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मेरठ के 6 डॉक्टरों पर मानव अंग तस्करी का केस दर्ज, महिला मरीज का आरोप- चुपके से निकाल ली बाईं किडनी

 

मेरठ, ईएमएस। मेरठ के 6 डॉक्टरों पर मानव अंग तस्करी का केस दर्ज किया गया है। बुलंदशहर के बुगरासी कस्बे की रहने वाली कविता (43) ने मेरठ के एक अस्पताल के छह डॉक्टरों पर धोखाधड़ी और मानव अंग तस्करी का गंभीर आरोप लगाया है। महिला का कहना है कि 2017 में तबीयत खराब होने पर उसने मेरठ के बागपत रोड स्थित केएमसी अस्पताल में इलाज कराया था। 20 मई 2017 को ऑपरेशन हुआ और 24 मई को उसे छुट्टी दे दी गई। डॉक्टरों ने दावा किया था कि अब वह पूरी तरह ठीक हो जाएगी। बाद में पता चला कि उसकी बाईं किडनी गायब है। पुलिस ने इस मामले में 6 डॉक्टरों समेत 7 लोगों पर मामला दर्ज कराया है।पीड़िता का कहना था कि ऑपरेशन के बाद उसकी तबीयत में सुधार नहीं हुआ। 25 मई 2022 को दोबारा अस्पताल जाकर उसने जांच कराई तो बाईं किडनी गायब पाई गई। महिला ने आरोप लगाया कि डॉक्टरों ने इस पर विवाद किया, उसके दस्तावेज छीन लिए और धमकी देकर भगा दिया।इसके बाद, 28 अक्टूबर 2022 को उसने दूसरे डॉक्टर से अल्ट्रासाउंड कराया, जिसमें किडनी गायब होने की पुष्टि हुई। पीड़िता ने कई बार अधिकारियों से शिकायत की, लेकिन कोई कार्रवाई नहीं हुई। अंतत: कोर्ट का रुख करने के बाद मामला दर्ज किया गया। थाना प्रभारी नरसेना चंदगीराम सिंह ने बताया कि एसीजेएम तृतीय बुलंदशहर के आदेश पर केएमसी के डॉ. सुनील गुप्ता एमएस, डा. अजय एन वत्स एमडी, डा. सीमा वार्ष्णेय एमडी, डा. प्रतिभा गुप्ता पत्नी डा. सुनील गुप्ता, डा. निकिता जग्गी, डा. सतीश कुमार अरोरा व अज्ञात कर्मचारियों के खिलाफ बुलंदशहर पुलिस को एफआईआर के आदेश दिए हैं। कोर्ट के आदेश पर बुंदशहर के थाना नरसेना पुलिस ने उक्त पर भादंसं 1860-120-बी, 326, 506 व मानव अंग प्रत्यारापण अधिनियम 1994-18 के तहत मुकदम दर्ज कर लिया है।

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