स्टाम्प फर्जीवाड़ा रैकेट का भंडाफोड़, लाखों के राजस्व का चूना लगाने वाले चार गिरफ्तार

स्टाम्प फर्जीवाड़ा रैकेट का भंडाफोड़, लाखों के राजस्व का चूना लगाने वाले चार गिरफ्तार
भोपाल,यशभारत। राजधानी में स्टाम्प पेपर और नोटरी की जाली सील का दुरुपयोग कर सरकारी राजस्व को लाखों का चूना लगाने वाले एक संगठित गिरोह का पर्दाफाश हुआ है। पुलिस ने मामले में चार आरोपियों को गिरफ्तार किया है, जबकि गिरोह के सरगना समेत सात आरोपी अभी फरार हैं।
पुलिस से मिली जानकारी के अनुसार, यह गिरोह पिछले कई वर्षों से फर्जी स्टाम्प, कोरे स्टाम्प पेपर और नोटरी की जाली सील का अवैध रूप से इस्तेमाल कर रहा था। गिरफ्तार आरोपियों में से एक, प्रीतम प्रजापति (19), ने पूछताछ में खुलासा किया कि वह अपने फरार मामा आकाश साहू और विकास साहू के कहने पर उनके घर पर रहकर यह अवैध काम करता था। गिरोह के सदस्य, जिनमें स्टाम्प वेंडर वेदप्रकाश साहू और नोटरी करने वाले एडवोकेट हेमंत तिवारी और पवन प्रकाश शर्मा शामिल हैं, पुराने दस्तावेजों से उपयोग किए गए (चिपकाने वाले) स्टाम्प निकालते थे। वे स्टाम्प वेंडर वेदप्रकाश साहू की दुकान से कोरे स्टाम्प पेपर, भरे हुए पेपर और सफेद पेपर पर नोटरी एडवोकेट हेमंत तिवारी और पवन प्रकाश शर्मा के हस्ताक्षर करवा लेते थे। इन स्टाम्पों को फिर से इस्तेमाल कर, और स्टाम्प पेपरों की फोटोकॉपी का दुरुपयोग कर, राजस्व को चूना लगाकर अवैध तरीके से आर्थिक लाभ कमाया जाता था।
हुई गिरफ्तारी और जब्त सामान
एमपी नगर पुलिस ने 18 नवंबर को बोर्ड ऑफिस चौराहा स्थित सारनाथ कॉम्प्लेक्स और पुरानी विधानसभा के सामने स्थित ए.एम. इंटरप्राइजेस पर छापे मारे। यहां से उपयोग हो चुके चिपकाने वाले स्टाम्प, कोरे स्टाम्प पेपर, नोटरी एडवोकेट्स हेमेन्द्र तिवारी और पवन प्रकाश शर्मा के हस्ताक्षर व सील लगे पेपर, स्टाम्प रजिस्टर और फोटो कॉपी किए गए दस्तावेज बड़ी मात्रा में मिले। गिरफ्तार आरोपी प्रीतम प्रजापति ने बताया कि वह पिछले तीन सालों से यह काम कर रहा था और इन स्टाम्पों को कूटरचित कर असली के रूप में बेचता था।
फरार आरोपियों की तलाश जारी
पुलिस सभी फरार आरोपियों की तलाश कर रही है और यह भी जांच की जा रही है कि फर्जी स्टाम्प का इस्तेमाल किन निजी और सरकारी कामों में किया गया। प्रारंभिक जांच में करोड़ों के राजस्व नुकसान की आशंका जताई जा रही है।







