संतान सुख के नाम पर लाखों की ठगी: बिना रजिस्ट्रेशन चल रहे फर्जी IVF सेंटर पर प्रशासन का हथौड़ा

संतान सुख के नाम पर लाखों की ठगी: बिना रजिस्ट्रेशन चल रहे फर्जी IVF सेंटर पर प्रशासन का हथौड़ा
भोपाल, यशभारत। राजधानी भोपाल में संतान सुख की आस लगाए निसंतान दंपत्तियों की भावनाओं और जेब के साथ खिलवाड़ करने वाले एक बड़े गोरखधंधे का भंडाफोड़ हुआ है। स्वास्थ्य विभाग ने शहर में संचालित एक फर्जी आईवीएफ सेंटर को सील कर दिया है। यह सेंटर बिना किसी वैध पंजीकरण, अनिवार्य अनुमति और योग्य विशेषज्ञों के ही धड़ल्ले से चल रहा था।
अत्याधुनिक तकनीक का मुखौटा, अंदर सिर्फ ठगी
जांच में सामने आया कि यह सेंटर बाहर से तो अत्याधुनिक तकनीक और अनुभवी डॉक्टरों का दावा करता था, लेकिन हकीकत में यहाँ न तो जरूरी मेडिकल उपकरण थे और न ही विशेषज्ञ डॉक्टर। जिन नामचीन डॉक्टरों के नाम पर मरीजों को फंसाया जाता था, उनका इस सेंटर से कोई लेना-देना ही नहीं था। पीसीपीएनडीटी एक्ट और एआरटी एक्ट जैसे कड़े नियमों की धज्जियां उड़ाते हुए यह सेंटर केवल आर्थिक शोषण का अड्डा बना हुआ था।
3 लाख रुपये तक की वसूली, दवाओं के नाम पर भी लूट
सूत्रों के अनुसार, इन फर्जी सेंटरों का नेटवर्क शहर के कई इलाकों में फैला हुआ है। भोले-भाले दंपत्तियों से इलाज के नाम पर 1 लाख से 3 लाख रुपये तक वसूले जा रहे हैं। ठगी का तरीका इतना शातिर है कि महीनों तक केवल दवाइयां देकर इलाज का भ्रम बनाए रखा जाता है। सेंटर के अंदर ही अपना मेडिकल स्टोर चलाकर मरीजों को वहीं से महंगी दवाइयां खरीदने पर मजबूर किया जाता है।
स्वास्थ्य विभाग की रडार पर अन्य संदिग्ध केंद्र
इस कार्रवाई के बाद शहर में हड़कंप मच गया है। जयप्रकाश नारायण (1250) अस्पताल के CMHO डॉ. मनीष शर्मा ने बताया कि भोपाल में वर्तमान में 23 आईवीएफ केंद्र पंजीकृत हैं। जिस सेंटर को सील किया गया है, उसके पास विभाग का कोई रजिस्ट्रेशन नहीं था। हम शहर के अन्य केंद्रों की भी निगरानी कर रहे हैं और संदिग्ध गतिविधियों पर सख्त कार्रवाई की जाएगी।






