मध्य प्रदेशराज्य

देश में 40 लाख से अधिक किसान प्राकृतिक खेती को अपनाकर लाभ कमा रहे हैं : गृहमंत्री अमित शाह 

प्रदेश में दूध का उत्पादन 9 प्रतिशत से बढ़ाकर 20 प्रतिशत तक ले जाएंगे : मुख्यमंत्री डॉ. यादव

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रीवा l केंद्रीय गृहमंत्री अमित शाह ने रीवा जिले के बसामन मामा गौ वन्य विहार अभ्यारण्य में प्राकृतिक खेती के प्रकल्प का शुभारंभ किया। गृहमंत्री श्री शाह ने किसान सम्मेलन में कहा कि आज देश के पूर्व प्रधानमंत्री अटल बिहारी वाजपेयी जी की जन्म जयंती है। अटल जी सुशासन और राष्ट्रीयता के प्रतीक थे। वह जो कहते थे उसे करके दिखाते थे। ऐसे व्यक्ति विरले ही होते हैं। अटल जी को विंध्य क्षेत्र बहुत प्रिय था। विंध्य की गोद में बसे रीवा में तेजी से विकास हो रहा है। एशिया का सबसे बड़ा सोलर प्रोजेक्ट रीवा में ही है। यहां फोरलेन सड़कें और 24 घंटे सेवा देने वाला एयरपोर्ट है।

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      केन्द्रीय गृहमंत्री ने कहा कि रीवा में बेसहारा गायों को आश्रय देने के लिए बनाए गए बसामन मामा गौ अभ्यारण्य में प्राकृतिक खेती के नए प्रयोग शुरू किए गए हैं। यहां विकसित किया जा रहा प्राकृतिक खेती का प्रकल्प किसानों के लिए मार्गदर्शक बनेगा। धरती माता के स्वास्थ्य की रक्षा और अपने स्वास्थ्य की रक्षा के लिए प्राकृतिक खेती ही एकमात्र विकल्प है। प्राकृतिक खेती को हर किसान अपनाए। इसमें उत्पादन कम नहीं होता है। देश के 40 लाख से अधिक किसान प्राकृतिक खेती को अपना चुके हैं। प्राकृतिक और जैविक खेती से उत्पन्न अनाज, फल और सब्जियां केमिकल से मुक्त और हमारे स्वास्थ्य के लिए लाभदायक होती हैं।

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      केंद्रीय गृहमंत्री ने कहा कि जैविक उत्पादों के प्रमाणीकरण के लिए देश में शीघ्र ही 400 से अधिक लैब कार्य करने लगेंगी। सहकारी संस्थाओं के माध्यम से जैविक उत्पादों के प्रमाणीकरण, पैकेजिंग और विपणन की व्यवस्था की जा रही है। बसामन मामा गौ वन्य विहार में जो एक्युरेशन फार्म स्थापित किए जा रहे हैं उन्हें भी बसामन मामा प्रकल्प के रूप में जाना जाएगा। गृहमंत्री ने कहा कि पर्यावरण का संरक्षण करना हम सबकी जिम्मेदारी है। बसामन मामा ने पीपल के वृक्ष की सुरक्षा के लिए अपने प्राणों का बलिदान कर दिया। हम सब अगली बरसात में कम से कम पांच पीपल के पौधे रोपित करके बसामन मामा को सच्ची श्रद्धांजलि अर्पित करें। पीपल ऑक्सीजन का सबसे बड़ा स्रोत है।

      समारोह में मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा कि हमारे केन्द्रीय गृहमंत्री जी ने 33 साल पहले सफल्तापूर्वक जैविक और प्राकृतिक खेती का प्रयोग किया था। हमारी सरकार प्राकृतिक और जैविक खेती को बढ़ावा देने के लिए लगातार प्रयास कर रही है। खेती के साथ-साथ किसान की आय बढ़ाने के लिए दूध उत्पादन बढ़ाने पर विशेष ध्यान दिया जा रहा है। प्रदेश का दुग्ध उत्पादन अगले 5 सालों में 9 प्रतिशत से बढ़ाकर 20 प्रतिशत तक करने का लक्ष्य रखा गया है। इसके लिए हम घर-घर में गौपालन को बढ़ावा देने के लिए गोपाल बनाएंगे। आज अटल जी का जन्मदिन है। जिन्होंने हमारी पार्टी की नींव रखी। केंद्रीय गृहमंत्री जी के नेतृत्व में हमारी पार्टी दुनिया की सबसे बड़ी लोकतांत्रिक पार्टी बनी। 

      समारोह में उप मुख्यमंत्री श्री राजेंद्र शुक्ल ने कहा कि केंद्रीय गृहमंत्री श्री अमित शाह जी के प्राकृतिक खेती के संकल्प से बसामन मामा गौ अभ्यारण्य में प्राकृतिक खेती के प्रकल्प को जन्म दिया। यहां किसानों को प्रशिक्षण देकर प्राकृतिक खेती को लगातार बढ़ावा दिया जा रहा है। रीवा को हम प्राकृतिक खेती में अव्वल जिला बनाएंगे। बसामन मामा गौ अभ्यारण्य बेसहारा गायों को आश्रय देने के साथ प्राकृतिक खेती के मॉडल के रूप में विकसित हो रहा है। देश के गृहमंत्री जी ने यशस्वी प्रधानमंत्री जी के नेतृत्व में नक्सलवाद का सफाया किया है। आपकी लौह पुरुष जैसी कार्यशाली से अनेक कठिन लक्ष्य प्राप्त किए गए हैं। विंध्य की धारा पर गृहमंत्री जी का आगमन गौ माता जी के आशीर्वाद से ही हुआ है। गौ माता इतनी पवित्र हैं कि उसके गोबर और गोमूत्र का उपयोग पूजा में होता है। गाय में 33 कोटि देवताओं का वास माना जाता है। प्राकृतिक खेती गोपालन को बढ़ावा देने के साथ किसानों की आय में वृद्धि करेगी। प्राकृतिक खेती को अपनाने के बाद गौवंश भी बेसहारा नहीं रहेगा।

      सम्मेलन में विधायक तथा भाजपा के प्रदेश अध्यक्ष श्री हेमंत खंडेलवाल ने कहा कि आज का दिन रीवा के लिए गौरव का दिन है। अटल जी के जन्मदिन पर प्राकृतिक खेती के प्रकल्प का शुभारंभ किया गया है। सुशासन अटल जी की विचारधारा थी। इसे मध्यप्रदेश में हमारी सरकार ने अमलीजामा पहनाया है। केंद्र सरकार और प्रदेश सरकार के संकल्प से प्राकृतिक खेती को बढ़ावा मिला है। इसे अपनाकर किसान समृद्ध होंगे और हम सबका स्वास्थ्य भी बेहतर होगा। बसामन मामा में प्राकृतिक खेती के प्रकल्प की जो शुरुआत हुई है उसकी गूंज दूर तक जाएगी।

      केंद्रीय गृहमंत्री श्री शाह ने बसामन मामा पहुंचकर प्राकृतिक खेती के प्रकल्प का शुभारंभ किया। केंद्रीय मंत्री ने गौशाला में विकसित किए जा रहे प्राकृतिक खेती के विभिन्न मॉडलों का अवलोकन किया। श्री शाह ने बसामन मामा में कल्पवृक्ष का पौधा रोपित किया। उन्होंने प्राकृतिक खेती के प्रकल्प के विषय में किए जा रहे नवाचारों की भी जानकारी ली। गृहमंत्री ने 60 तरह के बीजों, गोमूत्र तथा गोबर से बनाए गए कीटनाशक एवं खाद अंतर्वरतीय फसलों, फाइव लेयर में की जा रही खेती, औषधीय पौधों की खेती, तथा फल उद्यान का अवलोकन किया। गृहमंत्री ने गौ अभ्यारण्य की गायों का दर्शन किया तथा गौ पूजन करके गौ ग्रास खिलाया। गृहमंत्री ने बसामन मामा गौ अभ्यारण्य में गौमाता की सेवा और प्राकृतिक खेती के लिए किए जा रहे प्रयासों की भूरि-भूरि प्रशंसा की। सम्मेलन में गृहमंत्री ने प्राकृतिक और जैविक खेती करने वाले दो किसानों भूपेन्द्र सिंह तथा विवेक सिंह भदौरिया को संकल्प पत्र देकर सम्मानित किया।

गृह मंत्री का बसामन मामा गौवंश वन्य विहार में हुआ स्वागत

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       केन्द्रीय गृह मंत्री अमित शाह बसामन मामा गौवंश वन्य विहार में आयोजित कृषक सम्मेलन में भाग लेने रीवा से हेलीकाप्टर द्वारा पहुंचे जहां हेलीपैड में उनका आत्मीय स्वागत किया गया। 

केंद्रीय गृह मंत्री का रीवा एयरपोर्ट पर हुआ आत्मीय स्वागत

  केंदीय गृह मंत्री अमित शाह के गुरुवार को रीवा एयरपोर्ट आगमन पर उप मुख्यमंत्री श्री राजेंद्र शुक्ल ने अगवानी कर स्वागत किया। गृह मंत्री जी के साथ विमान में मुख्यमंत्री डा मोहन यादव और प्रदेशाध्यक्ष हेमंत खंडेलवाल भी रीवा आए । विमानतल पर जनप्रतिनिधियों और प्रशासनिक अधिकारियों ने पुष्प गुच्छ भेंट कर आत्मीय स्वागत किया।केंद्रीय गृह मंत्री श्री अमित शाह,मुख्यमंत्री डा मोहन यादव ,प्रदेशाध्यक्ष हेमंत खंडेलवाल और उपमुख्यमंत्री श्री राजेंद्र शुक्ल रीवा एयरपोर्ट से अपरान्ह 3.20 बजे बसामन मामा के लिए हेलीकॉप्टर से रवाना हुए।रीवा एयरपोर्ट पर स्वागत करने वालों में विधायक देवतालाब गिरीश गौतम ,विधायक मऊगंज प्रदीप पटेल ,पूर्व मंत्री पुष्पराज सिंह , डॉ. अजय सिंह,विद्याप्रकाश श्रीवास्तव,अरुण द्विवेदी, आई जी गौरव राजपूत,संयुक्त कमिश्नर सुदेश मालवीय, शामिल हैं।

       बसामन मामा गौवंश वन्य बिहार में आयोजित कृषक सम्मेलन स्थल में प्राकृतिक खेती के विभिन्न घटकों जैसे जीवामृत, बीजामृत, धनजीवामृत, नीमास्त्र, ब्राहृास्त्र, अग्निस्त्र पशपर्णी उक्त तैयार करने में उपयोग की जाने वाली सामग्रियों के साथ प्राकृतिक रूप से उत्पादित उत्पाद की जीवंत प्रदर्शनी लगाई गई। 

 प्रदर्शनी में कृषि विभाग द्वारा मोटे अनाज जैसे कोदो, कुटकी, रागी ज्वार, बाजरा के बीजों के साथ ही श्री अन्न फसलों की खेती के लाभ एवं उनमें पाये जाने वाले पोषक तत्वों के महत्व को भी दर्शाया गया। कृषि अभियांत्रिकी के तहत पराली प्रबंधन के उन्नत कृषि यंत्रों कल्चर, वेलर, हैपी सीडर व सुपर सीडर का भी प्रदर्शन किया गया। कृषि विभाग केन्द्र द्वारा उन्नत कृषि तकनीक एवं प्राकृतिक खेती में सहायक लाभकारी कीटो का भी प्रदर्शन किया गया। उद्यानिकी विभाग द्वारा भी प्रदर्शनी में उद्यानिकी

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