दूषित पानी के खिलाफ NSUI का हल्लाबोल; नगर निगम में धरना देकर शासकीय संस्थानों की जलापूर्ति पर उठाए सवाल

जबलपुर: शासकीय स्कूलों और महाविद्यालयों में छात्रों को मिल रहे दूषित पेयजल के विरोध में आज मंगलवार को भारतीय राष्ट्रीय छात्र संगठन (NSUI) ने नगर निगम कार्यालय के समक्ष जोरदार प्रदर्शन किया। जिला अध्यक्ष सचिन रजक के नेतृत्व में आयोजित इस धरने में बड़ी संख्या में छात्र-छात्राओं ने हिस्सा लिया और प्रशासन के खिलाफ नारेबाजी की।
इंदौर की घटना का हवाला देकर दी चेतावनी
प्रदर्शन के दौरान एनएसयूआई नेताओं ने इंदौर में सीवेज युक्त पानी की आपूर्ति से हुई जनहानि का जिक्र करते हुए प्रशासन को आगाह किया। उन्होंने कहा कि यदि जबलपुर के शिक्षण संस्थानों में समय रहते जल शोधन और पाइपलाइनों की मरम्मत नहीं की गई, तो यहाँ भी गंभीर बीमारियाँ फैल सकती हैं।
प्रमुख माँगें और आंदोलन की चेतावनी
NSUI ने नगर निगम प्रशासन के समक्ष निम्नलिखित माँगें रखी हैं:
सभी शासकीय स्कूलों और कॉलेजों में पेयजल की गुणवत्ता की तत्काल उच्च स्तरीय जांच हो।
जर्जर पाइपलाइनों को बदला जाए और टंकियों की नियमित सफाई सुनिश्चित की जाए।
जलापूर्ति व्यवस्था में नियमित जल परीक्षण (Water Testing) की व्यवस्था लागू हो।
दिग्गज नेताओं की रही मौजूदगी
प्रदेश कांग्रेस के निर्देश पर जनहित के मुद्दों को लेकर किए गए इस आंदोलन में पूर्व विधायक विनय सक्सेना विशेष रूप से उपस्थित रहे। उनके साथ राकेश सैनी, साहिल यादव, सौरभ गौतम, करन तामसेतवार, नीलेश माहर, देवकी पटेल और अन्य कार्यकर्ता मौजूद रहे।
निष्कर्ष: एनएसयूआई ने स्पष्ट किया कि विद्यार्थियों के स्वास्थ्य के साथ कोई समझौता नहीं किया जाएगा। यदि शीघ्र ही नगर निगम ने प्रभावी कदम नहीं उठाए, तो संगठन उग्र आंदोलन के लिए बाध्य होगा।







