नवरात्र पर चहुंओर फिल्मी और पारंपरिक देवी गीतों की सुनाई दे रही गूंज
इनके बिना अधूरी सी लगती है नवरात्रि

जबलपुर यश भारत।नवरात्रि एक ऐसा पर्व है जो भक्ति, शक्ति और उत्सव का संगम है। इस दौरान पारंपरिक भजन और फिल्मी गरबा-डांडिया गीत माहौल को पूरी तरह भक्तिमय और उल्लास से भर देते हैं। पारंपरिक और फिल्मी दोनों तरह के प्रमुख गीत हर साल नवरात्रि के दौरान खूब बजते हैं और जिनके बिना ये पर्व अधूरा सा लगता है। जय अंबे गौरी अंबे तू है जगदंबे काली से लेकर करें भगत हो आरती माई दोई बिरिया जैसे भक्ति गीत चल रहे शारदीय नवरात्र पर्व पर शहर में चहूंओर गूंज रहे हैं।
ये गीत मुख्यतः मंदिरों, दुर्गा उत्सव पंडाल और घरों में पूजा के समय था गरबा में बजते हैं इन प्रमुख गीतों मेअम्बे तू है जगदम्बे काली “जय अंबे गौरी “चलो बुलावा आया है, माता ने बुलाया है।ओ मेरी मैया शेरोंवाली शक्ति दे मां शक्ति दे मां तूने मुझे बुलाया शेरावालिए आयो आयो नवरात्री त्योहार हे नाम रे सबसे बड़ा तेरा नाम मैं माफी मांगने आया मैं तो आरती उतारू रे संतोषी माता की जैसे फिल्मी गीतों के साथ ही पारंपरिक रूप से गए पारंपरिक रूप से गाई जाने वाली भक्ते और जस भी वातावरण को धर्ममय बना रहे हैं। शहर के गायक कलाकारों ने भी एक से बढ़कर एक पारंपरिक देवी गीतों को स्वरबद्ध कर अपनी आवाज दी है और यह गीत आज भी प्रासंगिक है। दिवंगत शिब्बू दादा हों इंद्रा श्रीवास्तव सुंदरलाल विश्वकर्मा राजाराम विश्वकर्मा से लेकर न जाने कितने गायको ने माता के गुणगान करने वाले पारंपरिक भजनों की प्रस्तुतियां दी है जो आज भी नवरात्र के मौके पर पंडाल और मंदिरों में गूंजते सुनाई दे देंगे। इसके बाद राकेश तिवारी मिठाई लाल चक्रवर्ती संतोष सूर्यवंशी संजो बघेल शहनाज अख्तर मनीष अग्रवाल जैसे गायको के द्वारा गए गीत आज भी देवी जागरण और दुर्गा पूजा पंडाल से लेकर मंदिरों तक में बज रहे हैं।
लता मंगेशकर महेंद्र कपूर नरेंद्र चंचल गजल गायक जगजीत सिंह अनूप जलोटा सोनू निगम अनुराधा पौडवाल तृप्ति शाक्या लखबीर सिंह लक्खा के अलवा अन्य ख्याति प्राप्त गायकों के द्वारा गाये गानों की भी खूब डिमांड है। हालांकि पिछले कुछ वर्षों में शहर में गरबा नाइटस डांडिया के आयोजनों की भी संख्या बढ़ी है और इनमें फिल्मी गरबा और नवरात्रि गीतों का खूब जलवा रहता है ऐसी आयोजनों में
नगाड़ा संग ढोल बाजे
ढोली तारो ढोल बाजे
चोगड़ा तारा
उड़ी उड़ी जाए जैसे गीतों के जरिये भक्त मां की आराधना कर रहे हैं।
इनमें गरबा और गुजराती संस्कृति की खूबसूरत झलक देखने मिलती है इसके अलावा भी मार्केट में डीजे और रीमिक्स की भरपूर वैरायटी उपलब्ध है जो नवरात्र के उत्सवी माहौल को और भव्य वा शानदार बना रहे हैं।







