ई बसों का ट्रायल रहा सफल, आज तीन रूटों पर हुआ संचालन, अगस्त में बेड़े में शामिल होंगी 20 और बसें

ई बसों का ट्रायल रहा सफल, आज तीन रूटों पर हुआ संचालन, अगस्त में बेड़े में शामिल होंगी 20 और बसें
भोपाल, यश भारत। राजधानी भोपाल में पर्यावरण अनुकूल और आधुनिक सार्वजनिक परिवहन व्यवस्था की दिशा में सोमवार को एक महत्वपूर्ण कदम आगे बढ़ा। पहले चरण में 10 ई-बसों को तीन प्रमुख रूटों पर उतारा गया है। जिन यात्रियों ने सफर किया उनसे फीडबैक भी लिया गया है। इससे पहले पांच दिनों तक इन बसों को बिना यात्रियों के चलाकर तकनीकी और व्यावहारिक कमियों को परखा गया था। ई-बसों का संचालन प्रतिदिन दो शिफ्टों में किया जा रहा है। पहली शिफ्ट सुबह 8 बजे से दोपहर 12 बजे तक, जबकि दूसरी शिफ्ट दोपहर 2 बजे से शाम 6 बजे तक रहेगी। यात्रियों से परिवहन विभाग द्वारा वर्ष 2022 में अनुमोदित किराया ही लिया जाएगा। यानी नई सेवा शुरू होने के बावजूद यात्रियों पर अतिरिक्त किराए का बोझ नहीं पड़ेगा। यात्री निर्धारित किराया देकर ई-बसों में सफर कर सकेंगे।
तीन प्रमुख रूटों पर दौड़ रही बसें
यात्रियों की सुविधा और शहर के व्यस्त मार्गों को ध्यान में रखते हुए ई-बसों का संचालन तीन रूटों पर शुरू किया गया है। पहला रूट चिरायु अस्पताल से डीबी मॉल मेट्रो स्टेशन वाया बैरागढ़ चिचली रखा गया है। दूसरा रूट चिरायु अस्पताल से डीबी मॉल मेट्रो स्टेशन तक रहेगा। वहीं तीसरा रूट चिरायु अस्पताल से कोच फैक्टरी तक निर्धारित किया गया है।
इन रूटों पर बसों के संचालन से यात्रियों को सार्वजनिक परिवहन का एक नया विकल्प मिलने की उम्मीद है। खासतौर पर मेट्रो स्टेशन, अस्पताल और शहर के प्रमुख इलाकों के बीच आने-जाने वाले यात्रियों को इसका फायदा मिल सकता है। ट्रायल के दौरान बसों की गति, चार्जिंग, यात्री सुविधा, रूट पर संचालन और समय-सारिणी जैसी व्यवस्थाओं को भी परखा जा रहा है।
अगस्त में 20 और बसें आने की संभावना
भोपाल में इलेक्ट्रिक बसों के बेड़े को और विस्तार देने की तैयारी है। प्रथम चरण में अब तक 21 इलेक्ट्रिक बसें शहर पहुंच चुकी हैं। अगस्त के पहले सप्ताह तक 20 और नई ई-बसें बेड़े में शामिल होने की संभावना है। इसके बाद शहर में इलेक्ट्रिक बसों की संख्या बढ़ेगी और सार्वजनिक परिवहन व्यवस्था को और मजबूती मिलेगी।
बैरागढ़ डिपो में चार्जिंग की व्यवस्था
ई-बसों के संचालन के लिए बैरागढ़ डिपो में चार्जिंग की विशेष व्यवस्था की गई है। यहां 11 चार्जर पॉइंट स्थापित किए गए हैं, ताकि बसों को समय पर चार्ज कर रूट पर भेजा जा सके। ट्रायल के दौरान चार्जिंग व्यवस्था की क्षमता और बसों के संचालन के बीच तालमेल को भी जांचा जा रहा है। यात्री ट्रायल के सफल रहने के बाद ई-बसों का पूर्णकालिक व्यावसायिक संचालन शुरू किए जाने की तैयारी है। इससे राजधानी में प्रदूषण कम करने के साथ सार्वजनिक परिवहन को आधुनिक, सुविधाजनक और पर्यावरण अनुकूल बनाने की दिशा में महत्वपूर्ण बदलाव आने की उम्मीद है।
सफल संचालन किया जा रहा
लोगों की सुविधा के लिए राजधानी में ई बसों का संचालन सोमवार से शुरू कर दिया गया है। ट्रायल पूरी तरह सफल रहा है। किसी भी तरह की परेशानी ई बसों के संचालन में नहीं आई है।
– अंजू अरुण कुमार, सीईओ, बीसीएलएल






