शहडोल/ कोतमा | शहडोल जिले में एक दिल दहला देने वाली घटना सामने आई है, जहा चंद घंटों में ही खुशी गम में तब्दील हो गई और एक ही परिवार के 4 लोगो की सड़क हादसे में मौत हो गई है। तो वही दो गंभीर मेडिकल कालेज शहडोल में जिंदगी मौत की लड़ाई लड़ रहे, यह हृदय विदारक घटना शहडोल जिले के बुढार थाना क्षेत्र के नेशनल हाइवे 43 के मिश्रा क्रेसर के पास की बताई जा रही है, जहा जिला अस्पताल में डिलेवरी के दौरान आए नए मेहमान के आने से परिवार में खुशी का माहौल निर्मित हो गया।

समृद्ध किसान, समृद्ध प्रदेश का लक्ष्य , वंदे मातरम गायन के साथ शुरू हुआ कार्यक्रम कृषि कल्याण वर्ष 2026 कार्यशाला में विकास का रोडमैप तय सीएम डॉ. मोहन यादव के मार्गदर्शन में कृषि, पशुपालन और तकनीक आधारित योजनाओं पर जोर, 55 जिलों के अधिकारी भोपाल में जुटे *भोपाल यश भारत।* मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव के मार्गदर्शन में मध्यप्रदेश को कृषि क्षेत्र में अग्रणी बनाने की दिशा में अभ्युदय मध्यप्रदेश के तहत कृषि कल्याण वर्ष 2026 की राज्यस्तरीय कार्यशाला का आयोजन राजधानी भोपाल स्थित रविंद्र भवन में किया गया। इस महत्वपूर्ण कार्यशाला में प्रदेश के सभी संभागों और 55 जिलों से कृषि विभाग के अधिकारी एवं कर्मचारी शामिल हुए। कार्यशाला का मुख्य उद्देश्य समृद्ध किसान, समृद्ध प्रदेश के लक्ष्य को साकार करना रहा, जिसमें कृषि, पशुपालन, सहकारिता, मत्स्य पालन और तकनीकी नवाचारों के माध्यम से किसानों की आय बढ़ाने पर विस्तार से चर्चा की गई। कार्यक्रम के दौरान जैविक खेती, मिट्टी परीक्षण, ई-विकास प्रणाली और आधुनिक कृषि तकनीकों पर विशेष प्रशिक्षण सत्र आयोजित किए गए। *सीधे किसानों से जुड़ने का प्रयास करें अधिकारी* अधिकारियों को निर्देश दिए गए कि वे सीधे किसानों से जुड़कर योजनाओं का लाभ जमीनी स्तर तक पहुंचाएं और संवाद को मजबूत करें। कृषि विभाग के अधिकारियों ने बताया कि प्रदेश में रबी और खरीफ दोनों सीजन के लिए बेहतर तैयारी की जा रही है। उर्वरकों की उपलब्धता पर स्पष्ट किया गया कि डी ए पी , यूरिया और एन पी के सहित सभी उर्वरकों की प्रदेश में कोई कमी नहीं है। साथ ही दुष्प्रचार फैलाने वालों को चेतावनी देते हुए कहा गया कि गलत जानकारी से किसानों में भ्रम न फैलाएं। ई-विकास मॉडल बना मिसाल कार्यशाला में ई-विकास पहल को किसानों तक तकनीक आधारित सेवाएं पहुंचाने का प्रभावी माध्यम बताया गया। जबलपुर, शाजापुर और विदिशा जिलों में इसका पायलट प्रोजेक्ट सफल रहा है जिसे अब पूरे प्रदेश में लागू करने की तैयारी है। *किसानों को हर स्तर पर समर्थन* सरकार द्वारा किसानों को लोन, कृषि यंत्र, उन्नत बीज, उर्वरक, बिजली, सौर ऊर्जा, प्राकृतिक खेती और आपदा के समय मुआवजा जैसी सुविधाएं लगातार उपलब्ध कराई जा रही हैं। प्रदेश में लगभग 55 लाख हेक्टेयर क्षेत्र सिंचित है जिससे उत्पादन क्षमता में वृद्धि हुई है। इसके अलावा मार्केटिंग, सहकारिता, मछली पालन और पशुपालन को भी आय के अतिरिक्त स्रोत के रूप में बढ़ावा दिया जा रहा है। अधिकारियों को निर्देश दिए गए कि वे सोशल मीडिया के माध्यम से भी किसानों को जागरूक करें और नगदी फसलों को बढ़ावा देने की दिशा में काम करें। *चार राज्यस्तरीय कार्यशालाएं होंगी आयोजित* सरकार ने निर्णय लिया है कि वर्ष 2026 के दौरान चार राज्यस्तरीय कार्यशालाओं का आयोजन किया जाएगा ताकि योजनाओं की समीक्षा और सुधार लगातार जारी रहे। कुल मिलाकर यह कार्यशाला मध्यप्रदेश को कृषि क्षेत्र में आत्मनिर्भर और समृद्ध बनाने की दिशा में एक मजबूत कदम माना जा रही है जिसमें तकनीक, पारदर्शिता और किसानों से सीधा संवाद प्रमुख आधार बने हैं। संबंधित सभी मंत्रीगण विधायक और अधिकारी गण सम्मिलित रहे
April 30, 2026
जन्मी बच्ची को देखने आटो से गए थे परिवार जन
जन्मी बच्ची को देखने के लिए आटो में सवार होकर आटो चालक सहित एक ही परिवार 6 लोग गए हुए थे, नवजात बच्ची को देखकर आटो में सवार होकर घर वापस लौट रहे थे तभी नेशनल हाइवे 43 मिश्रा क्रेसर के पास सड़क पार कर रही एक गाय को बचाने के फेर में आटो सड़क में पलट गई, तभी विपरीत दिशा से आ रही तेज रफ्तार ट्रेलर वाहन आटो को ठोकर मरते हुए 100 मीटर तक घसीटते हुए ले गई, जिसमे आटो में सवार 2 महिलाओं की मौके पर मौत हो गई तो वही दो और महिलाओं की घटना के कुछ देर बाद उपचार के दौरान मौत हो गई, वही आटो चालक व परिवार का एक और सदस्य मेडिकल कालेज में जिंदगी मौत की लड़ाई लड़ रहे है।
मैके पर पहुंचे ADGP व SP
वही मामले की जानकारी लगते ही ADGP डी सी सागर व शहडोल पुलिस अधीक्षक कुमार प्रतीक ने घटना स्थल का निरीक्षण किया तो वही घटनाकरित ट्रेलर वाहन के फरार ड्राइवर पर ADGP ने 30 हजार के इनाम की घोषणा की है।