भोपाल: पेट्रोल-डीजल की कमी की अफवाह फैलाई तो खैर नहीं, प्रशासन ने लागू की सख्त SOP

भोपाल: पेट्रोल-डीजल की कमी की अफवाह फैलाई तो खैर नहीं, प्रशासन ने लागू की सख्त SOP
सोशल मीडिया पर 24 घंटे निगरानी, व्हाट्सएप ग्रुप एडमिन पर भी होगी कानूनी कार्यवाही
कालाबाजारी करने वाले पेट्रोल पंपों के लाइसेंस होंगे रद्द
भोपाल, यशभारत। राजधानी भोपाल में पेट्रोल-डीजल की आपूर्ति को लेकर सोशल मीडिया पर फैलाई जा रही भ्रामक खबरों पर जिला प्रशासन ने सख्त रुख अख्तियार कर लिया है। प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि जिले में ईंधन का पर्याप्त स्टॉक उपलब्ध है और किल्लत की झूठी खबरें फैलाकर पैनिक (दहशत) पैदा करने वालों के खिलाफ जेल भेजने जैसी कड़ी कार्यवाही की जाएगी।
सोशल मीडिया पर 24×7 पहरा जिला प्रशासन और पुलिस की संयुक्त टीम अब सोशल मीडिया के हर प्लेटफॉर्म की चौबीसों घंटे निगरानी कर रही है। यदि कोई व्यक्ति भ्रामक जानकारी साझा करता है, तो उस पर तत्काल एफआईआर (FIR) दर्ज होगी। प्रशासन ने चेतावनी दी है कि गलत सूचना प्रसारित होने पर व्हाट्सएप ग्रुप एडमिन को भी बराबर का जिम्मेदार माना जाएगा और उन पर भी सख्त कानूनी शिकंजा कसा जाएगा।
लाइसेंस रद्द करने की चेतावनी
पेट्रोल पंप संचालकों के लिए भी प्रशासन ने सख्त गाइडलाइन (SOP) जारी की है। यदि कोई पंप संचालक ईंधन की कालाबाजारी करता पाया जाता है, ग्राहकों से तय दाम से ज्यादा वसूलता है, या जानबूझकर स्टॉक छिपाता है, तो उसका लाइसेंस तुरंत प्रभाव से रद्द कर दिया जाएगा।

प्रशासन ने जिले के नागरिकों से अपील की है कि वे अफवाहों पर बिल्कुल ध्यान न दें। जिले में पेट्रोल-डीजल का पर्याप्त भंडारण है और आपूर्ति सुचारू रूप से जारी है। अनावश्यक भीड़ लगाने या घर में ईंधन का भंडारण करने से बचें, क्योंकि यह सुरक्षा की दृष्टि से भी खतरनाक हो सकता है।







