लोकल लीडर्स से समन्वय बनाकर ऑब्जर्वर तय करेंगे जिला कार्यकारिणी, भाजपा की हेमंत शैली में अब सबकी सुनवाई

कटनी, यशभारत। जिला कार्यकारिणी और अन्य नियुक्तियों में लोकल लीडर्स के बीच समन्वय स्थापित करने भाजपा ने पर्यवेक्षक तैनात कर दिए हैं। कटनी के लिए रमेश भटेरे और सुजीत जैन को ऑब्जर्वर बनाया गया है। जल्द ही ये दोनों कटनी आकर जिलाध्यक्ष, विधायकों समेत अन्य सीनियर्स से मुलाकात कर जिला कार्यकारिणी के नाम फाइनल करेंगे। सूत्र बताते हैं कि सभी की रजामंदी के बाद एक अंतिम सूची बनेगी और उसी को प्रदेश से हरी झंडी मिलेगी।
संगठन में निजाम बदलते ही जिला कार्यकारिणी और सरकार में राजनीतिक नियुक्तियों के लिए भाजपा ने नई व्यवस्था बना दी है। पार्टी के नए प्रदेश अध्यक्ष हेमंत खंडेलवाल ने तय किया है कि सभी जिलों में दो-दो ऑब्जर्वर जाएंगे। ये स्थानीय स्तर पर न केवल जन प्रतिनिधियों और नेताओं से बात करेंगे, बल्कि पारदर्शी तरीके से नामों की सूची बनाएंगे। इन्हें सात दिन का समय दिया गया है। आगामी 17-18 अगस्त तक इनसे नाम ले लिए जाएंगे। नए नाम आने के बाद ही जिलों में कार्यकारिणी, एल्डरमैन, बचे हुए मंडल अध्यक्ष, जनभागीदारी समितियां और मंडलों की समितियों में नियुक्तियों का निर्धारण इसी आधार पर होगा।
पार्टी के नेता इसे ‘हेमंत शैली’ बता रहे हैं। उनका कहना है कि पार्टी ने संगठन को और अधिक मजबूत करने के साथ सामूहिक निर्णय लेने की प्रक्रिया को आगे बढ़ाया है। भाजपा में संभाग प्रभारी तैनात हैं, लेकिन इन्हें 2-3 साल हो गए हैं। पार्टी चाहती है कि नए लोग आएं तो अच्छे कार्यकर्ता निकलें। ये ऑब्जर्वर वरिष्ठ नेता, प्रदेश पदाधिकारी, पूर्व सांसद, पूर्व विधायक और पूर्व जिलाध्यक्ष जैसे अनुभवी और संगठन के कार्यकर्ताओं में से होंगे। पार्टी का मानना है कि इससे किसी जिलाध्यक्ष की मनमानी नहीं चलेगी। न ही किसी एक जनप्रतिनिधि की पसंद से संगठन संचालित होगा। अभी तक हर जिले में जिलाध्यक्ष और स्थानीय विधायकों के लोगों का दबदबा होता था। नई व्यवस्था से अब निर्णयों में सामूहिक सहभागिता, संस्थागत प्रक्रिया और संगठनात्मक अनुशासन दिखाई देगा। जिलाध्यक्षों का निर्णय हुए 4 माह और मंडल अध्यक्षों को बने हुए करीब 5 माह का समय हो गया है। अभी तक इनकी टीम नहीं बनी है। इसी को बनाने का काम ऑब्जर्वर करेंगे।









