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जबलपुर, यशभारत।मोटरयान अधिनियम 1988 की धारा 129 के तहत दोपहिया वाहन चालकों के लिए हेलमेट पहनना अनिवार्य है। इस कानून के प्रभावी क्रियान्वयन और सड़क दुर्घटनाओं में होने वाली मौतों को रोकने के उद्देश्य से पुलिस मुख्यालय मध्यप्रदेश, भोपाल के निर्देश पर 22 अक्टूबर से 15 दिवसीय जन-जागरूकता अभियान चलाया जाएगा। इसके बाद 6 नवंबर 2025 से जिलेभर में हेलमेट चेकिंग अभियान शुरू किया जाएगा
चौंकाने वाले आंकड़े: मौतों का बड़ा कारण – बिना हेलमेट
• वर्ष 2024 में प्रदेश में कुल 56,669 सड़क दुर्घटनाएं हुईं।
• इनमें से 13,661 लोगों की मौत हुई।
• इन मौतों में 53.8% दोपहिया वाहन चालकों की थीं।
• मरने वालों में 82% ने हेलमेट नहीं पहना था।
यह तथ्य दर्शाते हैं कि हेलमेट न पहनना सीधे मौत की संभावना को बढ़ गई है।
• 22 अक्टूबर से 5 नवम्बर 2025:
जन-जागरूकता अभियान
मीडिया, स्कूल, चौराहों और थानों में प्रचार, पंपलेट, सोशल मीडिया, और वीडियो संदेशों के माध्यम से नागरिकों को हेलमेट के महत्व के प्रति जागरूक किया जाएगा।6 नवम्बर 2025 से निरंतर
सख्त चेकिंग अभियान चलाया जायेगा।
दो टीमों में बाँटे गए यातायात बल को प्रतिदिन अलग-अलग स्थानों पर तैनात किया जाएगा, जो 1:4 के अनुपात में चेकिंग करेंगे।
श्रीमती संगीता डामोर, उप पुलिस अधीक्षक (यातायात), घमापुर को इस अभियान का नोडल अधिकारी नियुक्त किया गया है।
वे अपने क्षेत्र के थानों से रोज़ाना की रिपोर्ट लेंगी और संकलित जानकारी को भोपाल मुख्यालय भेजेंगी।
उनके साथ उप पुलिस अधीक्षक मालवीय चौक और उप पुलिस अधीक्षक यातायात गढ़ा भी अपने-अपने क्षेत्र के थानों से सहयोग करेंगे।
इस आदेश में स्पष्ट किया गया है कि पगड़ी पहनने वाले सिख नागरिकों को हेलमेट पहनने से छूट दी गई है, जैसा कि अधिनियम में प्रावधान है।
जबलपुर में पुलिस अब हेलमेट नियमों को लेकर बेहद सख्त रुख अपनाने जा रही है।
लापरवाही बरतने वालों पर अब न सिर्फ चालान होगा, बल्कि उन्हें यातायात जागरूकता सत्रों में भी भाग लेना पड़ सकता है।
पुलिस का उद्देश्य जुर्माना वसूली नहीं, बल्कि जनजीवन की सुरक्षा सुनिश्चित करना है।
“आपके परिवार को आपकी ज़रूरत है। हेलमेट ज़रूर पहनें। यह कानून नहीं, जीवन रक्षा कवच है।”
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