
19 अगस्त को ही यश भारत ने प्रकाशित कर दी थी अनुराग जैन के एक्सटेंशन की खबर
प्रशासनिक कसावट की वजह से मिला एक वर्ष का एक्सटेंशन
भोपाल मुख्य सचिव अनुराग जैन का एक वर्ष का कार्यकाल बढ़ाने का निर्णय काफी अहम माना जा रहा है। उन्नतीस दिनों से चल रहे घटनाक्रम में छ :महीने से बारह महीने की सेवावृद्धि प्रशासनिक कसावट के मद्देनज़र की गई है। इसमें सिंहस्थ भी केंद्र बिंदु में है। पहले श्री जैन को पाँच वर्ष के पद का भी प्रस्ताव शामिल था,लेकिन दिल्ली इनकी छबि और सशक्त कार्यप्रणाली ,प्रधानमंत्री कार्यालय का अनुभव से अवगत था।
अगस्त का महीना शुरू होते ही चीफ सेक्रेटरी अनुराग जैन के सेवानिवृत्ति की तारीख के कारण नए मुख्य सचिव की कार्रवाई शुरू हो गई थी जैसा आम तौर पर होता है, जो भी सीनियर अफसर रहते हैं उन्हें मुख्य सचिव का दायित्व दिया जाता है। जिस तरह से अनुराग जैन दिल्ली से आकर मुख्य सचिव बने थे उससे यह माना जा रहा था कि उनकी सेवा निवृत्ति के बाद भी उन्हें प्रमुख पदों पर रखा जाएगा। ऐसे में जो प्रमुख दावेदार थे उन्होंने एक रास्ता निकाला इस रास्ते में विद्युत विनिमय आयोग या राज्य लोक सेवा आयोग के प्रमुख पदों पर नियुक्त करके 5 साल का दायित्व दिया जाए। अनुराग जैन की जो कार्य प्रणाली और प्रशासनिक अनुभव का लाभ इन पदों पर बैठ कर लिया जाए। राजनीति में ऊंट कब किस करवट बैठ जाए यह तो ऊंट की सवारी करने वाला भी नहीं समझ पाता । अगस्त के शुरुआती 15 दिनों में यह तय माना जा रहा था कि प्रदेश को मुख्य सचिव के रूप में एक नया चेहरा मिलेगा । 18 अगस्त आते-आते जब मुख्यमंत्री डॉ मोहन यादव प्रधानमंत्री से दिल्ली दरबार में भेंट कर रहे थे ,उसी दिन मुख्य सचिव अनुराग जैन की राज्यपाल के साथ पुष्प गुच्छ देते हुए एक तस्वीर सामने आई। 18 अगस्त को सोशल मीडिया में यह खबर प्रमुखता से प्रकाशित की गई, फिर उसके दूसरे दिन यश भारत समाचार पत्र में मुख्य सचिव अनुराग जैन को 6 माह का कार्यकाल बढ़ाने का समाचार प्रमुखता से प्रकाशित किया। उस वक्त वे लोग हैरान थे जो मुख्य सचिव बनने के की दौड़ में थे ,उनका मानना था कि श्री जैन को एक्सटेंशन शायद ना मिल पाए।

इसी बीच मुख्य सचिव के नजदीक बैठी अलका उपाध्याय को दिल्ली के प्रमुख विभाग में पदस्त करने का आदेश आया ,उस वक्त भी दो तरह की बातें हो रही थी शायद श्री जैन को सर्विस एक्सटेंशन नहीं मिलेगा। लेकिन इसके पीछे कुछ और गढ़ा जा रहा था। जो पता चला है उसके मुताबिक अनुराग जैन को प्रधानमंत्री कार्यालय में कार्य करने का अनुभव और उनके कार्य प्रणाली उनके हित में दिल्ली में अधिक मजबूत थी ।
उज्जैन महाकुंभ को ध्यान में रखते हुए अनुराग जैन की सेवाएं प्रशासनिक तौर पर दिल्ली के आलाआका समझ चुके थे , इसी कारण मुख्यमंत्री जब मुख्य सचिव के विषय में बात करने दिल्ली में थे उसी दिन राज्यपाल से मुलाकात करने मुख्य सचिव अनुराग जैन पहुंचे हुए थे। पहले 6 माह के एक्सटेंशन का पत्र दिल्ली गया था इस पर यह कहा जा रहा है कि एक प्रशासनिक कसावट जो वर्तमान कार्यकाल में अनुराग जैन कर रहे हैं उसके लिए 6 माह काम है। अत: एक वर्ष का एक्सटेंशन यदि मिलेगा तो वह प्रदेश के प्रशासनिक ढांचे के लिए ज्यादा कारगर होगा । इन परिस्थितियों के बीच 27 अगस्त को मुख्यमंत्री के साथ प्रशासनिक अमला जब दिल्ली पहुंचा था और उज्जैन सिंहस्थ को लेकर चर्चा हुई उस वक्त दिल्ली में बैठे लोग उज्जैन सिंहस्थ को लेकर भी अनुराग जैन को मुख्य सचिव पद पर देखना चाहते थे। इसके चलते आनन-फानन में 28 अगस्त को राज्य सरकार से 1 साल का सर्विस एक्सटेंशन का पत्र भेजा गया और कुछ ही मिनट में उसे आदेश के तहत जारी कर दिया गया। इस तरह अनुराग जैन का सर्विस एक्सटेंशन हो गया है। उन्हें प्रशासनिक कसावट के साथ-साथ उज्जैन सिंहस्थ की भी तैयारी करना है। मुख्यमंत्री डॉ मोहन यादव ने सूझबूझ का परिचय देते हुए अनुराग जैन को 1 साल के सर्विस एक्सटेंशन पर हस्ताक्षर करने में देरी नहीं की। अब आने वाले समय में प्रशासनिक कसावट के साथ शासन किस तरीके से काम करता है देखना होगा ।
प्रभावित अधिकारी
अनुराग जैन के सर्विस एक्सटेंशन का आदेश आने के पहले अगले मुख्य सचिव की दौड़ को लेकर सीनियर आईएएस अफसरों की दावेदारी सामने आने लगी थी। वरिष्ठता सूची में सबसे आगे 1990 बैच के डॉ. राजेश राजौरा हैं, जिनकी रिटायरमेंट मई 2027 में होगी। जैन के एक्सटेंशन पूरा होने के बाद भी इनके पास 9 माह का समय रहेगा, लिहाजा ये दावेदार बने रहेंगे। इसी बैच की अलका उपाध्याय मई 2026 में रिटायर हो जाएंगी, इसलिए उनकी दावेदारी समाप्त हो जाएगी। 1991 बैच के मनोज गोविल मार्च 2029 में, अशोक वर्णवाल जनवरी 2027 में और मनु श्रीवास्तव सितंबर 2027 में रिटायर होंगे। लिहाजा ये तीनों भी सीएस पद की दौड़ में रहेंगे। हालांकि, यदि 1992 बैच के अफसरों पर विचार किया जाता है तो उन्हें सभी सीनियर अफसरों को सुपरसिड करना होगा। ऐसे में आने वाले दिनों में मुख्य सचिव पद के लिए कड़ा मुकाबला देखने को मिल सकता है।
शिक्षा के साथ-साथ खेल में भी पारंगत हंै अनुराग जैन
1989 बैच के आईएएस अधिकारी अनुराग जैन मूल रूप से ग्वालियर के रहने वाले हैं और वर्तमान में केंद्रीय सड़क परिवहन एवं राजमार्ग मंत्रालय में सचिव पद पर कार्यरत हैं। आईआईटी खडग़पुर से इलेक्ट्रिकल इंजीनियरिंग में बीटेक ऑनर्स और अमेरिका के मैक्सवेल स्कूल से लोक प्रशासन में एमए करने वाले जैन पढ़ाई के साथ-साथ खेलों में भी अव्वल रहे। उन्होंने टेनिस में 11 नेशनल अवॉर्ड जीते और क्रिकेट में मध्य प्रदेश का प्रतिनिधित्व किया। प्रशासनिक सेवाओं में वे मंडला, मंदसौर और भोपाल के कलेक्टर रह चुके हैं। 2005 में शिवराज सिंह चौहान के सचिव बने और 2011 से 2015 तक प्रधानमंत्री कार्यालय में संयुक्त सचिव पद संभाला। इसके बाद उन्होंने वित्त विभाग और केंद्र सरकार में अहम जिम्मेदारियां निभाईं। उन्हें प्रधानमंत्री का भरोसेमंद अफसर माना जाता है।







