कटनी/शाहनगर, यशभारत। कटनी जिले से सटे शाहनगर थाना क्षेत्र के अंतर्गत ग्राम गजंदा में नवविवाहिता की संदिग्ध मौत का चौंकाने वाला मामला सामने आया है। 22 वर्षीय सावित्री बाई लोधी की 7 जुलाई को जिला अस्पताल कटनी में मौत हो गई थी। शुरुआत में परिजनों की ओर से उसकी मौत छत की सीढिय़ों से गिरने के कारण होना बताया गया लेकिन पुलिस की जांच जैसे-जैसे आगे बढ़ी, मामला संदिग्ध होता चला गया। मृतिका नवविवाहिता होने के कारण मामले की जांच एसडीओपी पवई भावना दांगी को सौंपी गई। पुलिस ने घटनास्थल का निरीक्षण किया, फोटोग्राफी कराई। नक्शा मौका तैयार किया और मायके तथा ससुराल पक्ष के लोगों के बयान दर्ज किए। इसके बाद पोस्टमार्टम रिपोर्ट ने जांच की दिशा बदल दी। रिपोर्ट में गले पर लिगेचर सामग्री के दबाव से दम घुटने की आशंका सामने आई। विसरा जांच के लिए एफएसएल सागर भेजा गया और पोस्टमार्टम रिपोर्ट पर डॉक्टर से क्यूरी भी कराई गई। गवाहों के बयान और अन्य परिस्थितिजन्य साक्ष्यों के आधार पर पुलिस को मामला हादसा नहीं बल्कि हत्या का होने का संदेह हुआ। पुलिस के अनुसार 7 जुलाई की शाम करीब 5 से 6 बजे के बीच सावित्री बाई और उसके पति जगदीश उर्फ बौरा के बीच विवाद हुआ था। आरोप है कि इसके बाद जगदीश ने सावित्री को छत पर फंदे से लटका दिया। बाद में घटना को सीढिय़ों से गिरने की कहानी बताकर छिपाने का प्रयास किया गया। मुख्य आरोपी जगदीश उर्फ बौरा मूक बधिर है। पुलिस ने मूक बधिर एक्सपर्ट की मदद से उसके कथन कराए।
वास्तविक घटना को छिपाया
पुलिस के अनुसार कथनों में आरोपी ने घटना को कारित करना स्वीकार किया। वहीं अम्मू लोधी पर घटना से जुड़े साक्ष्य छिपाने और वास्तविक घटना को छिपाने का आरोप लगाया गया। पुलिस ने दोनों आरोपियों को गिरफ्तार कर शनिवार सुबह न्यायालय पवई में पेश किया, जहां से उन्हें जेल भेज दिया गया। पूरी कार्रवाई में एसपी पन्ना निवेदिता नायडू के निर्देशन में एसडीओपी पवई भावना दांगी, शाहनगर थाना प्रभारी डीएसपी परसराम डाबर, उप निरीक्षक संतोष मसराम, प्रधान आरक्षक हेमेन्द्र सिंह, आरक्षक राकेश और महिला आरक्षक राजकुमारी का सराहनीय योगदान रहा। फिलहाल मामले की विवेचना जारी है और एफएसएल रिपोर्ट का इंतजार है। हालांकि पुलिस द्वारा लगाए गए आरोपों पर अंतिम फैसला न्यायालय में होगा।