जम्मू से कश्मीर तक ‘स्पीड कनेक्टिविटी’: वंदे भारत का विस्तार, 5 घंटे में पहुंचेगी श्रीनगर
पर्यटन और अर्थव्यवस्था को मिलेगा बढ़ावा

जम्मू-कश्मीर। जम्मू-कश्मीर में रेल कनेक्टिविटी को ऐतिहासिक मजबूती देते हुए जम्मू तवी से श्रीनगर के बीच वंदे भारत एक्सप्रेस सेवा का विस्तार कर दिया गया है। केंद्रीय रेल मंत्री अश्विनी वैष्णव ने गुरुवार को जम्मू तवी रेलवे स्टेशन से इस अत्याधुनिक ट्रेन को हरी झंडी दिखाकर रवाना किया। अब तक यह ट्रेन श्री माता वैष्णो देवी कटरा से श्रीनगर के बीच संचालित होती थी, लेकिन यात्रियों की लगातार बढ़ती मांग और क्षेत्र की जरूरतों को देखते हुए इसे जम्मू तवी तक बढ़ाया गया है। उद्घाटन समारोह में जितेंद्र सिंह और उमर अब्दुल्ला की मौजूदगी ने इस मौके को और खास बना दिया।

रेल मंत्री ने अपने संबोधन में कहा कि यह ट्रेन केवल एक परिवहन सेवा नहीं है, बल्कि कश्मीर घाटी को देश के बाकी हिस्सों से तेज, सुरक्षित और आधुनिक तरीके से जोड़ने वाला मजबूत माध्यम है। उन्होंने बताया कि यह पहल नरेंद्र मोदी के उस विजन का हिस्सा है, जिसमें देश के दुर्गम और संवेदनशील इलाकों तक विश्वस्तरीय इंफ्रास्ट्रक्चर पहुंचाना प्राथमिकता है।
समय में आधी कटौती
इस नई सुविधा के साथ अब जम्मू से श्रीनगर के बीच करीब 267 किलोमीटर की दूरी महज 5 घंटे में पूरी की जा सकेगी। पहले यही सफर सड़क मार्ग से तय करने में 10 से 12 घंटे तक का समय लगता था, जो मौसम और ट्रैफिक पर भी निर्भर करता था। ऐसे में यह ट्रेन यात्रियों के लिए समय और सुविधा—दोनों के लिहाज से बड़ी राहत लेकर आई है।
आधुनिक तकनीक से लैस ट्रेन
इस रूट पर चलने वाली वंदे भारत एक्सप्रेस को खास तौर पर जम्मू-कश्मीर की कठिन भौगोलिक परिस्थितियों और ठंडे मौसम को ध्यान में रखकर डिजाइन किया गया है। पहले जहां इस रूट पर 8 कोच की ट्रेन चलती थी, वहीं अब इसे बढ़ाकर 20 कोच का कर दिया गया है, जिससे ज्यादा यात्री सफर कर सकेंगे। ट्रेन में कवच एंटी-कोलिजन सिस्टम, जीपीएस आधारित पैसेंजर इंफॉर्मेशन सिस्टम, आरामदायक सीटिंग और उन्नत सुरक्षा सुविधाएं दी गई हैं, जो यात्रियों को सुरक्षित और विश्वस्तरीय यात्रा अनुभव प्रदान करेंगी।
पर्यटन और अर्थव्यवस्था को मिलेगा बढ़ावा
इस ट्रेन सेवा के शुरू होने से जम्मू-कश्मीर के पर्यटन क्षेत्र को बड़ा प्रोत्साहन मिलने की उम्मीद है। अब देश-विदेश से आने वाले पर्यटक सीधे जम्मू पहुंचकर वंदे भारत के जरिए आसानी से श्रीनगर की वादियों तक पहुंच सकेंगे। इससे होटल, ट्रांसपोर्ट और स्थानीय व्यापार को भी फायदा मिलेगा। नियमित यात्रियों के लिए यह ट्रेन 2 मई से सप्ताह में 6 दिन (मंगलवार को छोड़कर) संचालित की जाएगी। यह पहल न केवल यात्रा को आसान बनाएगी, बल्कि जम्मू-कश्मीर के विकास में भी एक महत्वपूर्ण मील का पत्थर साबित होगी।







