5 हत्याओं के मुख्य आरोपी को कलेक्टर ने जारी किया नोटिस,रेत विवाद से जुड़ी पांच लोगों की हत्या
आनंद सिंह लोधी की जनपद सदस्यता पर संकट

जबलपुर, यश भारत। मेरेगांव क्षेत्र में अवैध रेत खनन को लेकर हुए चर्चित पांचहरे हत्याकांड के मुख्य आरोपी और शहपुरा जनपद पंचायत के वार्ड क्रमांक 16 से निर्वाचित सदस्य आनंद सिंह लोधी की जनपद सदस्यता पर अब संकट गहरा गया है। जनपद पंचायत शहपुरा के प्रभारी मुख्य कार्यपालन अधिकारी आकाश सूत्रकार द्वारा जिला पंचायत को भेजे गए प्रतिवेदन के आधार पर कलेक्टर राघवेंद्र सिंह ने जेल में निरुद्ध आनंद सिंह लोधी को कारण बताओ नोटिस जारी कर जवाब मांगा है। मामले में प्रशासनिक स्तर पर कार्रवाई तेज होने से राजनीतिक हलकों में भी हलचल बढ़ गई है। मध्य प्रदेश पंचायत राज एवं ग्राम स्वराज अधिनियम, 1993 की धारा-39 के तहत गंभीर आपराधिक प्रकरणों में आरोपित जनप्रतिनिधियों के विरुद्ध पद से पृथक करने अथवा सदस्यता संबंधी कार्रवाई का प्रावधान है। हत्या सहित अन्य संगीन अपराधों में विचारण लंबित होने की स्थिति में सक्षम प्राधिकारी आवश्यक कार्रवाई कर सकता है। आनंद सिंह लोधी वर्तमान में हत्या के मामले में न्यायिक अभिरक्षा में हैं और इसी आधार पर उनके विरुद्ध वैधानिक प्रक्रिया आगे बढ़ाई जा रही है। प्रशासनिक सूत्रों के अनुसार जिला पंचायत स्तर पर प्राप्त प्रतिवेदन के बाद विधिक परीक्षण किया जा रहा है।
अवैध रेत स्टॉक जांच का मुख्य बिंदु ……..
दूसरी ओर मेरेगांव क्षेत्र में जब्त अवैध रेत के बड़े भंडार को लेकर भी स्थिति स्पष्ट नहीं हो सकी है। प्रशासन अब तक यह पता नहीं लगा पाया है कि रेत का वास्तविक स्वामी कौन है और उसके संरक्षण की जिम्मेदारी किस विभाग के पास है। बेलखेड़ा के समीप जबलपुर-भोपाल हाईवे किनारे लगभग 300 हाइवा रेत जब्त होने के बाद यह मामला सुर्खियों में आया था। स्थानीय स्तर पर यह भी चर्चा है कि इसी अवैध रेत के नियंत्रण को लेकर विवाद ने हिंसक रूप लिया।
इस संबंध में शहपुरा एसडीएम मदन सिंह रघुवंशी का कहना है कि कार्रवाई के लिए खनन विभाग सक्षम है, जबकि जिला खनिज अधिकारी सतीश मिश्रा के अनुसार जब्त रेत के निस्तारण की कार्रवाई माइनिंग कॉर्पोरेशन के अधिकार क्षेत्र में आती है। नरसिंहपुर जिले के सुआतला थाना क्षेत्र में राजेंद्र पटेल सहित पांच लोगों की डंपर से कुचलकर हत्या कर दी गई थी। जांच एजेंसियों के अनुसार यह घटना अवैध रेत खनन और उसके नियंत्रण को लेकर चल रहे विवाद से जुड़ी है। पुलिस ने इस बहुचर्चित मामले में आनंद सिंह लोधी को मुख्य आरोपियों में शामिल किया है। जनपद पंचायत शहपुरा के प्रभारी सीईओ आकाश सूत्रकार ने पुष्टि की है कि इस प्रकरण में आगे की वैधानिक कार्रवाई के लिए विस्तृत प्रतिवेदन जिला पंचायत को भेज दिया गया है।
एसडीएम करेंगे स्मार्ट सिटी हॉस्पिटल की जांच….
इधर, शहर के स्मार्ट सिटी हॉस्पिटल से जुड़े प्रकरण में जिला प्रशासन ने जांच की जिम्मेदारी एसडीएम गोरखपुर अनुराग सिंह को सौंपी है। अस्पताल का लाइसेंस हाल ही में निलंबित किया जा चुका है। चिकित्सक डॉ. अमित खरे के विरुद्ध लगातार मिल रही शिकायतों के बाद जांच शुरू की गई है। शिकायतों में आयुष्मान योजना के तहत सरकारी राशि के कथित दुरुपयोग तथा सड़क दुर्घटना मुआवजा प्रकरणों में अनियमितताओं के आरोप शामिल हैं। प्रशासन का कहना है कि जांच के आधार पर आगे की कार्रवाई की जाएगी तथा दोषी पाए जाने पर संबंधित लोगों के खिलाफ नियमानुसार कदम उठाए जाएंगे।







