1500 रुपये में ‘ईमान’ नीलाम : लोकायुक्त की बड़ी कार्यवाही , केस खत्म कराने के नाम पर मांगी रिश्वत , उप तहसील कार्यालय का बाबू रंगे हाथ गिरफ्तार

सिवनी यश भारत:-सिवनी जिले के केवलारी तहसील अंतर्गत उप तहसील उगली कार्यालय में सोमवार को लोकायुक्त पुलिस ने रिश्वतखोरी के एक मामले में कार्रवाई करते हुए बाबू का कार्य कर रहे एक कर्मचारी को 1500 रुपये की रिश्वत लेते हुए रंगे हाथों गिरफ्तार किया। कार्रवाई के बाद कार्यालय परिसर में कुछ देर तक अफरा-तफरी का माहौल बना रहा और मामले की जानकारी मिलते ही लोगों की भीड़ भी मौके पर जुट गई।
जानकारी के अनुसार,सुरेखा खुर्द निवासी 34 वर्षीय रीना ठाकरे का अपने पड़ोसी से विवाद हुआ था।इस मामले में थाना उगली द्वारा उनके और परिवार के अन्य सदस्यों के विरुद्ध प्रकरण दर्ज कर इस्तगासा उप तहसील कार्यालय उगली में प्रस्तुत किया गया था। आरोप है कि इस प्रकरण को समाप्त कराने के एवज में ग्राम पौड़ी के कोटवार कमलेश गनवीर,जो उप तहसील कार्यालय में बाबू का कार्य भी कर रहा था, ने रीना ठाकरे से 3000 रुपये रिश्वत की मांग की थी।
रिश्वत की मांग से परेशान होकर रीना ठाकरे ने जबलपुर लोकायुक्त कार्यालय में शिकायत दर्ज कराई।शिकायत मिलने के बाद लोकायुक्त टीम ने मामले का सत्यापन कराया, जिसमें आरोपी द्वारा रिश्वत मांगने की पुष्टि हुई। इसके बाद योजनाबद्ध तरीके से सोमवार को ट्रैप की कार्रवाई की गई।
लोकायुक्त की टीम ने उप तहसील कार्यालय उगली में जाल बिछाकर जैसे ही कमलेश गनवीर ने शिकायतकर्ता से 1500 रुपये की पहली किस्त ली, टीम ने उसे मौके पर ही रंगे हाथों पकड़ लिया। कार्रवाई के दौरान रिश्वत की राशि भी बरामद कर ली गई और आवश्यक कानूनी प्रक्रिया पूरी की गई।
लोकायुक्त अधिकारियों ने आरोपी के विरुद्ध भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम, 1988 (संशोधित 2018) की संबंधित धाराओं के तहत प्रकरण दर्ज कर आगे की कार्रवाई शुरू कर दी है। ट्रैप कार्रवाई का नेतृत्व निरीक्षक रेखा प्रजापति ने किया, जबकि निरीक्षक शशिकला मर्सकोले सहित जबलपुर लोकायुक्त की टीम इसमें शामिल रही।
लोकायुक्त की इस कार्रवाई को भ्रष्टाचार के खिलाफ सख्त संदेश माना जा रहा है। अधिकारियों ने नागरिकों से भी अपील की है कि यदि कोई शासकीय अधिकारी या कर्मचारी किसी कार्य के बदले रिश्वत की मांग करता है, तो उसकी शिकायत लोकायुक्त से करें, ताकि ऐसे मामलों में प्रभावी कार्रवाई की जा सके।







