वायुसेना का 93वां स्थापना दिवस,PM मोदी ने बधाई दी
CDS के साथ हिंडन एयरबेस पहुंचे तीनों सेनाओं के प्रमुख

नई दिल्ली,एजेंसी। वायुसेना आज अपना 93वां स्थापना दिवस मना रही है। इस मौके पर बुधवार सुबह ही राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू और प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने एक्स पर पोस्ट कर वायुसेना को बधाई दी। मुर्मू ने लिखा, “वायुसेना दिवस पर सभी वायु योद्धाओं, पूर्व सैनिकों और उनके परिवारों को हार्दिक बधाई दी।” वहीं, पीएम मोदी ने कहा, “भारतीय वायुसेना वीरता, अनुशासन और सटीकता की प्रतीक है। उन्होंने हमारे आकाश की सुरक्षा में, अत्यंत चुनौतीपूर्ण परिस्थितियों में भी, महत्वपूर्ण भूमिका निभाई है। प्राकृतिक आपदाओं के दौरान भी उनकी भूमिका अत्यंत सराहनीय रही है। उनकी प्रतिबद्धता, व्यावसायिकता और अदम्य साहस पर प्रत्येक भारतीय को गर्व है।”

दूसरी तरफ चीफ ऑफ डिफेंस स्टाफ (सीडीएस) जनरल अनिल चौहान, वायुसेना प्रमुख एयर चीफ मार्शल एपी सिंह, सेना प्रमुख जनरल उपेंद्र द्विवेदी और नौसेना प्रमुख एडमिरल दिनेश त्रिपाठी ने राष्ट्रीय युद्ध स्मारक पर पुष्पांजलि अर्पित की। इसके बाद सभी गाजियाबाद स्थित हिंडन एयरबेस पहुंचे, जहां वायुसैनिकों की परेड का आयोजन हुआ। वायुसेना प्रमुख ने परेड का निरीक्षण किया और वायुसैनिकों से सलामी ली।
8 अक्टूबर 1932 को भारतीय वायु सेना की हुई थी स्थापना
भारतीय वायुसेना की स्थापना 8 अक्टूबर 1932 को हुई थी जिसके बाद से ही प्रतिवर्ष इस दिन को वायु सेना दिवस के रूप में मनाया जाता है। एयर मार्शल सुब्रोतो मुखर्जी को भारतीय वायु सेना का संस्थापक माना जाता है। आजादी के बाद 1 अप्रैल 1954 सुब्रोतो मुखर्जी को भारतीय वायु सेना का पहला वायु सेना प्रमुख भी नियुक्त किया गया था।
गौरतलब है कि वायुसेना दिवस पर मुख्य आयोजन गाजियाबाद के हिंडन एयरफोर्स स्टेशन पर किया जा रहा है। यह पहला अवसर है, जब वायुसेना इस आयोजन को दो हिस्सों में कर रही है। हिंडन एयरबेस पर वायुसैनिकों की परेड और वायुसेना प्रमुख एयर चीफ मार्शल एपी सिंह का उद्बोधन हो रहा है, जबकि लड़ाकू विमानों और हेलिकॉप्टरों के हवाई करतब का प्रदर्शन 9 नवंबर को गुवाहाटी में किया जाएगा।
हिंडन पर इस बार मिग-21 भी खड़ा नजर आया। छह दशक की सेवा के बाद यह विमान पिछले ही दिनों वायुसेना से रिटायर हुआ है। हालांकि, इस दौरान राफेल और सुखोई-30 जैसे मारक एयरक्राफ्ट भी लोगों के मुख्य आकर्षण का विषय होंगे, जिन्होंने पाकिस्तान को मजा चखाने में अहम भूमिका निभाई।







