अब पीछे बैठने वालों के लिए भी जरूरी हेलमेट
सड़क हादसों में बढ़ती मौतों को रोकने के लिए विशेष अभियान

जबलपुर,यशभारत। मध्य प्रदेश में सड़क सुरक्षा को मजबूत बनाने के लिए एक बड़ा कदम उठाया गया है। गुरुवार से दोपहिया वाहनों पर पीछे बैठने वाले यात्रियों के लिए हेलमेट पहनना अनिवार्य हो गया है। मोटर व्हीकल एक्ट 1988 के तहत यह नियम पहले से मौजूद था, लेकिन अब सुप्रीम कोर्ट के निर्देशों और प्रदेश ट्रैफिक रिसर्च इंस्टीट्यूट की सिफारिश पर सख्ती बरती जा रही है।
शुरुआत में भोपाल, इंदौर, जबलपुर, ग्वालियर और उज्जैन जैसे 5 बड़े जिलों में लागू यह नियम अगले चरण में पूरे प्रदेश में फैलेगा। 4 साल से अधिक उम्र के सभी पिलियन राइडर्स के लिए हेलमेट अनिवार्य किया गया है और उल्लंघन पर 300 रुपये का चालान किया जा रहा है। इसी क्रम में शहर के प्रमुख चौराहो पर चेकिंग अभियान चलाया गया। इस अभियान के पहले दिन अलग-अलग नजारे सामने आये कोई कह रहा था कि पुलिसकर्मी सामने से गुजरा, तब चालान क्यों नहीं किया? किसी ने कहा- बच्ची एडमिट है। जल्दी में हेलमेट भूल गया। वहीं कुछ बाइक सवार चेकिंग देखकर पहले बाइक घुमाकर भाग निकले।कुछ चौराहो पर दोपहिया सवारों और पुलिस कर्मियों के बीच जमकर बहस भी हुई।
पुलिस अधिकारियों का कहना है कि चालान प्रक्रिया शुरू करने से पहले, एक पखवाड़े तक चौराहों पर लोगों को हेलमेट पहनने, सीट बेल्ट लगाने और अन्य यातायात नियमों का पालन करने के महत्व के बारे में जागरूक किया गया। इसके अतिरिक्त, स्कूलों और कॉलेजों में जाकर युवाओं में भी जागरूकता पैदा की गई, क्योंकि सड़क दुर्घटनाओं में मरने वालों में युवाओं की संख्या एक महत्वपूर्ण हिस्सा होती है।







