ट्विशा शर्मा मामले क़ी जांच में सामने आई लापरवाही, 13 दिन बाद जब्त हुए लैपटॉप-मोबाइल, आज कोर्ट में अहम सुनवाई

ट्विशा शर्मा मामले क़ी जांच में सामने आई लापरवाही, 13 दिन बाद जब्त हुए लैपटॉप-मोबाइल, आज कोर्ट में अहम सुनवाई
भोपाल, यशभारत। अभिनेत्री और माॉडल ट्विशा शर्मा क़ी मौत के मामले में पुलिस और एसआईटी की शुरुआती जांच पर बड़े सवाल खड़े हो गए हैं। घटना के 13 दिन बीत जाने के बाद सोमवार रात को एसआईटी ने मृतका ट्विशा का लैपटॉप और आरोपी पति समर्थ सिंह के मोबाइल व लैपटॉप जब्त किए। इन इलेक्ट्रॉनिक उपकरणों में चैट, कॉल डिटेल्स, मेल और लोकेशन जैसी बेहद अहम जानकारियां हो सकती थीं, जिन्हें इतने दिनों तक खुला छोड़ दिया गया।
इसके अलावा मामले के सबसे मुख्य साक्ष्य, यानी जिस बेल्ट से फांसी लगाई गई थी, उसे लेकर भी पुलिस घिरती नजर आ रही है। भोपाल पुलिस ने शुरुआती जांच में इस बेल्ट को बरामद ही नहीं किया था। दिल्ली एम्स से दूसरे पोस्टमार्टम के लिए आई डॉक्टरों की टीम को भी यह बेल्ट उपलब्ध नहीं कराई जा सकी। इससे पहले भोपाल एम्स में हुए पहले पोस्टमार्टम के दौरान भी डॉक्टरों को बेल्ट नहीं दिखाई गई थी। बताया जा रहा है कि यह बेल्ट फिलहाल एफएसएल भोपाल के पास है, जिसे हासिल करने के लिए अब पुलिस ने एफएसएल और साइबर सेल को पत्र लिखा है।
सीबीआई ने दर्ज की एफआईआर, दहेज उत्पीड़न की बात मानी
मामले की गंभीरता को देखते हुए सीबीआई ने केस को पूरी तरह अपने हाथ में ले लिया है। सीबीआई ने सोमवार रात को रिटायर्ड जज गिरिबाला सिंह और उनके बेटे समर्थ सिंह के खिलाफ एफआईआर दर्ज की। जांच एजेंसी ने शुरुआती तौर पर यह माना है कि मृतका से दहेज में पैसों की मांग की जा रही थी। सोमवार रात को ही एसआईटी आरोपी समर्थ सिंह को लेकर कटारा हिल्स स्थित बंगले पर स्पॉट वेरिफिकेशन के लिए पहुंची थी, जहां करीब दो घंटे तक पड़ताल की गई।
सीडीआर और सीसीटीवी फुटेज पर आज फैसला
इधर, भोपाल जिला कोर्ट में आज दोनों पक्षों की ओर से दायर आवेदनों पर सुनवाई होनी है। इसमें घटना से जुड़े कॉल डिटेल रिकॉर्ड और सीसीटीवी फुटेज को सुरक्षित रखने की मांग की गई है। साक्ष्यों के साथ छेड़छाड़ न हो, इसके लिए यह सुनवाई बेहद अहम मानी जा रही है। गौरतलब है कि 12 मई को ट्विशा का शव फांसी पर लटका मिला था, जिसके बाद परिजनों के भारी विरोध और हाईकोर्ट के आदेश के बाद बीते रविवार को दिल्ली एम्स की टीम की निगरानी में शव का दोबारा पोस्टमार्टम किया गया था।







