कतारें बता रहीं घरेलू गैस की किल्लत, प्रशासन का इन्कार, जिले में 25 गैस एजेंसियों पर निर्भर हैं साढ़े तीन लाख से ज्यादा उपभोक्ता

कटनी, यशभारत। शहर में इन दिनों घरेलू गैस सिलेंडर को लेकर उपभोक्ताओं की परेशानी लगातार बढ़ती जा रही है। आज सुबह बस स्टैंड स्थित गैस एजेंसी में कतारें लगी देखी गई। शहर में गैस सिलेंडर की बुकिंग और डिलीवरी दोनों ही प्रक्रियाओं में गंभीर बाधाएं सामने आ रही हैं। लगभग सभी गैस एजेंसियों के बाहर सुबह से ही लंबी-लंबी कतारें लग रही हैं और लोग घंटों इंतजार करने को मजबूर हैं। उपभोक्ताओं का कहना है कि पहले मोबाइल के जरिए आसानी से सिलेंडर बुक कर डिलीवरी मिल जाती थी, लेकिन अब स्थिति पूरी तरह बदल गई है और गैस प्राप्त करना मुश्किल होता जा रहा है।
अंतरराष्ट्रीय तनाव से प्रभावित हुई आपूर्ति
माना जा रहा है कि ईरान, अमेरिका और इजरायल के बीच चल रहे अंतरराष्ट्रीय तनाव के कारण पेट्रोलियम पदार्थों की आपूर्ति प्रभावित हो रही है। इसी वजह से कई स्थानों पर गैस सिलेंडर की उपलब्धता कम हो गई है। कटनी की गैस एजेंसियों पर भी इसका सीधा असर दिखाई दे रहा है। हालांकि कटनी के गैस डीलर क्राइसिस जैसी बात से इनकार करते हैं। प्रशासन भी नहीं मानता कि कटनी में इस तरह का कोई संकट है। इस सबके बीच शहर में सिलेंडर की मांग बढ़ गई है जबकि आपूर्ति सामान्य नहीं हो पा रही है, जिसके चलते उपभोक्ताओं को लगातार परेशानी का सामना करना पड़ रहा है।
25 दिन का नियम बना उपभोक्ताओं के लिए परेशानी
उपभोक्ताओं का कहना है कि सिलेंडर बुकिंग के लिए 25 दिन का नियम लागू किया गया है, लेकिन जब 25 दिन पूरे हो जाते हैं तब भी बुकिंग नहीं हो पा रही है। कई लोगों का आरोप है कि बुकिंग के समय सर्वर डाउन हो जाता है या फोन नंबर लगातार व्यस्त मिलता है। इससे लोगों को बार-बार कोशिश करनी पड़ती है, लेकिन फिर भी बुकिंग सफल नहीं हो पाती।
तकनीकी दिक्कतों ने बढ़ाई उपभोक्ताओं की चिंता
कुछ उपभोक्ताओं ने बताया कि उनकी बुकिंग तो हो जाती है, लेकिन ओटीपी न मिलने के कारण सिलेंडर की डिलीवरी नहीं हो पा रही है। डिलीवरी प्रक्रिया में ओटीपी जरूरी होने से लोगों को कई बार एजेंसी के चक्कर लगाने पड़ रहे हैं। इस तकनीकी समस्या ने लोगों की परेशानी को और बढ़ा दिया है और कई परिवारों को रसोई गैस के बिना दिन गुजारने पड़ रहे हैं।
एजेंसियों और गोदामों पर लग रही भीड़
गैस की समस्या के चलते शहर की एजेंसियों और गोदामों पर सुबह से ही भीड़ लगनी शुरू हो जाती है। कई उपभोक्ता घंटों लाइन में लगकर अपनी बारी का इंतजार करते हैं। पहले जहां लोग घर बैठे मोबाइल से बुकिंग कर लेते थे और डिलीवरी मैन घर तक सिलेंडर पहुंचा देता था, वहीं अब लोगों को खुद एजेंसी पहुंचकर जानकारी लेनी पड़ रही है।
जिले में 25 गैस एजेंसियां, 3 लाख 60 हजार से ज्यादा उपभोक्ता
कटनी शहर में मुख्य रूप से तीन गैस एजेंसियां संचालित हो रही हैं। गुप्ता ब्रदर्स, कटनी गैस एजेंसी और पुरुषोत्तम गैस एजेंसी। इन एजेंसियों से शहर के अलावा एनकेजे और आयुध निर्माणी में इंडेन गैस सर्विस काम कर रही है। जिले में इंडियन आयल कारपोरेशन लिमिटेड,भारत पेट्रोलियम कॉर्पोरेशन लिमिटेड, हिन्दुस्तान पेट्रोलियम कॉर्पोरेशन लिमिटेड की 25 गैस एजेंसियां संचालित हैं, जिनसे 3 लाख 61 हजार 469 उपभोक्ता संबंद्ध है। जिले में औसत दैनिक खपत 5 हजार 600 गैस सिलेंडरों के विरुद्ध पर्याप्त स्टाक उपलब्ध है। आसपास के ग्रामीण क्षेत्रों के हजारों उपभोक्ता भी इन एजेंसियों से किसी न किसी रूप में जुड़े हुए हैं। आपूर्ति में कमी और तकनीकी समस्याओं के कारण इन एजेंसियों पर काम का दबाव भी काफी बढ़ गया है।
केवाईसी अपडेट कराने के लिए भी लग रही कतारें
कई उपभोक्ताओं को केवाईसी से जुड़ी समस्याओं का भी सामना करना पड़ रहा है। जिन लोगों के पुराने मोबाइल नंबर बंद हो चुके हैं, उन्हें केवाईसी अपडेट कराने के लिए एजेंसी पर पहुंचना पड़ रहा है। इसके कारण एजेंसियों पर अतिरिक्त भीड़ दिखाई दे रही है और लोगों को लंबे समय तक इंतजार करना पड़ रहा है।
घरेलू गैस की कोई कमी नही, पर्याप्त स्टॉक- कलेक्टर
इस बीच कलेक्टर आशीष तिवारी ने कहा है कि जिले में घरेलू रसोई गैस की कोई कमीं नहीं है और उपभोक्ताओं से अपील की गई है कि वे अफवाहों पर ध्यान नहीं दें। जिला प्रशासन एलपीजी गैस सहित अन्य ईंधनों के परिवहन,भंडारण और वितरण के प्रति पूरी तरह से सतर्क और चौकस है।








