लापरवाही थी या हादसा? दो मजदूरों की मौत ने खड़े किए बड़े सवाल
सुरक्षा इंतजामों की पोल खोल गया हादसा

जबलपुर,यशभारत। मदन महल थाना क्षेत्र के राइट टाउन स्थित टेलीकॉम फैक्ट्री परिसर में बुधवारको जर्जर दीवार और ढांचा ढहने से दो मजदूरों नसीम और अकबर की मौत ने सरकारी परिसरों में मजदूरों की सुरक्षा व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। दोनों मजदूर पिछले करीब 15 दिनों से परिसर में शेड और स्क्रैप हटाने के काम में लगे थे। काम के दौरान कमजोर दीवार और उससे जुड़ा ढांचा अचानक भरभराकर गिर पड़ा और दोनों मलबे में दब गए। जानकारी के अनुसार शेड और स्क्रैप हटाने का ठेका जयपुर की एएस स्टील फर्म को दिया गया था। अब सवाल यह है कि जिस परिसर में जर्जर ढांचे को हटाने का काम चल रहा था, वहां काम शुरू करने से पहले जोखिम का तकनीकी आकलन क्यों नहीं हुआ? क्या कमजोर दीवार को सुरक्षित करने के इंतजाम किए गए थे? मजदूरों को सुरक्षा उपकरण और आवश्यक प्रशिक्षण दिया गया था या नहीं?
बारिश बनी वजह तो सुरक्षा इंतजाम कहां थे?
फैक्ट्री के एसडीई एमएल मेहरा के अनुसार लगातार बारिश से दीवार कमजोर हुई और काम के दौरान ढह गई। बारिश हादसे की वजह रही हो सकती है, लेकिन इससे सुरक्षा व्यवस्था पर उठ रहे सवाल खत्म नहीं होते। यदि ढांचा जर्जर और कमजोर था तो मजदूरों को उसके आसपास काम करने की अनुमति किस आधार पर दी गई? क्या खतरनाक हिस्से को चिन्हित कर वहां प्रवेश रोका गया था?
15 दिन से चल रहा था काम
सबसे अहम बात यह है कि मजदूर एक-दो दिन से नहीं, बल्कि करीब 15 दिनों से परिसर में काम कर रहे थे। ऐसे में कार्यस्थल का निरीक्षण, सुरक्षा मानकों की निगरानी और ठेका एजेंसी की जिम्मेदारियों की जांच जरूरी है। हादसा महज दुर्घटना था या सुरक्षा में चूक का नतीजा, इसका जवाब जांच से सामने आएगा। मदन महल थाना प्रभारी उमेश यादव के अनुसार पुलिस ने मर्ग कायम कर जांच शुरू कर दी है। जांच में ठेका एजेंसी के साथ फैक्ट्री प्रबंधन और संबंधित जिम्मेदार अधिकारियों के बयान दर्ज़ होने के बाद दोषियों के खिलाफ मामला दर्ज़ किया जाएगा।







