भोपालमध्य प्रदेश

ईरानी डेरे में सक्रिय हैं 6 शातिर गैंग, राजू है सबका मास्टरमाइंड

ईरानी डेरे में सक्रिय हैं 6 शातिर गैंग, राजू है सबका मास्टरमाइंड

स्पेशल 26 की तर्ज पर 12 राज्यों में फैला है जाल; हर घर में एक अपराधी, सफर पर निकलकर करते हैं शिकार

भोपाल, यशभारत। राजधानी भोपाल का ईरानी डेरा एक बार फिर सुर्खियों में है। पुलिस की हालिया जांच और दबिश में यह चौंकाने वाला खुलासा हुआ है कि इस डेरे में एक-दो नहीं, बल्कि 6 से अधिक संगठित गैंग सक्रिय हैं। ये गैंग चोरी, लूट और ठगी से लेकर नकली सोना खपाने और जमीनों पर अवैध कब्जे करने जैसे संगीन अपराधों में लिप्त हैं। पुलिस के अनुसार, इन सभी अलग-अलग गैंगों का मुख्य सरगना राजू ईरानी है, जो फिलहाल पुलिस की पहुंच से दूर है।
बीते दिनों हुई छापेमारी में पुलिस ने डेरे से बड़ी संख्या में मोबाइल, लैपटॉप, सीपीयू और पैनड्राइव बरामद किए हैं। साइबर एक्सपर्ट्स इनकी जांच कर रहे हैं। आशंका है कि इन डिवाइस का उपयोग चोरी किए गए मोबाइल फोन्स के सिक्योरिटी लॉक तोड़ने और डेटा डिलीट करने के लिए किया जाता था।
सफर पर निकलते हैं शिकारी
इस गिरोह के काम करने का तरीका किसी फिल्मी पटकथा जैसा है। कबीले के युवक आपराधिक वारदातों के लिए महीनों अपने घर से दूर दूसरे राज्यों में रहते हैं, जिसे वे अपनी भाषा में सफर कहते हैं। वारदात के दौरान गिरोह के साथ दो ऐसे युवक होते हैं जो सीधे तौर पर अपराध में शामिल नहीं होते। इनका एकमात्र काम लूटे हुए माल को सुरक्षित कबीले तक पहुँचाना होता है। आरोपी वारदात के बाद भागने के लिए सड़क मार्ग और लग्जरी कारों का उपयोग करते हैं ताकि किसी को शक न हो।
प्रॉपर्टी के काले धंधे में काला ईरानी
जांच में निशातपुरा इलाके के काला ईरानी का नाम प्रमुखता से उभरा है। वह लंबे समय से जनता नगर कॉलोनी और आसपास के इलाकों में विवादित प्रॉपर्टी और प्लॉटों की हेरफेर में शामिल है। पुलिस काला और उसके करीबी रहीम की करोड़ों की बेनामी संपत्ति की तस्दीक कर रही है।
रिश्तेदारी का मजबूत नेटवर्क
ईरानी गैंग का नेटवर्क केवल मध्य प्रदेश तक सीमित नहीं है। महाराष्ट्र और राजस्थान में फैली इनकी रिश्तेदारियों ने इन्हें दिल्ली, मुंबई, आंध्र प्रदेश, छत्तीसगढ़ और तमिलनाडु जैसे राज्यों में मजबूत संरक्षण दिया है। ये लोग अक्सर स्पेशल 26 फिल्म की तरह फर्जी सीबीआई, पुलिस या कस्टम अधिकारी बनकर लोगों को अपना शिकार बनाते हैं। 70 परिवार और सबका क्रिमिनल रिकॉर्ड पुलिस रिकॉर्ड के मुताबिक, डेरे में रहने वाले करीब 70 परिवारों में लगभग हर घर का कोई न कोई सदस्य आपराधिक गतिविधियों में शामिल है। यह इलाका अब अंतरराज्यीय अपराधियों का सबसे सुरक्षित पनाहगार बन चुका है।

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