सागर यश भारत (संभागीय ब्यूरो)/ कोतवाली सागर थाने में पदस्थ आरक्षक रूपेश साहू ने दमोह स्थित अपने गृह निवास पर जहर खाकर जीवन लीला समाप्त कर ली। शुरुआती जांच में इस आत्मघाती कदम के पीछे अत्यधिक कार्य तनाव या पारिवारिक कलह की आशंका जताई जा रही है।
यश भारत के संभागीय ब्यूरो को मिली जानकारी के अनुसार आरक्षक रूपेश साहू ने रविवार सुबह दमोह स्थित अपने घर की छत पर अज्ञात जहरीले पदार्थ का सेवन कर लिया था। हालत बिगड़ने पर परिजनों ने उन्हें तत्काल अस्पताल पहुँचाया, जहाँ उपचार के दौरान उन्होंने दम तोड़ दिया। रूपेश की पत्नी नीता साहू स्वयं जिला अस्पताल में पदस्थ हैं। जैसे ही यह खबर अस्पताल और पुलिस महकमे में फैली, वहां मातम पसर गया।
मृतक आरक्षक अपने पीछे तीन छोटे बच्चों (एक पुत्र और दो पुत्रियां) का भरा-पूरा परिवार छोड़ गए हैं। बड़ा बच्चा अभी महज पहली कक्षा का छात्र है। मृतक के भाई सजल साहू के अनुसार, सुबह की दिनचर्या सामान्य थी, लेकिन अचानक हुए इस घटनाक्रम ने सबको झकझोर दिया है।
सूत्रों के अनुसार, पुलिस विभाग में ड्यूटी का बढ़ता बोझ और लगातार बढ़ता तनाव जवानों के मानसिक स्वास्थ्य पर बुरा असर डाल रहा है। आरक्षक रूपेश के मामले में भी यह चर्चा गर्म है कि वह कार्य के दबाव के चलते तनाव में थे। हालांकि, पुलिस हर पहलू की बारीकी से जांच कर रही है कि यह कदम किसी विभागीय प्रताड़ना, अत्यधिक कार्यभार या निजी पारिवारिक कारणों के चलते उठाया गया है।
दमोह पुलिस ने मर्ग कायम कर शव का पोस्टमार्टम कराया है। पुलिस अधिकारियों का कहना है कि मामले की गहराई से जांच की जा रही है और परिजनों व सहकर्मियों के बयान दर्ज किए जा रहे हैं।
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