जबलपुर : जागरूकता से घटी ‘क्रूरता’, 2023 में 150, तो 2026 में सिर्फ 41; जबलपुर में बेअसर हुआ सपेरों का नेटवर्क

जबलपुर| नागपंचमी एवं सावन पर्व के दृष्टिगत वन विभाग जबलपुर ने वन्यजीव संरक्षण की दिशा में बड़ी और त्वरित कार्रवाई की है। मुख्य वन संरक्षक मस्तराम बघेल, वनमंडल अधिकारी पुनीत सोनकर और उपवनमंडल अधिकारी आकाश साहू के मार्गदर्शन एवं निर्देशन में वन परिक्षेत्र अधिकारी जबलपुर अपूर्व प्रखर शर्मा के नेतृत्व में चलाए गए विशेष अभियान के तहत अब तक लगभग 41 सांपों को सुरक्षित रेस्क्यू कर लिया गया है।
रेस्क्यू किए गए सांपों में अधिकांश कोबरा
विभाग द्वारा की गई इस छापामार कार्रवाई में पकड़े गए सांपों में अधिकांश अत्यधिक विषैले कोबरा (नाग) प्रजाति के हैं, जबकि कुछ धामन प्रजाति के सांप भी शामिल हैं। इस पूरे अभियान को परिक्षेत्र सहायक गुलाब सिंह, विभागीय रेस्क्यू दल, गैर-सरकारी संगठनों (NGO), स्थानीय सर्पमित्रों और समस्त वन अमले के संयुक्त सहयोग से सफलतापूर्वक अंजाम दिया गया।
लगातार घट रहे अवैध प्रदर्शन के मामले
वन विभाग की लगातार निगरानी और सख्त कानूनी कार्रवाई के चलते शहर में सांपों के अवैध प्रदर्शन और तस्करी के मामलों में भारी गिरावट दर्ज की गई है:
वर्ष 2023: लगभग 150 सांप रेस्क्यू
वर्ष 2024: लगभग 65 सांप रेस्क्यू
वर्ष 2025: 75 सांप रेस्क्यू
वर्ष 2026 (आज तक): 41 सांप रेस्क्यू
आंकड़ों में आ रही यह कमी दर्शाती है कि विभाग द्वारा चलाए जा रहे निरंतर जन-जागरूकता अभियानों और कड़ी कानूनी कार्रवाई से सपेरों व अवैध वन्यजीव कारोबारियों में भय का माहौल बना है। वन अधिकारियों ने स्पष्ट किया है कि वन्यजीवों को बंधक बनाना या उनका व्यावसायिक प्रदर्शन करना गैर-कानूनी है और आगे भी यह अभियान पूरी सख्ती से जारी रहेगा।






