9 साल से अधर में सीवर प्रोजेक्ट…, 2017 में शुरू हुआ काम, 2026 में भी पूरा होने की उम्मीद कम, रेस्टोरेशन के काम में लापरवाही बरत रही एजेंसी, खामियाजा भोग रहा शहर

कटनी, यशभारत। शहर में सीवर प्रोजेक्ट 9 सालों बाद भी पूरा नहीं हो पाया है। वैसे तो इसे 2019 में ही पूरा हो जाना था लेकिन अफसरों की उदासीनता और निर्माण एजेंसी की बेपरवाही के चलते सरकार का यह महत्वपूर्ण प्रोजेक्ट अब भी अधर में है। जब से सीवर लाइन बिछाने का काम शुरू हुआ है, तब से ही पूरा शहर परेशान है। अंदरूनी गलियों से लेकर चौक-चौराहों और राजमार्ग तक की सडक़ें बदहाल स्थिति में है। रेस्टोरेशन में लापरवाही का खामियाजा पूरा शहर भोग रहा है। इसके बाद भी नगर निगम के अधिकारी मूकदर्शक की भूमिका में है। पिछले कुछ दिनों से गांधीगंज से नई बस्ती जाने वाले मार्ग पर सीवर लाइन के लिए खुदाई का काम चल रहा है। जिसमे व्यापक पैमाने पर अनियमितताएं बरती जा रही हैं। लोगों का कहना है कि सीवर की खुदाई के बाद गड्ढे भरने में रूचि नहीं ली जा रही, जिसके चलते आए दिन यहां कई तरह की घटनाएं हो रही हैं। नई बस्ती के साथ ही कई इलाके ऐसे हैं, जहां खुदी पड़ी सडक़ें और अधूरे कार्य लोगों के लिए परेशानी का सबब बने हुए हैं।
2017 में शुरू हुआ काम
विदित हो कि कटनी में अमृत योजना के तहत सीवर लाइन का निर्माण 45 वार्डों में किया जा रहा हैए जिसका उद्देश्य शहर के प्रदूषित पानी को नदियों में मिलने से रोकना है। इस परियोजना में माधव नगर, कटाईघाट और कुठला में 3 सीवरेज ट्रीटमेंट प्लांट भी बनाए जाने हैं जो कि अधर में हैं। शहर में 2017 में सीवर लाइन का प्रोजेक्ट शुरू हुआ था। इसे 2019 में पूरा हो जाना था। पहले के के स्पन कंपनी को सीवर लाइन का प्रोजेक्ट का काम दिया गया था, इसके बाद जयंती सुपर कंपनी काम कर रही है, लेकिन इस कंपनी की भी मनमानी चरम पर हैं।
कौन कर रहा निगरानी, बड़ा सवाल
कंपनी द्वारा शहर में जहां-जहां काम किया जा रहा है, वहां पर नियमों की अनदेखी हो रही है। गुणवत्ता का ख्याल नहीं रखा जा रहा है। सीवर लाइन के नए चेम्बर टूट जा रहे हैं। सडक़ धंस जा रही है, इसके बाद भी कोई कार्रवाई नहीं हो रही। शहर में चल रहे सीवर लाइन के मनमाने काम पर जनप्रतिनिधि से लेकर अफसर तक मौन हैं। केंद्र सरकार की योजना बताकर सभी कार्रवाई करने से डर रहे हैं।
एक नजर इधर भी
1. 2017 से शहर में सीवर लाइन निर्माण का काम शुरू हुआ।
2. 2018 में शुरू हो गया था लाइन डलने का काम
3. 2019 में काम पूरा करना था ठेकेदार को।
4. 9 हजार 140 हाउस चेम्बर बनने हैं
5. 108 करोड़ रुपये की बनी थी सीवर लाइन योजना
6. तीन एसटीपी में से एक भी नहीं हुआ तैयार
7. माधवनगर, कटोघाट मार्ग और कुठला में बनने है एसटीपी प्लांट







