कटनीमध्य प्रदेश

सीमा पार से जुड़े सायबर फ्रॉड के तार, आरोपियों से पूछताछ के बाद कई नाम आए सामने, हर एंगिल से जांच कर रही पुलिस, बड़े नेटवर्क का खुलासा होने की उम्मीद




कटनी, यशभारत। गोयनका ज्वेलर्स के संचालक अरूण गोयनका के साथ लाखों रूपए की धोखाधड़ी मामले के आरोपियों से पूछताछ के बाद पुलिस को कई अहम सुराग हाथ लगे हैं। इस पूरे मामले के तार कटनी के साथ ही जबलपुर, भोपाल, गुडग़ांव ओर दिल्ली के साथ ही विदेशों से जुड़े हुए बताए जा रहे हैं। सूत्रों के मुताबिक दो नंबर के रूपए को एक नंबर में बदलने का यह पूरा खेल विदेशों से संचालित हो रहा है, हालांकि अभी पुलिस के हाथ कोई ठोस सुराग हाथ लहीं लगे हैं। पुलिस का कहना है कि मोबाइल की कॉल डिटेल, बातचीत और चेटिंग का डाटा रिकव्हर होने के बाद सारी चीजें सामने आ जाएंगी। पुलिस अधीक्षक अभिनय विश्वकर्मा ने सोमवार को कोतवाली पहुंचकर धोखाधड़ी मामले के दोनों आरोपियों से दो घंटे तक लगातार पूछताछ की। सूत्रों से पता चला कि पूछताछ में आरोपियों ने एक कोरियर सर्विस संचालक सहित कई लोगों के नाम उगले हैं लेकिन पुलिस अभी इन लोगों पर सबूतों के अभाव में हाथ नहीं डाल पा रही है। बताया जाता है कि धोखाधड़ी मामले के दोनों आरोपियों ने पूछताछ में कई अहम राज खोले हैं। पुलिस का कहना है कि जांच के बाद इस मामले में आरोपियों की संख्या भी बढ़ सकती है। सायबर ठगी के इस मामले में एसपी अभिनय विश्वकर्मा के निर्देशन में एक्सपर्ट की टीम मामले की जांच में जुटी हुई है।

30 लोगों के फर्जी खाते खोलकर एक करोड़ का ट्रांजेक्शन

आरोपी कमीशन की लालच में क्रिप्टो करेंसी को ठिकाने लगवाते थे। चाइना के एक युवक की इंटरनेशनल कॉल से जुडक़र यह अवैध कारोबार किया जा रहा था। यह नेटवर्क देशभर में ऑनलाइन ठगी, डिजिस्टल अरेस्ट व साइबर फ्रॉड कर रहा है। दूसरी ओर माधवनगर पुलिस ने फिनो बैंक में पत्र लिखकर सस्पेक्टेड खातों की जानकारी मांगी है। प्रारंभिक पूछताछ में तथ्य सामने आए हैं कि 30 लोगों के फर्जी तरीके से गुमराह करते हुए खाते खोलकर एक करोड़ रुपए से अधिक का ट्रांजेक्शन किया गया है। ये दोनों आरोपी रकम को यूएसडीटी में कन्वर्ट कर चायनीज व्यक्ति को भेजते थे। कमीशन काटकर रुपए घुमा रहे थे। इस संबंध में चायनीज व्यक्ति रवि रावलानी को इंटरनेशनल नंबर से फोन करता था, जिसके बाद रावलानी खाते नंबर मुहैया कराता था और उसमें रकम आती थी। दोनों मिलकर गोल्ड खरीदकर मिलने वाली नकद राशि को यूएसडीसी में कन्वट कराकर ऑनलाइन भेज देते हैं। वाट्सएप में कई प्रकार के नंबरों से कॉलिंग हो रही थी। टेलीग्राम नंबर से भी खेल चल रहा था।

बैंकों में फर्जी एकाउंट खुलवाता था रवि

एसपी अभिनय विश्वकर्मा ने बताया कि इस पूरे मामले में रवि रावलानी का अहम रोल सामने आया है। रवि रावलानी द्वारा सायबर ठगी करने के लिए बैंकों में फर्जी दस्तावेजों के आधार खाते खुलवाए जाते थे और इन खातों के माध्यम से सायरबर ठगी की जाती थी। आरोपियों द्वारा बैंक से लेनदेन करते गोल्ड खरीदा जाता था और फिर बाद में गोल्ड को ज्वेलरी शॉप में बेचकर नगद रूपए लिए जाते थे। इस तरह दो नंबर की रकम एक नंबर में बदल जाती थी।

क्या है पूरा मामला

सराफा बाजार निवासी अरूण कुमार गोयनका पिता स्व. नत्थू लाल गोयनका ने पुलिस अधीक्षक को शिकायती आवेदन दिया था। शिकायत में कहा गया था कि उनके बरगवां स्थित एयू बैंक ब्रांच के खाते से 4 लाख रूपए की राशि का होल्ड लगाया गया है। शिकायत पर सायबर सेल से खाते में होल्ड लगाए जाने के बारे में जानकारी एकत्रित की गई तो पता चला कि ढीमरखेड़ा के ग्राम बरही पिपरिया शुक्ल निवासी रितिक कुमार पटेल ने खाते में होल्ड लगाया है। अरूण गोयनका से जब पूछताछ की गई तो उन्होंने बताया कि संगीता ज्वेलर्स माधवनगर के संचालक रवि पाहुजा ने 18 सितम्बर को रितिक कुमार पटेल को 457.06 ग्राम शुद्ध सोना दिया था, जिसकी कीमत 51 लाख 80 हजार 800 रूपए थी, जिसके 3 बिल रितिक पटेल के नाम से थे। रवि पाहूजा ने कहा कि यह बिल रितिक पटेल को देना है। रितिक से जब खाता होल्ड लगाने की बात कही तो उसने मना करते हुए कहा कि मुझे इसकी कोई जानकारी नहीं है।

इनका कहना है

धोखाधड़ी मामले के दोनों आरोपियों को रिमांड पर लेकर पूछताछ की जा रही है। पूछताछ में कई इनपुट्स मिले हैं। जिसके आधार पर जांच की जा रही है। आरोपियों ने अपने कई साथियों के नाम भी बताए हैं। जिससे आरोपियों की संख्या बढ़ सकती है। आरोपियों के मोबाइल का डाटा भी रिकव्हर कराया जा रहा है।
-अभिनय विश्वकर्मा, पुलिस अधीक्षक

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