यूरीन जांच मशीन कई दिनों से बंद, विजयराघवगढ़ हॉस्पिटल से जांच कराकर मरीजों को दी जा रही रिपोर्ट, सेवा में कमी के चलते निजी पैथोलॉजी संचालक पर होगी पेनाल्टी की कार्रवाई

कटनी, यशभारत। जिला चिकित्सालय के पैथोलॉजी विभाग में यूरीन जांच की मशीन कई दिनों से से बंद होने की वजह से मरीजों को काफी दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है। बताया जाता है कि अस्पताल प्रबंधन द्वारा मरीजों के सेम्पल लेकर विजयराघवगढ़ हॉस्पिटल की पैथोलॉजी सें जांच कराई जा रही है और मरीजों को रिपोर्ट दी जा रही है लेकिन इसमे समय लगने के कारण मरीजों का समय पर उपचार नहीं हो पा रहा है। जानकारी के मुताबिक निजी ठेके पर संचालित पैथोलॉजी में मशीन बंद होने को लेकर अस्पताल प्रबंधन द्वारा पैथोलॉजी संचालक के विरूद्ध कार्रवाई किए जाने की कही जा रही है। मरीजों ने अपनी शिकायत में बताया कि जिला चिकित्सालय में संचालित पैथोलॉजी विभाग की यूरीन जांच मशीन पिछले कई दिनों से बंद है। मशीन में तकनीकी खराबी के बाद यूरीन के सेम्पल की जांच नहीं हो पा रही है। जिला चिकित्सालय में हर दिन बड़ी संख्या में मरीज इलाज कराने आते हैं। इसमे यूरीन जांच के मरीज भी शामिल है लेकिन यूरीन जांच मशीन खराब होने की वजह से उन्हें या तो बिना जांच कराए वापस लौटना पड़ता है या फिर निजी पैथोलॉजी सेंटर से जांच करानी पड़ रही है।
चूहों ने कुतरे तार, पार्ट्स भी खराब
बताया जाता है कि पैथोलॉजी विभाग में लगी यूरीन जांच मशीन में लगे तार को चूहों ने कुतर दिया है, जिससे मशीन बंद हो गई है। इसके अलावा मशीन का कोई पार्ट्स भी खराब हो गया है। जो कि भोपाल से आना है। जिसकी वजह से कई दिनों से मशीन बंद पड़ी हुई है। निजी पैथोलॉजी संचालक द्वारा मशीन में सुधार के लिए प्रयास नहीं किए जाने की वजह से मरीज परेशान है।
भोपाल की कम्पनी के पास है पैथोलॉजी का ठेका
एक जानकारी में यह भी पता चला है कि कटनी जिला चिकित्सालय में पैथोलॉजी का ठेका भोपाल की साइंस हाऊस कम्पनी के पास है। जिला चिकित्सालय में निजी ठेके पर संचालित पैथोलॉजी में मरीजों को शासन द्वारा निर्धारित दरों पर जांच की सुविधा उपलब्ध कराई गई है, इसके बाद भी समय पर न तो जांच हो पा रही है और न ही इलाज।
पहले भी लग चुकी है पेनाल्टी
पैथोलॉजी संचालक की लापरवाही का अंदाजा इसी से लगाया जा सकता है कि पूर्व में भी यहां मशीन खराब होने की वजह से मरीजों के सेम्पल की जांच नहीं हो पाई थी। शिकायत मिलने के बाद अस्पताल प्रबंधन द्वारा पैथोलॉजी संचालक के खिलाफ 40 हजार रूपए की पेनाल्टी लगाई गई थी और अब यूरीन जांच मशीन बंद होने के बाद एक बार फिर पैथोलॉजी संचालक के विरूद्ध पेनाल्टी लगाई जाएगी।
इनका कहना है
जिला चिकित्सालय में शासन के निर्देशानुसार पैथोलॉजी का संचालन निजी ठेके पर दिया गया है। यूरीन जांच की मशीन खराब होने के बाद विजयराघवगढ़ हॉस्पिटल से जांच कराकर मरीजों को रिपोर्ट दी जा रही है। सेवा में कमी को लेकर पैथोलॉजी संचालक के विरूद्ध पेनाल्टी भी लगाई जा रही है।
-डॉ. यशवंत वर्मा, सिविल सर्जन
जिला चिकित्सालय, कटनी







