बिना पंजीयन चल रहे डॉ. बत्रा क्लीनिक पर स्वास्थ्य विभाग का ताला

बिना पंजीयन चल रहे डॉ. बत्रा क्लीनिक पर स्वास्थ्य विभाग का ताला
कलेक्टर के निर्देश पर एमपी नगर में कार्रवाई; शहर के अन्य क्लीनिक भी रडार पर
भोपाल, यशभारत। राजधानी भोपाल में बिना वैध पंजीयन और लाइसेंस के मरीजों का इलाज करने वाले संस्थानों के खिलाफ प्रशासन ने शिकंजा कसना शुरू कर दिया है। मंगलवार को मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी की टीम ने एमपी नगर स्थित प्रसिद्ध डॉ. बत्रा होम्योपैथिक क्लीनिक (हेयर एंड स्किन) पर छापा मारकर उसे बंद करा दिया। जांच के दौरान क्लीनिक संचालक मौके पर जरूरी दस्तावेज और पंजीयन प्रमाण पत्र पेश नहीं कर पाए।
जांच में नहीं मिला लाइसेंस
सीएमएचओ डॉ. मनीष शर्मा ने बताया कि निरीक्षण के दौरान पाया गया कि क्लीनिक का संचालन मध्य प्रदेश उपचर्यागृह तथा रूजोपचार संबंधी स्थापनाएं अधिनियम के तहत पंजीकृत नहीं था। बिना लाइसेंस के क्लिनिक चलाना कानूनन अपराध है। स्वास्थ्य विभाग की टीम ने तत्काल प्रभाव से क्लीनिक की गतिविधियों पर रोक लगाते हुए संचालक को सख्त हिदायत दी है कि बिना वैध पंजीयन के दोबारा संचालन शुरू न किया जाए।
कलेक्टर कौशलेंद्र विक्रम सिंह ने हाल ही में निर्देश दिए थे कि शहर में चल रहे सभी निजी अस्पतालों और क्लीनिकों की सघन जांच की जाए। विभाग को शिकायतें मिल रही थीं कि कई क्लीनिकों में अप्रशिक्षित स्टाफ द्वारा इलाज किया जा रहा है और सुरक्षा मानकों की अनदेखी हो रही है।
इन मानकों की हो रही है जांच:
डॉक्टरों की डिग्री और काउंसिल पंजीयन।
बायो-मेडिकल वेस्ट (जैव चिकित्सा अपशिष्ट) का निस्तारण।
गुमास्ता लाइसेंस और भवन सुरक्षा।
अगला नंबर किसका?
स्वास्थ्य विभाग ने स्पष्ट कर दिया है कि यह कार्रवाई अभी थमेगी नहीं। सीएमएचओ ने बताया कि अलग-अलग क्षेत्रों के लिए विशेष टीमें गठित की गई हैं। आने वाले दिनों में कुछ अन्य बड़े क्लीनिकों और निजी अस्पतालों पर भी कार्रवाई की गाज गिर सकती है, जो नियमों को ताक पर रखकर संचालित हो रहे हैं।







