परिजनों से नाराज होकर बिहार से भागा 10 वर्षीय मासूम, जबलपुर में भटका तो बोरिया गांव पहुंचा*
जिला पंचायत सदस्य की सूचना पर हरकत में आई कटंगी पुलिस

जबलपुर यशभारत। परिजनों से नाराज होकर पटना बिहार से घर से निकला 10 वर्षीय मासूम ट्रेन से कई किलोमीटर का सफर तय कर जबलपुर पहुंच गया। अनजान शहर में भटकते-भटकते वह कटंगी थाना क्षेत्र के बोरिया गांव जा पहुंचा। गांव में अकेले और परेशान हालत में घूम रहे बच्चे पर जब ग्रामीणों की नजर पड़ी तो उन्होंने मामले की जानकारी जिला पंचायत सदस्य ठाकुर सतेंद्र सिंह को दी। उन्होंने बिना देर किए कटंगी पुलिस को सूचना दी। सूचना मिलते ही पुलिस टीम मौके पर पहुंची और बच्चे को सुरक्षित अपने संरक्षण में लेकर पूछताछ शुरू की।
पुलिस के अनुसार पूछताछ में बच्चे ने बताया कि वह परिजनों से नाराज होकर पटना बिहार से घर से निकल आया था। अकेले सफर करते हुए वह जबलपुर पहुंच गया और इसके बाद रास्ता भटकने के कटंगी बाईपास पहुंचने के बाद बोरिया गांव पहुंच गया। मासूम के इस तरह अकेले दूसरे राज्य से निकलकर जबलपुर पहुंचने की जानकारी सामने आने के बाद पुलिस ने मामले को गंभीरता से लिया और तत्काल उसके परिजनों की तलाश शुरू की।
पूछताछ के बाद शुरू किया परिजनों से संपर्क
कटंगी पुलिस ने बच्चे से सहानुभूति पूर्वक उसकी पहचान, घर का पता और परिजनों के संबंध में जानकारी जुटाई। बच्चे द्वारा दी गई प्रारंभिक जानकारी के आधार पर पुलिस ने संपर्क स्थापित करने के प्रयास शुरू किए। लगातार प्रयास के बाद पुलिस ने उसके परिजनों से संपर्क कर उन्हें बच्चे के सकुशल मिलने की जानकारी दी। मासूम के मिलने की खबर सुनकर परिजनों ने राहत की सांस ली।
पुलिस ने आवश्यक प्रारंभिक कार्रवाई पूरी करने के बाद बच्चे को सुरक्षित परिजनों के सुपुर्द किया। इसके बाद परिजनों से संपर्क कर नाबालिग को पटना, बिहार भेजने की व्यवस्था की गई, ताकि वह सुरक्षित अपने घर पहुंच सके।
समय पर सूचना मिलने से टली बड़ी घटना
यदि समय रहते ग्रामीणों और जनप्रतिनिधि की नजर बच्चे पर नहीं पड़ती तो वह और अधिक दूर भटक सकता था। ऐसे में उसके साथ किसी अप्रिय घटना की आशंका से भी इंकार नहीं किया जा सकता था। जिला पंचायत सदस्य ठाकुर सतेंद्र सिंह द्वारा तत्काल पुलिस को सूचना दिए जाने और पुलिस की तत्परता से मासूम को सुरक्षित बरामद कर लिया गया।
इनकी रही अहम भूमिका
पूरी कार्रवाई में कटंगी पुलिस थाना प्रभारी गोपेंद्र राजपूत एवं आरक्षक लोकेंद्र अहिरवार, आरक्षक गीतेश एवं 112 के पायलट इस्लाम खान सहित पुलिस स्टाफ की अहम भूमिका रही। पुलिसकर्मियों ने मौके पर पहुंचकर बच्चे को विश्वास में लिया और धैर्यपूर्वक पूछताछ कर उसके परिजनों तक पहुंचने की प्रक्रिया पूरी की। पुलिस की तत्परता और सूझबूझ से मासूम को सुरक्षित उसके परिवार तक पहुंचाया जा सका।
पुलिस की तत्परता की सराहना
मासूम के सकुशल मिलने और परिजनों तक पहुंचाए जाने के बाद परिवार ने पुलिस की कार्रवाई के प्रति राहत और संतोष व्यक्त किया। वहीं स्थानीय लोगों ने भी पुलिसकर्मियों की तत्परता की सराहना की। घटना ने एक बार फिर यह साबित किया कि किसी नाबालिग के लापता होने अथवा घर से निकल जाने की सूचना मिलने पर समय पर पुलिस को जानकारी देना बेहद जरूरी है।







