भोपालमध्य प्रदेश

ट्विशा मौत मामला – आज 80 किलो की डमी से क्राइम सीन रीक्रिएट करेगी सीबीआई

ट्विशा मौत मामला – आज 80 किलो की डमी से क्राइम सीन रीक्रिएट करेगी सीबीआई

– आरोपी पति समर्थ की 5 दिन की जबलपुर फरारी का खुलेगा राज, मददगार भी रडार पर

– प्रेग्नेंसी को लेकर शंका के चलते विवाद की बात आई सामने, केस में तीसरे शख्स की एंट्री

भोपाल, यशभारत। पूर्व मॉडल और अभिनेत्री ट्विशा शर्मा मौत मामले की जांच कर रही केंद्रीय जांच ब्यूरो की टीम सोमवार को बड़ा कदम उठाने जा रही है। मामले की तह तक जाने के लिए दिल्ली से आई सीबीआई की पांच सदस्यीय टीम कटारा हिल्स स्थित घटनास्थल पर क्राइम सीन रीक्रिएट करेगी। इसके लिए विशेष रूप से मृतका के वजन के अनुरूप करीब 80 किलोग्राम का डमी पुतला तैयार कराया गया है।

सीबीआई इस पूरी प्रक्रिया के दौरान आरोपी पति समर्थ सिंह और उसकी मां व रिटायर्ड जज गिरिबाला सिंह को भी मौके पर मौजूद रखेगी, ताकि घटनाक्रम की कडिय़ों को जोड़ा जा सके। कार्रवाई के मद्देनजर रिटायर्ड जज के बंगले के आसपास भारी पुलिस बल तैनात कर सुरक्षा बढ़ा दी गई है।

तीन बिंदुओं पर टिकी जांच, 34 मिनट का वीडियो अहम
सीबीआई की जांच फिलहाल तीन प्रमुख बिंदुओं पर केंद्रित है – क्राइम सीन से कथित छेड़छाड़, सीसीटीवी फुटेज और डिजिटल साक्ष्य। एजेंसी यह पता लगाने का प्रयास कर रही है कि 12 मई की रात घटना के बाद क्या साक्ष्यों को प्रभावित या गायब करने की कोशिश की गई थी? इस मामले में घटना के तुरंत बाद एक कांस्टेबल द्वारा बनाई गई 34 मिनट की वीडियोग्राफी को सीबीआई बेहद अहम मान रही है। इस डिजिटल साक्ष्य के तकनीकी विश्लेषण से वास्तविक तस्वीर साफ होने की उम्मीद है।

प्रेग्नेंसी पर शंका और तीसरे किरदार की एंट्री
सीबीआई की अब तक की पड़ताल में इस हाईप्रोफाइल मौत के पीछे की वजह भी धीरे-धीरे साफ हो रही है। बताया जा रहा है कि ट्विशा की प्रेग्नेंसी को लेकर पति समर्थ सिंह को कुछ शंकाएं थीं, जिसके कारण दोनों के बीच अक्सर विवाद होता था। केस के 19वें दिन जांच में एक तीसरे व्यक्ति का नाम भी सामने आया है, जिसके बाद सीबीआई ने अपनी जांच का दायरा बढ़ा दिया है।

फरारी काटने में किसने की मदद?
सीबीआई को जांच में पता चला है कि वारदात के बाद आरोपी समर्थ सिंह करीब तीन दिन तक भोपाल में ही छिपा रहा और इसके बाद पांच दिनों तक जबलपुर में फरारी काटी। सीबीआई अब उस पूरे नेटवर्क को खंगाल रही है, जिसने लुकआउट नोटिस जारी होने के बावजूद समर्थ को शरण दी और उसकी मदद की।

बता दें कि बीते 12 मई को ट्विशा का शव संदिग्ध परिस्थितियों में फंदे पर लटका मिला था। परिजनों के भारी हंगामे और प्रदर्शन के बाद मध्य प्रदेश सरकार ने मामले की जांच सीबीआई को सौंपी थी। 26 मई को केस टेकओवर करने के बाद सीबीआई तेजी से एक्शन में है। इस बीच, जबलपुर हाईकोर्ट ने आरोपी समर्थ सिंह की मां गिरिबाला सिंह को जिला कोर्ट से मिली अग्रिम जमानत को भी रद्द कर दिया है, जिससे आने वाले दिनों में उनकी मुश्किलें भी बढ़ सकती हैं।

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