कोहेफिजा थाने के टू-आईसी के.जी. शुक्ला सस्पेंड, भ्रष्टाचार और अपराधियों से मिलीभगत के गंभीर आरोप, विभागीय जांच शुरू

कोहेफिजा थाने के टू-आईसी के.जी. शुक्ला सस्पेंड, भ्रष्टाचार और अपराधियों से मिलीभगत के गंभीर आरोप, विभागीय जांच शुरू
भोपाल, यशभारत। राजधानी भोपाल के कोहेफिजा थाने के टू-आईसी के.जी. शुक्ला को तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया गया है। यह सख्त कार्रवाई उनके खिलाफ लंबे समय से मिल रही गंभीर शिकायतों और जांच रिपोर्ट के आधार पर की गई है।
पुलिस अधिकारियों से मिली जानकारी के अनुसार, के.जी. शुक्ला के काम करने के तरीके, कार्यप्रणाली और कुछ संदिग्ध अपराधियों व असामाजिक तत्वों से मिलीभगत की शिकायतें लगातार आला अधिकारियों तक पहुंच रही थीं। इन्हीं प्राथमिक शिकायतों को गंभीरता से लेते हुए विभाग ने उनके खिलाफ विभागीय जांच शुरू की और निलंबन की कार्रवाई की।
उल्लेखनीय है कि करीब एक महीने पहले ही के.जी. शुक्ला को कोहेफिजा थाना प्रभारी के पद से हटाकर टू-आईसी बनाया गया था। उस समय भी उनकी कार्यशैली को लेकर कई सवाल उठे थे, जिसके बाद से ही वरिष्ठ अधिकारी उनकी गतिविधियों पर नजर रख रहे थे।
सूत्रों के मुताबिक, कोहेफिजा थाना क्षेत्र में कुछ अवैध और अनैतिक काम संचालित होने की शिकायतें भी सामने आई थीं। आरोप है कि इन गतिविधियों पर थाना स्तर से कोई ठोस कार्रवाई नहीं की जा रही थी। अब पुलिस की विशेष टीम इस बात की बारीकी से जांच कर रही है कि इन अवैध धंधों को शह देने में के.जी. शुक्ला की भूमिका किस स्तर पर थी।
थाने के अन्य पुलिसकर्मी भी जांच के दायरे में
इस पूरे मामले में केवल के.जी. शुक्ला ही नहीं, बल्कि कोहेफिजा थाने में पदस्थ कुछ अन्य पुलिसकर्मियों की भूमिका भी संदेह के घेरे में है। वरिष्ठ अधिकारी यह पता लगा रहे हैं कि इस लापरवाही या मिलीभगत में उनके साथ और कौन-कौन शामिल था। यदि जांच में किसी अन्य पुलिसकर्मी की संलिप्तता पाई जाती है, तो उनके खिलाफ भी निलंबन और दंडात्मक कार्रवाई की जाएगी।
जांच के बाद होगा अंतिम फैसला
पुलिस विभाग के आला अधिकारियों का कहना है कि वर्तमान में के.जी. शुक्ला निलंबित रहेंगे और उनके खिलाफ विभागीय जांच तेजी से पूरी की जाएगी। जांच में जो भी पुख्ता सबूत और तथ्य सामने आएंगे, उसी के आधार पर आगे बर्खास्तगी या अन्य वैधानिक कानूनी कार्रवाई तय की जाएग







