5 हजार का इनामी आरोपी एक साल बाद गिरफ्तार, शराब तस्करी के मामले में काट रहा था फरारी, बड़वारा पुलिस ने दबोचा

कटनी, यशभारत। बड़वारा पुलिस ने अवैध शराब परिवहन के मामले में करीब एक साल से फरार चल रहे 5 हजार के इनामी आरोपी सुंदर सिंह को गिरफ्तार किया है। आरोपी सतना जिले के कोठी थाना क्षेत्र के ग्राम लोखरिया का निवासी है। पुलिस ने उसे 9 अक्टूबर को गिरफ्तार कर न्यायालय में पेश किया। मामले में आरोपी पर खमतरा शराब दुकान से शराब उपलब्ध कराने का आरोप है। बड़वारा थाना प्रभारी सुयश पाण्डेय ने बताया कि आरोपी की तलाश के लिए विशेष टीम गठित की गई थी। फरार आरोपी की गिरफ्तारी पर पुलिस अधीक्षक द्वारा 5 हजार का इनाम घोषित किया गया था। पुलिस के अनुसार 15 अक्टूबर की रात गश्त के दौरान मुखबिर से सूचना मिली थी कि इंडीवर कार से अवैध शराब बिक्री के लिए ले जाई जा रही है। सूचना पर पुलिस टीम ने ग्राम पथवारी स्थित रेलवे अंडरब्रिज के पास मुख्य मार्ग पर काले रंग की संदिग्ध कार को रोककर तलाशी ली। कार में रवि सिंह 48 वर्ष निवासी बंगला खितौली और आनंद राम उर्फ सोनी कुशवाहा 46 वर्ष निवासी ऊटिन टोला हदरहटा सवार थे। तलाशी के दौरान कार की डिक्की से देशी प्लेन शराब की 9 पेटी और देशी लाल मसाला शराब की 10 पेटी बरामद हुई। 19 पेटियों में 950 पाव यानी करीब 171 लीटर शराब मिली, जिसकी अनुमानित कीमत 95 हजार बताई गई। शराब के वैध दस्तावेज नहीं मिलने पर दोनों आरोपियों के खिलाफ आबकारी अधिनियम की धारा 34(2) के तहत मामला दर्ज कर कार्रवाई की गई।
पूछताछ में सामने आया मैनेजर का नाम
पुलिस के मुताबिक गिरफ्तार आरोपियों के कथनों के आधार पर खमतरा शराब दुकान के मैनेजर द्वारा शराब उपलब्ध कराए जाने की जानकारी सामने आई। पूछताछ में मैनेजर की पहचान सुंदर सिंह पिता शिवभान सिंह निवासी ग्राम लोखरिया थाना कोठी जिला सतना के रूप में हुई। इसके बाद से वह फरार था और उसकी गिरफ्तारी पर इनाम घोषित किया गया था। आरोपी की तलाश में पुलिस ने मुखबिर तंत्र सक्रिय करने के साथ साइबर सेल की मदद ली। बड़वारा पुलिस की विशेष टीम के प्रयासों से उसे गिरफ्तार कर न्यायालय में पेश किया गया। मामले में आगे की वैधानिक कार्रवाई जारी है। कार्रवाई में थाना प्रभारी सुयश पाण्डेय, सहायक उपनिरीक्षक महेश प्रताप सिंह, प्रधान आरक्षक पवनराज, आरक्षक रवि कुमार कोरी और आरक्षक आशीष तिवारी की महत्वपूर्ण भूमिका रही। वहीं साइबर सेल के आरक्षक शुभम गौतम और दीपक का भी विशेष योगदान रहा।







