सरकार के फैसले से नाराज तहसीलदार और नायब तहसीलदार धरने पर, शासन को लौटाए वाहन, राजस्व विभाग का कामकाज ठप्प
कटनी, यशभारत। राज्य सरकार की दोषपूर्ण नीतियों के खिलाफ एवं राजस्व अधिकारियों के कार्य विभाजन से नाराज तहसीलदार और नायब तहसीलदार अनिश्चित कालीन हड़ताल पर चले गए हैं। हड़ताल की वजह से राजस्व विभाग का कामकाज प्रभावित हो गया है। नामांतरण, बटवारा सहित अन्य काम ठप हो गए हैं। विदित हो कि मध्यप्रदेश सरकार द्वारा राजस्व अधिकारियों को न्यायिक और गैर-न्यायिक कार्यपालक मजिस्ट्रेट में विभाजित करने की नई योजना से तहसीलदार और नायब तहसीलदार नाराज हैं। इस निर्णय के खिलाफ कलेक्टर कार्यालय के बाहर तहसीलदार और नायब तहसीलदार धरने पर बैठ गए हैं।
जिले के लगभग 25 तहसीलदार आज कलेक्ट्रेट कार्यालय के सामने धरने पर बैठ गए हैं। इन तहसीलदारों का कहना है कि प्रशासनिक सेवा में किए गए हालिया परिवर्तन न केवल उनकी मूल जिम्मेदारियों को प्रभावित कर रहे हैं, बल्कि उन्हें कार्यपालिका आदेश के ज़रिए सीधे-सीधे फील्ड में बिना परीक्षण लागू किया गया, जो पूरी तरह से अव्यवहारिक और असंतुलित है। धरने पर बैठे अधिकारियों ने बताया कि पहले ये प्रस्ताव कुछ जिलों में प्रयोग के तौर पर लागू करने की बात थी, लेकिन इसे जल्दबाज़ी में अधिकांश जिलों में थोप दिया गया।
कलेक्टर को सौंपा था ज्ञापन
संघ ने पहले ज्ञापन सौंपकर शासन से पुनर्विचार का आग्रह किया था और संशोधन का आश्वासन भी मिला था, लेकिन उस पर कोई अमल नहीं हुआ।इसी को लेकर अब प्रदेश भर में राजस्व संघ ने हड़ताल का ऐलान किया है, और कटनी में इसका असर साफ दिख रहा है। 25 तहसीलदारों ने अपने शासकीय वाहन शासन को लौटाते हुए “कलमबंद हड़ताल” की शुरुआत की है हालांकि तहसीलदारों ने यह भी स्पष्ट किया कि आपदा प्रबंधन जैसे अत्यावश्यक कार्यों में वे भागीदारी करेंगे, लेकिन अन्य सभी प्रशासनिक कामकाज पूरी तरह ठप रहेगा। हसीलदारों ने चेताया है कि यदि शासन ने इस व्यवस्था की पुनर्समीक्षा नहीं की, तो आगे आंदोलन और उग्र किया जाएगा।
कटनी, यशभारत। राज्य सरकार की दोषपूर्ण नीतियों के खिलाफ एवं राजस्व अधिकारियों के कार्य विभाजन से नाराज तहसीलदार और नायब तहसीलदार अनिश्चित कालीन हड़ताल पर चले गए हैं। हड़ताल की वजह से राजस्व विभाग का कामकाज प्रभावित हो गया है। नामांतरण, बटवारा सहित अन्य काम ठप हो गए हैं। विदित हो कि मध्यप्रदेश सरकार द्वारा राजस्व अधिकारियों को न्यायिक और गैर-न्यायिक कार्यपालक मजिस्ट्रेट में विभाजित करने की नई योजना से तहसीलदार और नायब तहसीलदार नाराज हैं। इस निर्णय के खिलाफ कलेक्टर कार्यालय के बाहर तहसीलदार और नायब तहसीलदार धरने पर बैठ गए हैं।
जिले के लगभग 25 तहसीलदार आज कलेक्ट्रेट कार्यालय के सामने धरने पर बैठ गए हैं। इन तहसीलदारों का कहना है कि प्रशासनिक सेवा में किए गए हालिया परिवर्तन न केवल उनकी मूल जिम्मेदारियों को प्रभावित कर रहे हैं, बल्कि उन्हें कार्यपालिका आदेश के ज़रिए सीधे-सीधे फील्ड में बिना परीक्षण लागू किया गया, जो पूरी तरह से अव्यवहारिक और असंतुलित है। धरने पर बैठे अधिकारियों ने बताया कि पहले ये प्रस्ताव कुछ जिलों में प्रयोग के तौर पर लागू करने की बात थी, लेकिन इसे जल्दबाज़ी में अधिकांश जिलों में थोप दिया गया।
कलेक्टर को सौंपा था ज्ञापन
संघ ने पहले ज्ञापन सौंपकर शासन से पुनर्विचार का आग्रह किया था और संशोधन का आश्वासन भी मिला था, लेकिन उस पर कोई अमल नहीं हुआ।इसी को लेकर अब प्रदेश भर में राजस्व संघ ने हड़ताल का ऐलान किया है, और कटनी में इसका असर साफ दिख रहा है। 25 तहसीलदारों ने अपने शासकीय वाहन शासन को लौटाते हुए “कलमबंद हड़ताल” की शुरुआत की है हालांकि तहसीलदारों ने यह भी स्पष्ट किया कि आपदा प्रबंधन जैसे अत्यावश्यक कार्यों में वे भागीदारी करेंगे, लेकिन अन्य सभी प्रशासनिक कामकाज पूरी तरह ठप रहेगा। हसीलदारों ने चेताया है कि यदि शासन ने इस व्यवस्था की पुनर्समीक्षा नहीं की, तो आगे आंदोलन और उग्र किया जाएगा।








