शहर की सुंदरता को लग रहा ग्रहण : पार्किंग न होने से चाहे-जहां खड़े कर रहे वाहन

नरसिंहपुर यशभारत। नगर की यातायात व्यवस्था पूरी तरह पटरी से उतर चुकी है, जिसका जहां मन हुआ अपने वाहन खडे करके चल दिया, इन रोड पर खड़े वाहनों से आवागमन में परेशानी जा रही है लेकिन संबंधित विभाग इस ओर ध्यान तक नही दे रहा है। सिंहपुर चौराहे पर कई दुकानदारों द्वारा अपनी दुकान के काउंटर बिल्कुल रोड पर रख लिये है और यहां सामान खरीदने आने वाले ग्राहक भी मोटर साइकिल, चार पहिया वाहन रोड किनारे खड़ा कर देते है जिससे यहां दिन में कई दफा जाम की स्थिति निर्मित हो जाती है। वहीं नगर के बैंकों के पास भी यही स्थिति बनती है जहां बैंक सकरी गलियों में बसे बैकों के सामने सैकड़ों वाहनो की अराजक पार्किंग आमजनों की समस्याओं का सबब नही हुई है। बैंक के अधिकारी और कर्मचारी तो अपने वाहनोंं के लिये इंतजाम कर लेते हैं, मगर उपभोक्ताओं के वाहन सडक़ों पर ही खड़े किये जाते हैं,बल्कि आवागमन भी बुरी तर प्रभावित होता है। बिना पार्किंग के एक दो नही लगभग शहर का हर बैंक चल रहा है। दर्जनों बैंकों की कहानी यही है जो बिना पार्किंग स्थल के वर्षो से संचालित हो रहा है। यहां प्रतिदिन हजारों ग्राहकों का आना-जाना होता है, और ग्राहक यहां आकर परेशान होते रहते है लेकिन बैंकों को ग्राहकों की समस्याओं से कोई लेना-देना नही होता।
बैंकों के पास नही है पार्किंग स्थल
नगर में स्थित कोई ऐसा बैंक नही है जहां पार्किक की व्यवस्था न होने के कारण बैंक उपभोक्ताओं द्वारा बैंक के सामने अपने वाहन खडे कर दिये जाते है जिससे आम जनों को निकलने में काफी दिक्कतों का सामना करना पड़ता है। नगर के पार्किंग विहीन बैंकों में प्रमुख रूप से सेन्ट्रल बैंक, महाकौशल क्षेत्रीय ग्रामीण बैंक, यूकों बैंक, स्टेट बैंक ऑफ इंदौर, यूनियन बैंक, कैनरा बैंक, पंजाब नेशनल बैंक, कोऑपरेटिव बैंक की महिला शाखा, सहकारी बैंक महिला शाखा, स्टेट बैंक ऑफ इंडिया कृषि शाखा आदि शामिल है। यहां पार्किंग व्यवस्था न होने के कारण बैंक के उपभोक्ताओं समेत आमजन परेशानियों से रूबरू हो रहे है।
की जाये पार्किंग व्यवस्था
बैंक उपभोक्ताओं सहित नगर के बुद्धिजीवि लोगों का कहना है कि नगर में स्थित जितने भी बैंक है हर एक बैंक के पास पार्किक की व्यवस्था होना नितांत आवश्यक है। बैंकों के पास पार्किक स्थल न होने के कारण यहां से निकलने वाले राहगीरों को काफी परेशानी जाती है, बैंक अपने उपभोक्ताओं सहित आम नागरिकों की दिक्कतों को देखते हुए पार्किंग की व्यवस्था करें जिससे किसी को भी परेशानियों का सामना न करना पड़े।
होते है आपस में विवाद
वहीं नागरिकों का कहना है कि पार्किंग के अभाव में सडक़ों पर यहां-वहां बेतरतीब ढंग से खड़े दोपहिया और चार पहिया वाहनों से जाम लगने के साथ अक्सर दुर्घटनायें भी घटित होती रहती हैं। पार्किंग का न होना लोगों के बीच आपसी विवादों की वजह भी बनता है। बैकों को उपभोक्ताओं की समस्याओं से कोई सरोकार नहीं है। पार्किंग के मामले में सबसे बदहाल स्थिति सेेन्ट्रल बैंक की है। यह बैंक एक 8 से 10 फुट चौड़ी गली पर स्थित है। बैंक में लेन-देन के लिये आये उपभोक्ता अपने वाहन सडक़ पर खड़े करते हैं, जिससे वाहन चालक तो क्या राहगीरों का पैदल चलना भी दूभर हो जाता है।







