जिला अधिवक्ता संघ चुनाव: विवाद के बाद नई एडहॉक समिति गठित
15 दिन में पूरी होगी शेष प्रक्रिया

जबलपुर, यशभारत। जिला अधिवक्ता संघ चुनाव में मतदान के दौरान हुए विवाद और चुनाव प्रक्रिया रद्द होने के बाद मध्यप्रदेश राज्य अधिवक्ता परिषद ने बड़ा फैसला लेते हुए सात सदस्यीय एडहॉक समिति का गठन कर दिया है। परिषद ने अधिवक्ता दिनेश उपाध्याय को नया मुख्य चुनाव अधिकारी नियुक्त करते हुए निर्देश दिए हैं कि मतदान से आगे की शेष चुनाव प्रक्रिया अधिकतम 15 दिनों के भीतर निष्पक्ष, पारदर्शी और शांतिपूर्ण वातावरण में पूरी कराई जाए।
गौरतलब है कि 20 जुलाई को जिला अधिवक्ता संघ के चुनाव के लिए मतदान शुरू हुआ था, लेकिन फर्जी मतदान के आरोपों और हंगामे के कारण चुनाव प्रक्रिया बीच में ही रोकनी पड़ी। विवाद के बाद मुख्य चुनाव अधिकारी ने भी अपने पद से इस्तीफा दे दिया था। मामले की गंभीरता को देखते हुए पूरा प्रकरण मध्यप्रदेश राज्य अधिवक्ता परिषद के समक्ष पहुंचा।
परिषद को बड़ी संख्या में अधिवक्ताओं की ओर से शिकायतें और आवेदन प्राप्त हुए, जिनमें नई समिति बनाकर शेष चुनाव प्रक्रिया पूरी कराने की मांग की गई थी। इसी दौरान जिला अधिवक्ता संघ की तीन सदस्यीय अपील समिति ने भी अपना इस्तीफा सौंपते हुए नई व्यवस्था बनाने का अनुरोध किया।
सभी पहलुओं पर विचार करने के बाद परिषद की विशेष समिति ने सात सदस्यीय एडहॉक समिति गठित की है। वरिष्ठ अधिवक्ता प्रहलाद चौधरी को समिति का संयोजक तथा राजकुमार दुबे को सह-संयोजक बनाया गया है। समिति में संपूर्ण तिवारी, सुनील चौबे, अभय सिंह ठाकुर, प्रवीण चतुर्वेदी और अरविंद कुमार चौधरी को सदस्य के रूप में शामिल किया गया है। यही समिति अब चुनाव की शेष प्रक्रिया का संचालन करेगी।
परिषद ने अधिवक्ता दिनेश उपाध्याय को नया मुख्य चुनाव अधिकारी नियुक्त करते हुए जिला अधिवक्ता संघ की वर्तमान कार्यकारिणी और कार्यालय को आवश्यक सहयोग उपलब्ध कराने के निर्देश भी दिए हैं। परिषद ने स्पष्ट किया है कि पिछली घटनाओं से सबक लेते हुए इस बार चुनाव पूरी पारदर्शिता और निष्पक्षता के साथ संपन्न कराया जाएगा, ताकि अधिवक्ताओं का चुनाव प्रक्रिया पर विश्वास कायम रहे।
15 दिन में पूरी करनी होगी चुनाव प्रक्रिया
राज्य अधिवक्ता परिषद ने नई एडहॉक समिति को स्पष्ट निर्देश दिए हैं कि मतदान से आगे की संपूर्ण चुनाव प्रक्रिया 15 दिनों के भीतर पूरी की जाए। साथ ही चुनाव के दौरान निष्पक्षता, पारदर्शिता और अधिवक्ताओं के बीच सौहार्दपूर्ण वातावरण बनाए रखने पर विशेष जोर दिया गया है। अब अधिवक्ताओं की निगाह नई मतदान तिथि की घोषणा पर टिकी हुई है, जिसके बाद जिला अधिवक्ता संघ को नई कार्यकारिणी मिल सकेगी।








