइन मोड में कराने की तैयारी की जा रही है। मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव के निर्देश पर सरकार इस दिशा में आगे बढ़ रही है। दरअसल सुप्रीम कोर्ट के निर्देश के बाद शिक्षकों के लिए टीईटी अनिवार्य की गई है। इसके बाद ऑनलाइन परीक्षा और दूर दराज के संभागीय स्तर पर परीक्षा केंद्र बनाए जाने को लेकर शिक्षक संगठनों ने आपत्ति जताई थी। शिक्षकों की परेशानियों को देखते हुए सरकार अब जिला स्तर पर परीक्षा केंद्र उपलब्ध कराने पर भी विचार कर रही है। मंत्री उदय प्रताप सिंह ने कहा कि लंबे समय से सेवा दे रहे कई शिक्षक कंप्यूटर और ऑनलाइन परीक्षा प्रणाली में सहज नहीं हैं। ऐसे शिक्षकों को सुविधा देने के उद्देश्य से परीक्षा ऑफलाइन कराने की तैयारी है। इसके साथ ही टीईटी के लिए एनरोलमेंट की समय सीमा बढ़ाने की भी बात कही गई है।
परीक्षा रद्द नहीं होगी
सरकार ने स्पष्ट किया है कि टीईटी परीक्षा रद्द नहीं की जाएगी क्योंकि इसका आयोजन सुप्रीम कोर्ट के निर्देश के तहत किया जाना है। शिक्षकों को तैयारी के लिए पर्याप्त समय देने के साथ परीक्षा प्रक्रिया को सुविधाजनक बनाने के प्रयास किए जा रहे हैं।







