सिवनी यश भारत:-सिवनी जिले में सड़क दुर्घटनाओं का सिलसिला जारी है। पिछले तीन वर्षों में जिले में 3,625 सड़क हादसे दर्ज किए गए हैं, जिनमें 979 लोगों की मौत हुई है और 4,410 से अधिक लोग घायल हुए हैं। ये आंकड़े सड़क सुरक्षा के प्रयासों के बावजूद स्थिति की गंभीरता को दर्शाते हैं।
यातायात विभाग से मिली जानकारी के अनुसार, वर्ष 2023 में जिले में 1,145 दुर्घटनाएं हुईं, जिनमें 277 लोगों की मौत हुई और 1,311 घायल हुए। वर्ष 2024 में हादसों की संख्या बढ़कर 1,242 हो गई, जिसमें 336 मौतें और 1,588 घायल दर्ज किए गए। वर्ष 2025 में 1,238 दुर्घटनाएं हुईं, लेकिन मृतकों की संख्या बढ़कर 366 हो गई। इस प्रकार, 2025 में दुर्घटनाओं की संख्या कम होने के बावजूद, मौतों में 2024 की तुलना में लगभग 8 प्रतिशत की वृद्धि दर्ज की गई।
यातायात विभाग के अनुसार, सड़क हादसों का मुख्य कारण तेज रफ्तार है। वहीं, मौतों की संख्या बढ़ने की प्रमुख वजह हेलमेट और सीट बेल्ट का उपयोग न करना है। विभाग ने बताया कि दोपहिया वाहन दुर्घटनाओं में मरने वालों की संख्या सर्वाधिक है। लगभग 45 प्रतिशत मौतें इसलिए हुईं क्योंकि वाहन चालक या पीछे बैठा व्यक्ति हेलमेट नहीं पहने था, जिससे सिर पर गंभीर चोटें आईं।
जिले में कुल पांच ब्लैक स्पॉट चिन्हित किए गए हैं। इनमें लखनादौन थाना क्षेत्र का मिडवे ट्रीट और लखनवाड़ा थाना क्षेत्र का कारीरात इलाका शामिल है, जहां हादसे तो हुए लेकिन कोई जनहानि नहीं हुई। इसके अतिरिक्त, कुरई से धूमा तक राष्ट्रीय राजमार्ग पर लगातार दुर्घटनाएं दर्ज की गई हैं। सिवनी सादक, गोरखपुर टेक और रणधीरनगर क्षेत्र भी दुर्घटनाओं के प्रति संवेदनशील बने हुए हैं। यातायात विभाग का कहना है कि लोगों को जागरूक करने और दुर्घटनाओं को कम करने के लिए समय-समय पर वाहन चेकिंग अभियान चलाए जाते हैं और उन्हें यातायात नियमों का पालन करने की सलाह दी जाती है।
लोगों का कहना है कि कई स्थानों पर खराब सड़कें,सिग्नल की कमी और पर्याप्त संकेतक न होने के कारण भी हादसे बढ़ रहे हैं।अब जरूरत इस बात की है कि नियमों का सख्ती से पालन कराने के साथ-साथ सड़क सुधार और यातायात व्यवस्थाओं को मजबूत किया जाए,ताकि दुर्घटनाओं और मौतों पर प्रभावी अंकुश लगाया जा सके।