12 मिनट सायरन बजते अंधेरे में डूबा भोपाल, आपातकालीन स्थिति से निपटने आपदा प्रबंधन मॉक ड्रिल

जबलपुर यश भारत भोपाल में ब्लैकआउट के अंतर्गत शाम 7:30 से 7:42 बजे के बीच पूरे शहर में सायरन के संकेत के साथ ब्लैकआउट किया गया। यह एक मॉक ड्रिल थी जो आपातकालीन तैयारियों का परीक्षण करने के लिए आयोजित की गई थी. इसदौरान, सभी घरों, दुकानों, कार्यालयों और संस्थानों की रोशनी बंद कर दी गई थी, और सड़क पर चल रहे वाहनों के चालकों से भी अपनी लाइट बंद करने का अनुरोध किया गया था. यह ब्लैकआउट देश भर में हो रहे एक व्यापक अभ्यास का हिस्सा था जिसमें 244 स्थानों पर सायरन बजाना और संक्षिप्त, नियोजित ब्लैकआउट शामिल थे जैसे ही सायरन की आवाज़ गूंजी और सड़कें, गलियां, चौराहे पूरी तरह से अंधेरे में डूब गईं। इनवर्टर, जनरेटर, स्ट्रीट लाइट तक बंद कर दी गईं।कलेक्टर कौशलेन्द्र विक्रम सिंह ने जानकारी देते हुए बताया कि आपातकालीन स्थिति से निपटने के लिये नागरिकों को तैयार करने और प्रशासनिक व्यवस्थाओं को दुरुस्त रखने के उद्देश्य से आज बुधवार 7 मई को शाम 4 बजे से रात 8 बजे तक भोपाल जिले में व्यापक आपदा प्रबंधन मॉक ड्रिल आयोजित की गई ।कलेक्टर श्री सिंह ने बताया कि मॉक ड्रिल के अंतर्गत शहर के पूर्व चयनित 5 स्थलों पर विभिन्न आपातकालीन परिस्थितियों का पूर्वाभ्यास किया गया।
5 जगहों पर हुई माक ड्रिल
1. भेल क्षेत्र – सर्च एवं रेस्क्यू अभ्यास
2. डीबी मॉल – फायर ड्रिल एवं बचाव और घायलों की निकासी का अभ्यास
3. तुलसी नगर – अस्थायी अस्पताल स्थापित कर आपातकालीन चिकित्सा सेवाओं का प्रदर्शन
4. न्यू मार्केट – लोगों की सुरक्षित निकासी कर पुलिस लाइन तक पहुँचाने की प्रक्रिया का अभ्यास।
5. कोकटा मल्टी – भवन ध्वस्तीकरण के दौरान निकासी और रेस्क्यू ऑपरेशन।
ब्लैकआउट और अलर्ट प्रक्रिया
ब्लैकआउट और अलर्ट प्रक्रिया के अंतर्गत शाम लगभग 7:30 से 7:42 बजे के बीच पूरे शहर में ब्लैकआउट किया गया। ब्लैकआउट प्रारंभ होने से पूर्व रैड अलर्ट साइरन दो मिनट तक बजा। इस दौरान नागरिकों से अनुरोध किया गया कि वे अपने घरों, दुकानों, कार्यालयों एवं संस्थानों की सभी रोशनी बंद करें। सड़क पर चल रहे वाहन चालक भी वाहन रोककर हेडलाइट और बैकलाइट बंद रखें। निर्धारित समय पर 7:42 बजे ग्रीन अलर्ट साइरन बजा, जो “ऑल क्लीयर सिग्नल” था। इसके बाद सभी रोशनियां पुनः चालू हो गई।
नेहरू नगर में मॉक ड्रिल
भोपाल के नेहरू नगर पुलिस लाइन में मॉक ड्रिल का आयोजन किया गया। आग लगने की स्थिति में बचाव कैसे करें उसके बारे में बताया गया। डेमो के लिए अस्थाई रूप से बनाए घर में आग लगाई। आग और अप्रिय स्थिति में कैसे लोगों का बचाव करें यह बताया गया। पुलिस और एनडीआरएफ की टीम ने रेस्क्यू कर अस्थाई अस्पताल पहुंचाया। पुलिस कमिश्नर हरिनारायण चारी मिश्र समेत अन्य अधिकारी मौजूद रहे।
नागरिकों से अपील
कलेक्टर कौशलेन्द्र विक्रम सिंह ने नागरिकों से आग्रह किया है कि मॉक ड्रिल एक सामान्य पूर्वाभ्यास है। उन्होंने सभी भोपालवासियों से इस महत्वपूर्ण अभ्यास में सहयोग करने का अनुरोध किया है ताकि आपदा के समय प्रभावी प्रतिक्रिया सुनिश्चित की जा सके। इससे घबराने या किसी भी अफवाह पर ध्यान देने की आवश्यकता नहीं है। मॉक ड्रिल के दौरान शहर की समस्त दैनिक गतिविधियां सामान्य रूप से संचालित होती रहेंगी।







