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मेयर चुनाव में पिछली हार को देखकर अभी से तैयारी में जुटी भाजपा, 60 वर्ष से बड़े और तीन बार पार्षद रहे नेताओं को अब नहीं मिल पाएगा टिकट

कटनी, यशभारत। प्रशिक्षण वर्ग के फौरन बाद भारतीय जनता पार्टी नगर निगम चुनाव की तैयारियों में जुट जाएगी। चुनाव को एक साल ही शेष है। प्राथमिक रूप से पार्टी ने मेयर और पार्षद चुनाव के लिए गाइडलाइन तय कर ली है, उसी के मुताबिक इस बार टिकट वितरण होगा। कटनी में भाजपा पिछला महापौर चुनाव करीब 6 हजार वोटों के अंतर से हार गई थी। भाजपा प्रत्याशी ज्योति दीक्षित को निर्दलीय उम्मीदवार प्रीति सूरी ने शिकस्त दे दी थी, हालांकि बाद में प्रीति सूरी ने विकास कार्यों के लिए सरकार के साथ जाने की मजबूरी का हवाला देते हुए भोपाल पहुंचकर भाजपा ज्वाइन कर ली थी। इस बार पार्टी अभी से सतर्क है।
प्रदेश में नगर निगम एवं नगर पालिकाओं के चुनाव अगले वर्ष 2027 में होने जा रहे हैं। इन चुनावों को लेकर प्रदेश में सत्तारूढ़ भारतीय जनता पार्टी ने चुनाव के 1 साल पहले से ही तैयारी शुरू करने का निर्णय लिया है। पिछले नगर निगम के चुनाव में प्रदेश की 16 नगर निगम में से पाँच नगर निगम में कांग्रेस के महापौर चुने गए थे, जबकि कटनी में निर्दलीय महापौर ने जीत हासिल कर भाजपा ने सनसनी मचा दी थी। इसके अलावा सिंगरौली की नगर निगम में आम आदमी पार्टी का महापौर चुना गया था। 6 नगर निगमों में चुनाव हारने के बाद भारतीय जनता पार्टी में खलबली मची हुई थी। बाद में धीरे-धीरे कटनी और जबलपुर समेत कई नगरों के महापौर भारतीय जनता पार्टी में शामिल हो गए। इस बार भारतीय जनता पार्टी प्रदेश संगठन की यह रणनीति है कि एक साल बाद होने वाले नगर निगम के चुनाव में सभी नगर निगमों में भारतीय जनता पार्टी के महापौर चुने जाना चाहिए, इसीलिए एक वर्ष पूर्व से भाजपा संगठन तैयारी शुरू करने जा रहा है।

इस बार युवा उम्मीदवारों को दिया जाएगा मौका

भारतीय जनता पार्टी का प्रदेश नेतृत्व नगर निगम और नगर पालिकाओं के चुनाव में युवा उम्मीदवारों और नए चेहरों को मौका देना चाहता है ताकि स्थानीय स्तर पर नेतृत्व परिवर्तन भी किया जा सके। भारतीय जनता पार्टी का संगठन एक साल पहले ही उम्मीदवारों की खोजबीन करने का काम शुरू करने जा रहा है। यह भी चर्चा सरगर्म है कि भारतीय जनता पार्टी इस बार नगर निगम और नगर पालिकाओं के चुनाव में 60 वर्ष की उम्र पार कर चुके नेताओं तथा तीन बार पार्षद रह चुके नेताओं को शायद ही उम्मीदवार बनाए। भाजपा संगठन उम्मीदवारों के चयन के लिए सोशल मीडिया पर उनकी सक्रियता और उनके जनसामान्य से जुड़ाव को भी एक महत्वपूर्ण आधार चुनाव में चयन के लिए बन सकता है।

संभाग और जिला प्रभारियों को किया जा रहा एक्टिव

प्रदेश भाजपा संगठन भाजपा के संभागीय एवं जिले के प्रभारियों को अभी से यह जिम्मेदारी देने जा रहा है कि वह अपने-अपने प्रभाव के क्षेत्र में ऐसे युवा कार्यकर्ताओं को चिन्हित करें जिन्हें नगर निगम और नगर पालिकाओं के चुनाव के लिए उम्मीदवार बनाया जा सके। कटनी में पिछले दिनों ही संभागीय प्रभारी राहुल कोठारी और जिला प्रभारी सुजीत जैन ने कटनी आकर अहम बैठक ली है। इसके पहले सुजीत जैन कटनी नगर निगम के भाजपाई पार्षदों की बैठक अलग से भी ले चुके हैं। फिलहाल पार्टी प्रशिक्षण वर्ग पर फोकस कर रही है और 200 रुपए लेकर कार्यकर्ताओं के पंजीयन किए जा रहे हैं। इन्हें सक्रियता के टिप्स दिए जाने हैं। कुल मिलाकर नगरीय निकाय चुनाव के पहले पार्टी खुद को मैदानी स्तर पर मजबूत करने के साथ जीत की संभावना वाले प्रत्याशियों को छांटना शुरू कर चुकी है।

अब नगर पालिका अध्यक्ष भी सीधे चुने जाएंगे

प्रदेश में नगर निगम में महापौर के चुनाव सीधे मतदाताओं द्वारा कराए जाने की व्यवस्था लागू है। लेकिन नगर पालिकाओं और नगर पंचायतों के अध्यक्षों के चुनाव पार्षदों द्वारा कराए जाने की व्यवस्था अभी तक लागू रही है। लेकिन प्रदेश सरकार ने अब नगर पालिकाओं और नगर पंचायतों के अध्यक्षों का चुनाव भी प्रत्यक्ष प्रणाली से सीधे मतदाताओं से कराने का निर्णय लागू कर दिया है। अब नगर बरही, कैमोर और विजयराघवगढ़ अध्यक्षों का भी आरक्षण होगा। नई व्यवस्था में भी भाजपा संगठन नए चेहरों को अधिक से अधिक मौका देने की तैयारी कर रहा है। नगर निगम, नगर पालिका में जनप्रतिनिधियों का मौजूदा कार्यकाल 2027 के जून माह में पूर्ण हो जाएगा। लेकिन नये चुनाव की तैयारी दो महीने पहले ही शुरू हो जाएगी।

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