एमपी निर्वाचन आयोग की अनूठी पहल: दमोह में ‘पेपरलेस इलेक्शन’ की तैयारी

एमपी निर्वाचन आयोग की अनूठी पहल: दमोह में ‘पेपरलेस इलेक्शन’ की तैयारी
सारिका घारू ने दिया जागरूकता का संदेश
भोपाल, यशभारत। मध्य प्रदेश राज्य निर्वाचन आयोग द्वारा चुनावी प्रक्रिया को आधुनिक और पर्यावरण अनुकूल बनाने के लिए दमोह जिले में एक बार फिर ‘पेपरलेस इलेक्शन’ का प्रयोग किया जा रहा है। सोमवार, 29 दिसंबर को होने वाले पंचायत उपनिर्वाचन को लेकर जिले में “दमोह जिले का नया नारा, पेपरलेस इलेक्शन पहचान हमारा” का शंखनाद हो गया है।
तकनीक से बढ़ेगा मतदाताओं का भरोसा
आयोग की ब्रांड एंबेसेडर सारिका घारू ने जिले के विभिन्न मतदान केंद्रों पर पहुंचकर मतदाताओं को डिजिटल बूथ के फायदों से अवगत कराया। उन्होंने बताया कि राज्य निर्वाचन आयोग के अध्यक्ष मनोज कुमार श्रीवास्तव एवं सचिव दीपक सिंह के मार्गदर्शन और कलेक्टर सुधीर कुमार कोचर के निर्देशन में इस नवाचार को सफल बनाया जा रहा है। पेपरलेस बूथ होने से न केवल चुनावी प्रक्रिया में पारदर्शिता आएगी, बल्कि मानवीय त्रुटियों की संभावना भी शून्य हो जाएगी।
पर्यावरण और समय की होगी बचत
जागरूकता कार्यक्रम के दौरान सारिका घारू ने मतदाताओं को बताया कि इस डिजिटल प्रक्रिया से कई लाभ होंगे। मतदाताओं को वोट डालने में कम समय लगेगा। निर्वाचन कार्य में लगे कर्मचारियों को भारी-भरकम कागजी कार्रवाई से मुक्ति मिलेगी। निर्वाचन का डेटा तत्काल ऑनलाइन उपलब्ध होगा। कागज का उपयोग न्यूनतम होने से पेड़ों को कटने से बचाने में मदद मिलेगी।
देश के सामने नजीर बनेगा दमोह का IPBM मॉडल
इस उपनिर्वाचन में ऐप की कुशलता का प्रदर्शन किया जाएगा। सारिका ने मतदाताओं को प्रेरित करते हुए कहा कि पेपरलेस वोटिंग से परिवहन लागत में भी कमी आएगी। कार्यक्रम में उपस्थित नागरिकों ने संकल्प लिया कि वे न केवल मतदान करेंगे, बल्कि तकनीक के माध्यम से पर्यावरण को बचाने में भी सहयोग करेंगे।
अभियान के अंत में मतदाताओं को ईवीएम का डेमो देकर और “उंगली की ताकत” पहचानने का आह्वान कर रिकॉर्ड मतदान करने की अपील की गई।







