बिना पंजीयन चल रहे डॉ. बत्रा क्लीनिक पर स्वास्थ्य विभाग का ताला
कलेक्टर के निर्देश पर एमपी नगर में कार्रवाई; शहर के अन्य क्लीनिक भी रडार पर
भोपाल, यशभारत। राजधानी भोपाल में बिना वैध पंजीयन और लाइसेंस के मरीजों का इलाज करने वाले संस्थानों के खिलाफ प्रशासन ने शिकंजा कसना शुरू कर दिया है। मंगलवार को मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी की टीम ने एमपी नगर स्थित प्रसिद्ध डॉ. बत्रा होम्योपैथिक क्लीनिक (हेयर एंड स्किन) पर छापा मारकर उसे बंद करा दिया। जांच के दौरान क्लीनिक संचालक मौके पर जरूरी दस्तावेज और पंजीयन प्रमाण पत्र पेश नहीं कर पाए।
जांच में नहीं मिला लाइसेंस
सीएमएचओ डॉ. मनीष शर्मा ने बताया कि निरीक्षण के दौरान पाया गया कि क्लीनिक का संचालन मध्य प्रदेश उपचर्यागृह तथा रूजोपचार संबंधी स्थापनाएं अधिनियम के तहत पंजीकृत नहीं था। बिना लाइसेंस के क्लिनिक चलाना कानूनन अपराध है। स्वास्थ्य विभाग की टीम ने तत्काल प्रभाव से क्लीनिक की गतिविधियों पर रोक लगाते हुए संचालक को सख्त हिदायत दी है कि बिना वैध पंजीयन के दोबारा संचालन शुरू न किया जाए।
कलेक्टर कौशलेंद्र विक्रम सिंह ने हाल ही में निर्देश दिए थे कि शहर में चल रहे सभी निजी अस्पतालों और क्लीनिकों की सघन जांच की जाए। विभाग को शिकायतें मिल रही थीं कि कई क्लीनिकों में अप्रशिक्षित स्टाफ द्वारा इलाज किया जा रहा है और सुरक्षा मानकों की अनदेखी हो रही है।

समृद्ध किसान, समृद्ध प्रदेश का लक्ष्य , वंदे मातरम गायन के साथ शुरू हुआ कार्यक्रम कृषि कल्याण वर्ष 2026 कार्यशाला में विकास का रोडमैप तय सीएम डॉ. मोहन यादव के मार्गदर्शन में कृषि, पशुपालन और तकनीक आधारित योजनाओं पर जोर, 55 जिलों के अधिकारी भोपाल में जुटे *भोपाल यश भारत।* मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव के मार्गदर्शन में मध्यप्रदेश को कृषि क्षेत्र में अग्रणी बनाने की दिशा में अभ्युदय मध्यप्रदेश के तहत कृषि कल्याण वर्ष 2026 की राज्यस्तरीय कार्यशाला का आयोजन राजधानी भोपाल स्थित रविंद्र भवन में किया गया। इस महत्वपूर्ण कार्यशाला में प्रदेश के सभी संभागों और 55 जिलों से कृषि विभाग के अधिकारी एवं कर्मचारी शामिल हुए। कार्यशाला का मुख्य उद्देश्य समृद्ध किसान, समृद्ध प्रदेश के लक्ष्य को साकार करना रहा, जिसमें कृषि, पशुपालन, सहकारिता, मत्स्य पालन और तकनीकी नवाचारों के माध्यम से किसानों की आय बढ़ाने पर विस्तार से चर्चा की गई। कार्यक्रम के दौरान जैविक खेती, मिट्टी परीक्षण, ई-विकास प्रणाली और आधुनिक कृषि तकनीकों पर विशेष प्रशिक्षण सत्र आयोजित किए गए। *सीधे किसानों से जुड़ने का प्रयास करें अधिकारी* अधिकारियों को निर्देश दिए गए कि वे सीधे किसानों से जुड़कर योजनाओं का लाभ जमीनी स्तर तक पहुंचाएं और संवाद को मजबूत करें। कृषि विभाग के अधिकारियों ने बताया कि प्रदेश में रबी और खरीफ दोनों सीजन के लिए बेहतर तैयारी की जा रही है। उर्वरकों की उपलब्धता पर स्पष्ट किया गया कि डी ए पी , यूरिया और एन पी के सहित सभी उर्वरकों की प्रदेश में कोई कमी नहीं है। साथ ही दुष्प्रचार फैलाने वालों को चेतावनी देते हुए कहा गया कि गलत जानकारी से किसानों में भ्रम न फैलाएं। ई-विकास मॉडल बना मिसाल कार्यशाला में ई-विकास पहल को किसानों तक तकनीक आधारित सेवाएं पहुंचाने का प्रभावी माध्यम बताया गया। जबलपुर, शाजापुर और विदिशा जिलों में इसका पायलट प्रोजेक्ट सफल रहा है जिसे अब पूरे प्रदेश में लागू करने की तैयारी है। *किसानों को हर स्तर पर समर्थन* सरकार द्वारा किसानों को लोन, कृषि यंत्र, उन्नत बीज, उर्वरक, बिजली, सौर ऊर्जा, प्राकृतिक खेती और आपदा के समय मुआवजा जैसी सुविधाएं लगातार उपलब्ध कराई जा रही हैं। प्रदेश में लगभग 55 लाख हेक्टेयर क्षेत्र सिंचित है जिससे उत्पादन क्षमता में वृद्धि हुई है। इसके अलावा मार्केटिंग, सहकारिता, मछली पालन और पशुपालन को भी आय के अतिरिक्त स्रोत के रूप में बढ़ावा दिया जा रहा है। अधिकारियों को निर्देश दिए गए कि वे सोशल मीडिया के माध्यम से भी किसानों को जागरूक करें और नगदी फसलों को बढ़ावा देने की दिशा में काम करें। *चार राज्यस्तरीय कार्यशालाएं होंगी आयोजित* सरकार ने निर्णय लिया है कि वर्ष 2026 के दौरान चार राज्यस्तरीय कार्यशालाओं का आयोजन किया जाएगा ताकि योजनाओं की समीक्षा और सुधार लगातार जारी रहे। कुल मिलाकर यह कार्यशाला मध्यप्रदेश को कृषि क्षेत्र में आत्मनिर्भर और समृद्ध बनाने की दिशा में एक मजबूत कदम माना जा रही है जिसमें तकनीक, पारदर्शिता और किसानों से सीधा संवाद प्रमुख आधार बने हैं। संबंधित सभी मंत्रीगण विधायक और अधिकारी गण सम्मिलित रहे
April 30, 2026
इन मानकों की हो रही है जांच:
डॉक्टरों की डिग्री और काउंसिल पंजीयन।
बायो-मेडिकल वेस्ट (जैव चिकित्सा अपशिष्ट) का निस्तारण।
गुमास्ता लाइसेंस और भवन सुरक्षा।
अगला नंबर किसका?
स्वास्थ्य विभाग ने स्पष्ट कर दिया है कि यह कार्रवाई अभी थमेगी नहीं। सीएमएचओ ने बताया कि अलग-अलग क्षेत्रों के लिए विशेष टीमें गठित की गई हैं। आने वाले दिनों में कुछ अन्य बड़े क्लीनिकों और निजी अस्पतालों पर भी कार्रवाई की गाज गिर सकती है, जो नियमों को ताक पर रखकर संचालित हो रहे हैं।