शहर के बीच बदहाली का प्रतीक बनी श्रीनाथ तलैया, गंदगी-मच्छरों से त्रस्त लोग
योजनाएं सिर्फ कागजों में

जबलपुर, यशभारत। जबलपुर शहर के हृदय स्थल में स्थित श्रीनाथ तलैया मैदान आज बदहाली, अव्यवस्था और प्रशासनिक लापरवाही का जीता-जागता उदाहरण बन चुका है। वर्षों से उपेक्षित इस ऐतिहासिक स्थल की स्थिति इतनी खराब हो चुकी है कि यह अब स्थानीय निवासियों के लिए गंभीर समस्या और खतरे का कारण बन गया है। तलैया में सालों से जमा गाद और कचरे के कारण यहां स्थायी जलभराव की स्थिति बनी हुई है। पानी के ठहराव और गंदगी के चलते पूरे क्षेत्र में दुर्गंध फैली रहती है, जिससे आसपास रहने वाले लोगों का जीवन दूभर हो गया है।
स्थिति यह है कि लोग अपने घरों की खिड़कियां तक खोलने से कतराने लगे हैं। इसके अलावा, तलैया परिसर में अतिक्रमण और अवैध गतिविधियों की भी शिकायतें सामने आती रही हैं। उचित निगरानी और रखरखाव के अभाव में यह क्षेत्र असामाजिक तत्वों का अड्डा बनता जा रहा है, जिससे सुरक्षा को लेकर भी लोगों में भय का माहौल है।
हालांकि नगर निगम ने श्रीनाथ तलैया के पुनर्विकास के लिए बड़े-बड़े दावे किए हैं। इंदौर की तर्ज पर यहां ’56 दुकान’ जैसा फूड हब विकसित करने की योजना भी प्रस्तावित की गई है। साथ ही सौंदर्याकरण और पर्यटन स्थल के रूप में विकसित करने की बात कही जा रही है, लेकिन हकीकत यह है कि अब तक ये योजनाएं केवल कागजों और बैठकों तक ही सीमित हैं। लोगों ने प्रशासन से मांग की है कि जल्द से जल्द ठोस कार्रवाई कर इस ऐतिहासिक स्थल को उसकी गरिमा वापस दिलाई जाए और क्षेत्रवासियों को गंदगी व बीमारी के खतरे से राहत दिलाई जाए।






