मोहन कैबिनेट के 21 अहम फैसले, सिंचाई, स्वास्थ्य और अधोसंरचना से जुड़ी योजनाओं को मिली मंजूरी

मोहन कैबिनेट के 21 अहम फैसले, सिंचाई, स्वास्थ्य और अधोसंरचना से जुड़ी योजनाओं को मिली मंजूरी
भोपाल, यश भारत। राजधानी भोपाल में मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव की अध्यक्षता में मंगलवार को हुई मंत्रिपरिषद की बैठक में कई महत्वपूर्ण निर्णय लिए गए। बैठक में मध्य प्रदेश आतंकवादी एवं उच्छेदक गतिविधियां तथा संगठित अपराध नियंत्रण विधेयक, 2010 को वापस लेने के प्रस्ताव को मंजूरी दी गई। कैबिनेट ने खरीफ 2020 में खरीदी गई धान की मिलिंग के बाद शेष बची 7.73 लाख मीट्रिक टन धान के ई-ऑक्शन के निराकरण को भी स्वीकृति प्रदान की। साथ ही भारतीय वन सेवा के अंतर्गत प्रधान मुख्य वन संरक्षक स्तर के एक नए पद के सृजन को मंजूरी दी गई है। बैठक में कुल 21 प्रस्तावों पर चर्चा कर निर्णय लिया गया। एमएसएमई मंत्री चैतन्य काश्यप ने बताया कि कैबिनेट ने लगभग 53 हजार करोड़ रुपये की विभिन्न योजनाओं को वर्ष 2031 तक जारी रखने की मंजूरी दी है। इसके तहत लोक निर्माण विभाग की करीब 26,311 करोड़ रुपये लागत की पांच प्रमुख परियोजनाओं को भी आगे जारी रखा जाएगा। कैबिनेट ने शाजापुर जिले की लखुंदर सिंचाई परियोजना को भी स्वीकृति दी है, जिससे उज्जैन और शाजापुर जिलों में लगभग 9 हजार हेक्टेयर भूमि की सिंचाई संभव होगी।
इसके अलावा गांधी चिकित्सा महाविद्यालय भोपाल में 134 पीजी सीटों की वृद्धि के लिए 80 करोड़ रुपये के निर्माण कार्यों को कार्योत्तर स्वीकृति दी गई, जबकि श्यामशाह चिकित्सा महाविद्यालय रीवा के सुपर स्पेशलिटी अस्पताल के विस्तार के लिए 174 करोड़ रुपये की पुनरीक्षित स्वीकृति प्रदान की गई। बैठक में कर्मचारियों और अधिकारियों को न्यायालय के आदेशों के आधार पर पेंशन और वेतनमान देने, ओबीसी छात्रों के लिए दिल्ली में छात्रावास योजना जारी रखने तथा 38,901 आंगनबाड़ी भवनों में विद्युत व्यवस्था के लिए 80 करोड़ रुपये मंजूर करने जैसे प्रस्तावों को भी हरी झंडी दी गई।







