पिछड़ा और महिला मोर्चा की टीमों में कटनी को नहीं मिली जगह, भाजपा कार्यकर्ताओं में मायूसी, अब निगम, मंडल और प्राधिकरण को लेकर उम्मीद

कटनी, यशभारत। भारतीय जनता पार्टी के दो प्रमुख मोर्चों की प्रदेश कार्यकारिणी कल घोषित हो गई। महिला मोर्चा की प्रदेश अध्यक्ष अश्विनी परांजपे और पिछड़ा वर्ग मोर्चा के प्रदेश अध्यक्ष पवन पाटीदार ने अपनी अपनी टीमों का ऐलान कर दिया। कटनी शहर के भाजपा कार्यकर्ताओं के लिए निराशाजनक बात यह रही कि दोनों ही मोर्चों में कटनी जिले के किसी नेता और नेत्री को जगह नहीं मिल पाई। ताज्जुब है कि कटनी से छोटे और कम महत्व के जिलों को भी प्रदेश स्तर पर प्रतिनिधित्व मिल गया लेकिन कटनी का नम्बर नहीं लग सका। उम्मीद थी कि महिला मोर्चा में किसी सीनियर लेडी को स्थान मिलेगा, लेकिन कटनी की किसी महिला को इस काबिल नहीं समझा गया।
पार्टी ने के दिल्ली के नेताओं से हरी झंडी मिलने के बाद प्रदेश में संगठन और सरकार में नियुक्तियों की फाइल खोल दी है। दो दिन पहले ग्वालियर चम्बल संभाग में राजनीतिक संतुलन के हिसाब से पूर्व मंत्री जयभान सिंह पवैया को वित्त आयोग का अध्यक्ष बना दिया। अगले कुछ दिनों में अनेक निगम और मंडलों में नियुक्तियों के संकेत मिल रहे हैं। इस बीच कल शाम प्रदेश भाजपा के सरदार हेमंत खंडेलवाल की सहमति से महिला मोर्चा की प्रदेश अध्यक्ष अश्विनी परांजपे ने अपनी टीम का ऐलान किया। थोड़ी देर बाद पिछड़ा मोर्चा के अध्यक्ष पवन पाटीदार ने भी अपनी टीम घोषित कर दी। अश्विनी परांजपे चूंकि कटनी के पड़ोसी जबलपुर जिले की हैं और महाकौशल का प्रतिनिधित्व करती हैं, इसलिए उम्मीद थी कि वे अपने निकटवर्ती जिले कटनी की किसी महिला नेत्री को अपनी टीम में अवश्य शामिल करेंगी, लेकिन ऐसा हो नहीं पाया। वर्तमान महिला मोर्चा जिलाध्यक्ष सीमा जैन सोगानी और पूर्व महिला मोर्चा जिलाध्यक्ष भावना सिंह की प्रोफ़ाइल प्रदेश की टीम में शामिल होने लायक अवश्य है लेकिन ये दोनों नेत्रियों कुछ समय पहले घोषित हुई कटनी जिले की जिला कार्यकारिणी में पदाधिकारी बन चुकी हैं। सीमा सोगानी को जिला उपाध्यक्ष बनाया जा चुका है जबकि भावना सिंह को जिला सह कोषाध्यक्ष की जिम्मेदारी सौंपी जा चुकी है। पूर्व विधायक अलका जैन भी कटनी जिले की सबसे सीनियर भाजपा नेत्री हैं। वे विधायक रहने के अलावा प्रदेश सरकार ने मंत्री भी रह चुकी हैं। इस नाते प्रदेश महिला मोर्चे में किसी बड़े ओहदे पर उन्हें शामिल किया जा सकता था, लेकिन शायद नए और युवा चेहरों को स्थान देने की वजह से उनके नाम पर विचार नहीं किया गया। इसके अलावा कुछ नाम और भी हैं जो प्रदेश की टीम में शामिल होने की योग्यता रखते हैं लेकिन राजनीतिक कारणों की वजह से उन्हें महत्व नहीं मिल पाया। फिलहाल सीमा जैन सोगानी के जिला पदाधिकारी बन जाने के बाद से वे जिला महिला मोर्चा संगठन की कामचलाऊ अध्यक्ष ही रह गई हैं। वे तब तक संगठन का काम देख रही हैं जब तक नई नियुक्ति नहीं हो जाती। सूत्र बताते हैं महिला मोर्चा और युवा मोर्चा जिलाध्यक्ष की नियुक्ति भी जल्द ही होना है। अनुसूचित जाति और अनुसूचित जनजाति मोर्चे में कल ही जिलाध्यक्ष की नियुक्ति हो चुकी है। अब जल्द से जल्द बाकी मोर्चों में भी ऐलान हो जाएगा। इन पदों के लिए अनेक नाम कतार में हैं।
पिछड़ा मोर्चा में भी हासिल आई शून्य
महिला मोर्चा की तरह पिछड़ा मोर्चा में भी इस बार कटनी को महत्व नहीं मिल सका। पिछली टीम में सुरेश सोनी प्रदेश के उपाध्यक्ष बनाए गए थे, लेकिन इस बार मोर्चे की प्रदेश कार्यकारिणी में कटनी के पिछड़े वर्ग के किसी भी नेता को चांस नहीं मिला, जबकि कटनी जिले में इस वर्ग के अनेक प्रमुख नेता मौजूद हैं। पार्टी ओबीसी आरक्षण के साथ पिछड़े वर्ग के नेताओं को आगे बढ़ाने के लिए हर प्लेटफार्म पर अवसर उपलब्ध करा रही है लेकिन इसका लाभ कटनी को नहीं मिला। कटनी में ओबीसी वर्ग से संदीप जायसवाल विधायक हैं, जबकि इसी वर्ग से अशोक विश्वकर्मा जिला पंचायत के उपाध्यक्ष हैं। हालांकि एक व्यक्ति एक पद के फार्मूले के तहत अन्य नेताओं को मौके दिए जा सकते थे। इसके पहले प्रदेश भाजपा के मुखिया हेमंत खंडेलवाल की टीम में भी कटनी के किसी नेता को शामिल नहीं किया जा सका। शशांक श्रीवास्तव, पीतांबर टोपनानी और रामरतन पायल पिछली टीम में कार्यकारिणी सदस्य बनाए गए थे। फिलहाल नई टीम में कार्यकारिणी सदस्यों का ऐलान नहीं हुआ है। खबर यह भी है कि हेमंत खंडेलवाल अपनी टीम में जल्द ही विस्तार भी करने वाले हैं ऐसे उम्मीद है कि कटनी के किसी नेता की लाटरी लग जाएं
निगम, मंडल और प्राधिकरण में भी कटनी का दावा
उल्लेखनीय है कि जल्द ही प्रदेश स्तर पर निगम मंडल और प्राधिकरण के साथ समितियों में नेताओं को मौका दिया जाना है, ऐसे में कटनी के वरिष्ठ भाजपा नेताओं को उम्मीद है कि वे किसी निगम मंडल में जगह पा सकते है। पार्टी इन पदों पर मौजूदा विधायकों को भी एडजस्ट कर रही है। पूर्व में कटनी जिले से भाजपा नेत्री स्व पदमा शुक्ला समाज कल्याण बोर्ड की और मनमोहन उपाध्याय संस्कृत बोर्ड के अध्यक्ष रह चुके हैं। आने वाले दिनों में कटनी विकास प्राधिकरण में भी अध्यक्ष और उपाध्यक्षों की नियुक्ति होना है। इसके लिए भी दावेदार सक्रिय हैं। नगरीय निकायों में एल्डरमैन के लिए भी कवायद चल रही है। भोपाल में दो दिन पहले हुई कोर कमेटी की बैठक में नियुक्तियों का भी मुद्दा रहा। 







