एमपी के 24 जिलों में कोहरे का पहरा, 31 से भोपाल-इंदौर समेत पूरा प्रदेश भीगेगा

एमपी के 24 जिलों में कोहरे का पहरा, 31 से भोपाल-इंदौर समेत पूरा प्रदेश भीगेगा
स्ट्रॉन्ग सिस्टम एक्टिव: पश्चिमी विक्षोभ के कारण 3 दिन बदलेगा मिजाज; मंदसौर 5 डिग्री के साथ सबसे ठंडा
भोपाल, यशभारत। मध्य प्रदेश में कड़ाके की ठंड के बीच अब बारिश की एंट्री होने जा रही है। उत्तर भारत में सक्रिय हुए एक शक्तिशाली ‘वेस्टर्न डिस्टरबेंस’ (पश्चिमी विक्षोभ) के कारण प्रदेश का मौसम एक बार फिर करवट ले रहा है। मौसम विभाग ने 31 जनवरी से 2 फरवरी तक भोपाल, इंदौर और ग्वालियर सहित प्रदेश के 40 से अधिक जिलों में बारिश का अलर्ट जारी किया है। इससे पहले शुक्रवार सुबह प्रदेश का आधा हिस्सा घने कोहरे की चादर में लिपटा रहा।
दृश्यता कम, जनजीवन प्रभावित शुक्रवार तड़के भोपाल, ग्वालियर-चंबल, सागर और रीवा संभाग समेत 24 जिलों में मध्यम से घना कोहरा छाया रहा। कई इलाकों में विजिबिलिटी (दृश्यता) बेहद कम रहने के कारण सुबह 10 बजे तक धूप नहीं खिली, जिससे सड़क यातायात और ट्रेनों की रफ्तार पर ब्रेक लग गया।
तीन दिन कैसा रहेगा मौसम?
31 जनवरी: ग्वालियर-चंबल अंचल और बुंदेलखंड के जिलों (मुरैना, भिंड, दतिया, सागर, छतरपुर) में बारिश की शुरुआत होगी।
1 फरवरी: सिस्टम का असर बढ़ेगा। भोपाल, सीहोर, रायसेन, राजगढ़ और विंध्य क्षेत्र के जिलों में हल्की से मध्यम बारिश की संभावना है।
2 फरवरी: यह सबसे प्रभावित दिन होगा। भोपाल, इंदौर, जबलपुर और नर्मदापुरम समेत 40 जिलों में गरज-चमक के साथ बौछारें पड़ सकती हैं।
बारिश के बाद और तीखी होगी ठंड हिमाचल और उत्तराखंड में हो रही भारी बर्फबारी का असर जेट स्ट्रीम हवाओं के जरिए एमपी पहुंच रहा है। मंदसौर 5 डिग्री न्यूनतम तापमान के साथ प्रदेश में सबसे ठंडा रहा, वहीं पचमढ़ी में भी पारा गोता लगा गया है। मौसम वैज्ञानिकों के अनुसार, 2 फरवरी के बाद जैसे ही यह सिस्टम आगे बढ़ेगा, उत्तरी हवाएं सीधे आएंगी जिससे रात के साथ-साथ दिन के तापमान में भी भारी गिरावट दर्ज की जाएगी।






