राखियां बंधवाकर पेंच नेशनल पार्क प्रबंधन दे रहा बाघ संरक्षण का संदेश :बाघ का मुखोटा लगाकर बांधी जा रही राखी,बनाई गई 15 हजार राखियों

सिवनी यश भारत:-भाई-बहन के रिश्तों का पर्व रक्षाबंधन आज शनिवार को हर्षोल्लास के साथ मनाया जा रहा है। इस दिन बहनें अपने भाइयों की कलाई पर राखी बांधकर उनकी लंबी उम्र, सुख समृद्धि व सुरक्षा की कामना कर रही हैं। भाई भी जीवन भर बहनों की रक्षा करने का वचन दे रहे हैं। हैं। पर्व को लेकर सभी में उत्साह है तो वहीं बाजार में रौनक देखने को मिल रही है। जगह जगह सजी दुकानों में आकर्षक फैंसी राखियों के साथ कई तरह सामग्री की खरीददारी करने लोग बड़ी संख्या में पहुंच रहे हैं। कपड़ा दुकानों में जहां खरीदारी शुरु है तो मिठाई दुकानदार भी तैयारियों में लगे हुए हैं। बाजारों में लोग खरीदारी करने लगे हैं।
रक्षाबंधन के त्योहार को लेकर बसों व ट्रेनों में यात्रियों की भीड़ बढ़ने लगी है। लंबे रूट की बसों में पहले से ही बुकिंग लोगों ने करा ली है। ट्रेनों में भी भीड़ बढ़ गई है।
राखियां बांधकर पेंच प्रबंधन दे रहा बाघ संरक्षण का संदेश
रक्षाबंधन का पर्व पर पेंच टाईगर रिजर्व प्रबंधन द्वारा बाघों की संरक्षण का अभियान चलाया जा रहा है। प्रबंधन द्वारा लगभग 15 हजार राखियों तैयार कराई गई हैं। वनकर्मियों तथा वन समिति के सदस्यों द्वारा बाघ का मुखौटा लगाकर वन क्षेत्र में रहने वाले ग्रामीणों व नागरिकों को बाघ संरक्षण पर जागरूक करने बाघ का मोनो लगाकर तैयार राखियां बांधी जा रही है। इस दौरान वन्यजीवों, जंगल और बाघ के संरक्षण का संकल्प भी दिलाया जा रहा है। पेंच टाइगर रिजर्व के डिप्टी डायरेक्टर रजनीश सिंह ने बताया कि बाघ का संरक्षण करना एक बहुत बड़ी चुनौती है। और जिस तरह से हमारे प्रदेश
और देश में बाघों की संख्या लगातार बढ़ रही है। ऐसे में जब तक हमें प्रत्येक नागरिक का सहयोग नहीं मिलेगा बाघ संरक्षण नहीं हो सकता है। बाघ व मानव द्वंद को कम करने की दिशा में कदम उठाते हुए 2022 में पेंच प्रबंधन ने रक्षा बंधन पर्व से इस अभियान को प्रारंभ किया क्योंकि भारतीय संस्कृति प्रेम और सुरक्षा का सबसे बड़ा प्रतीक रक्षा बंधन पर्व है। इसी भावना से बाघ रक्षा दिवस के रूप में रक्षाबंधन पर्व के दौरान इस अभियान को बीते तीन वर्षों से चलाया जा रहा है। इस वर्ष भी लगभग 15 हजार राखियां तैयार कराई गई है। और राखियां लेकर वन अमला बाघ संरक्षण को लेकर बाघ का मुखोटा पहनकर रखी बांध रहा है।







